बीएसएफ खड़का कैम्प में महिला नवआरक्षकों की भव्य पासिंग आउट परेड, 447 नवआरक्षक देश सेवा में हुए शामिल
होशियारपुर, 07 फरवरी:
सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), खड़का कैम्प के शहीद सतपाल चौधरी परेड ग्राउंड, होशियारपुर में शनिवार को बैच संख्या 275 व 276 की महिला नवआरक्षकों की भव्य पासिंग आउट परेड एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 447 महिला नवआरक्षक सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर देश सेवा के लिए बल में शामिल हुईं।
समारोह के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया रहे। उनका स्वागत महानिरीक्षक सहायक प्रशिक्षण केन्द्र खड़का, चारू ध्वज अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर सहायक प्रशिक्षण केन्द्र का समस्त स्टाफ, उनके परिवारजन, प्रशिक्षणार्थी, बीएसएफ के सेवानिवृत्त अधिकारी, महिला नवआरक्षकों के परिजन तथा जिले के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
परेड के दौरान मुख्य अतिथि को जनरल सैल्यूट देकर सम्मानित किया गया तथा उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण के दौरान इनडोर एवं आउटडोर विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला नवआरक्षकों को मुख्य अतिथि द्वारा पदकों से सम्मानित किया गया। परेड का नेतृत्व महाराष्ट्र की महिला नवआरक्षक सैयद सानिया फिरोज ने किया।
नवआरक्षकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने परेड के दौरान उनके आत्मविश्वास, अनुशासन, कौशल और समन्वय की सराहना करते हुए इसे परेड की पहचान बताया। उन्होंने बीएसएफ को करियर के रूप में चुनने के लिए नवआरक्षकों और उनके अभिभावकों की प्रशंसा की, जिन्होंने अपनी बेटियों को देश सेवा के लिए सीमा सुरक्षा बल में भेजा। राज्यपाल ने नवआरक्षकों से साहस, निष्ठा और समर्पण के साथ राष्ट्र सेवा करने का आह्वान किया।
उन्होंने महानिरीक्षक चारू ध्वज अग्रवाल, कमांडेंट (प्रशिक्षण) बीरेंद्र कुमार एवं पूरी प्रशिक्षण टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक परिश्रम से ही ये नवआरक्षक शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त प्रहरी बनकर उभरी हैं। राज्यपाल ने नवआरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में वह पहले भी पदयात्रा कर चुके हैं और शीघ्र ही तीन सीमावर्ती जिलों में चार दिवसीय पदयात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि सफलता कब मिलेगी, लेकिन सतत और समर्पित प्रयासों से ही इस सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है।
सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से हो रही तस्करी पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने बताया कि पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पहले चरण में 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किए गए हैं तथा केंद्र सरकार द्वारा 23 अतिरिक्त एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही पंजाब सरकार ने भी 10 करोड़ रुपए का सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इच्छा है कि पंजाब की पाकिस्तान से लगती पूरी 563 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को एंटी-ड्रोन सिस्टम से कवर किया जाए, ताकि कोई भी ड्रोन सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
परेड के उपरांत विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता हुआ रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, एसडीएम गुरसिमरनजीत कौर सहित बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, जवानों के परिजन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे परेड ग्राउंड में देशभक्ति और गर्व का वातावरण देखने को मिला।


