पंजाब कर विभाग की बड़ी प्रवर्तन मुहिम: 170 वाहन जब्त, 5 करोड़ रुपये से अधिक का सामान बरामद: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 14 सितंबर 2026:
पूरे पंजाब में चलाई गई एक व्यापक प्रवर्तन मुहिम के तहत आबकारी एवं कर विभाग ने जीएसटी नियमों के उल्लंघन के संदेह में सामान ले जा रहे 170 वाहनों को पकड़ा। यह कार्रवाई सभी स्टेट इन्वेस्टिगेशन और प्रिवेंटिव यूनिटों द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस दौरान मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया तथा 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लोहे का स्क्रैप और तैयार लोहा एवं स्टील का सामान जब्त किया गया।
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने इस मुहिम को “उन लोगों के लिए एक चेतावनी बताया जो सोचते हैं कि वे हेराफेरी करके बच सकते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार हर खामी को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है कि कर अनुपालन रोजमर्रा का नियम बने, न कि कोई विकल्प।
कर मंत्री ने कहा, “हमने एक स्पष्ट लकीर खींच दी है। जो लोग बिना दस्तावेजों वाले सामान को ले जाने का प्रयास करेंगे, वे जल्द ही कानून की गिरफ्त में होंगे।”
इस प्रवर्तन मुहिम के विवरण का खुलासा करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि बड़ी संख्या में वाहन उचित बिलों और निर्धारित दस्तावेजों के बिना पाए गए, जो जीएसटी कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि पंजाब कर चोरों को राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगा। करों का प्रत्येक रुपया सरकारी खजाने में पहुंचना चाहिए, क्योंकि यही राज्य के विकास की जीवनरेखा है।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि जब्त की गई खेपों की बारीकी से जांच की जा रही है और इसके एक सप्ताह के भीतर पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद देय कर और कानूनी बकाया की गणना एवं वसूली सहित उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को उनके किए का खामियाजा भुगतना पड़े।
इस बात पर जोर देते हुए कि यह कार्रवाई पंजाब भर में कर अनुपालन को मजबूत करने और बिना दस्तावेजों वाले सामान की आवाजाही रोकने के लिए विभाग के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह कोई एक बार की कार्रवाई नहीं है। व्यावसायिक गतिविधियों में अनुशासन पैदा करने के लिए यह एक निरंतर अभियान है। सरकार का संदेश स्पष्ट है—नियमों के अनुसार चलें या फिर खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें।”


