वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा ओ.टी.एस-2025 की सफलता की सराहना; पंजाब ने 110 करोड़ रुपये वसूले और अंतिम तिथि में की बढ़ोतरी

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा ओ.टी.एस-2025 की सफलता की सराहना; पंजाब ने 110 करोड़ रुपये वसूले और अंतिम तिथि में की बढ़ोतरी

चंडीगढ़, 6 फरवरी, 2026ः

पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां ‘एकमुश्त निपटारा योजना, 2025’ (ओ.टी.एस-2025) की बड़ी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के द्वारा अब तक जहां राज्य सरकार को 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, वहीं राज्य के व्यापारी वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत मिली है।

यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा पंजाब के वित्त एवं आबकारी तथा कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 01 अक्टूबर, 2025 को ओ.टी.एस-2025 की शुरुआत से लेकर अब तक कर विभाग को 7654 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 38,477 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व छूट दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना को मिला भारी समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उस नीति की सफलता को दर्शाता है, जो लंबी मुकदमेबाजी के बजाय स्वैच्छिक कर पालना को प्राथमिकता देती है।

संबंधित औद्योगिक संगठनों के सुझावों के प्रति सरकार के सकारात्मक रुख का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में यह बढ़ोतरी योजना की सकारात्मक गति और औद्योगिक संगठनों की मांगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त समय योग्य करदाताओं को अपनी देनदारियों का मूल्यांकन करने और पारदर्शी एवं सरल तरीके से निपटारा करने का पूरा अवसर प्रदान करेगा।

कारोबार करने की सुगमता और व्यापार-अनुकूल कर माहौल सृजन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ओ.टी.एस-2025 सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट देकर कारोबारों के वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करती है।

उन्होंने आगे बताया कि यह योजना मूल कर में भी स्लैब के अनुसार बड़ी छूट प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये तक के बकाया के लिए 50 प्रतिशत छूट, 1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के बकाया के लिए 25 प्रतिशत छूट और 25 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया के लिए 10 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब जनरल सेल्ज़ टैक्स एक्ट 1948 की धारा 14-बी और पंजाब वैट एक्ट 2005 की धारा 51 के तहत भी इसी प्रकार की राहत उपलब्ध कराई गई है।

व्यापारियों और करदाताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वे सभी योग्य करदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने पुराने बकाया निपटाने और राज्य के राजस्व में सहयोगी भावना से योगदान देने के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां सरकार सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया न निपटाने वालों के खिलाफ व्यवस्था में निष्पक्षता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कानून अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि सरकारी अनाज एजेंसियों को छोड़कर बाकी सभी करदाता स्टेट टैक्स के सहायक आयुक्त (ए.सी.एस.टी) के कार्यालय में फॉर्म ओ.टी.एस-01 जमा करके इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।