पंजाब पहली बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी कर इतिहास रचेगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़, 14 सितंबर
पंजाब पहली बार 'हॉकी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026' की मेज़बानी कर इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज एशियाई हॉकी महासंघ के अधिकारियों की मौजूदगी में इस टूर्नामेंट का लोगो जारी किया। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेज़बानी को पंजाब के लिए बेहद गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा और इसके लीग मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे।
इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान सहित हॉकी की छह प्रमुख टीमें हिस्सा लेंगी। इस दौरान सबसे अधिक प्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबला पहली नवंबर (पंजाब दिवस) को शाम 7 बजे जालंधर में खेला जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस चैंपियनशिप के आयोजन के लिए 25.40 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है और समूचा सरकारी तंत्र इसे सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है। युवाओं और हॉकी प्रेमियों को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से सभी मैचों के लिए प्रवेश बिल्कुल मुफ्त रखा गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' अकाउंट पर जानकारी देते हुए कहा, "हमारे लिए यह बेहद गर्व की बात है कि पंजाब पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट, 'हॉकी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026' की मेज़बानी करने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के लीग मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान सहित छह प्रमुख देश हिस्सा लेंगे। पहली नवंबर को 'पंजाब दिवस' के अवसर पर शाम 7 बजे जालंधर में भारत और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक मुकाबला होगा। युवाओं को खेलों और खेल मैदानों से जोड़ने के लिए हमारी सरकार द्वारा सभी मैचों के लिए प्रवेश बिल्कुल मुफ्त रखा गया है। इस खेल का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचें और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें। इंकलाब जिंदाबाद।"
आज यहां मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ऐतिहासिक 'मेन्स एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026' पंजाब के लिए सिर्फ एक हॉकी टूर्नामेंट नहीं है। यह उस धरती पर इस खेल की वापसी है, जिसने भारतीय हॉकी के कई नायकों को जन्म दिया है। पंजाब पहली बार अपनी धरती पर इतने बड़े स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेज़बानी कर रहा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब सरकार इसे पूरे भारत और दुनिया भर के खिलाड़ियों, दर्शकों और हॉकी प्रेमियों के लिए एक अविस्मरणीय खेल आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने कहा कि हॉकी का खेल पंजाब के कण-कण में बसा हुआ है और "यह खेल और पंजाबी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।"
उन्होंने कहा, "संसारपुर, खुसरोपुर और मिठापुर से लेकर पूरे राज्य के सैकड़ों गांवों तक पंजाब की धरती ने कई ओलंपियन, राष्ट्रीय चैंपियन और कप्तान पैदा किए हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "इन महान खिलाड़ियों ने दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों पर भारतीय तिरंगे को गर्व से लहराया है। भारतीय हॉकी में पंजाब का योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है; यह हमारी पहचान का अभिन्न अंग है।"
उन्होंने कहा कि पंजाब ने 50 से अधिक ओलंपिक पदक विजेता और 10 राष्ट्रीय कप्तान पैदा किए हैं, जिनमें ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह और अजीत पाल सिंह जैसे महान खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, "आज भी यह परंपरा जारी है। पेरिस 2024 ओलंपिक के दौरान पंजाब के 10 खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और हरमनप्रीत सिंह ने राष्ट्रीय टीम की अगुवाई की।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "इसलिए जब पंजाब 'एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी' की मेज़बानी करेगा तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ एक और टूर्नामेंट नहीं होगा। यह विश्वस्तरीय सुविधाओं और शानदार तैयारियों के साथ भारतीय हॉकी के गढ़ में एक उत्सव जैसा होगा।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है कि पंजाब आने वाले खिलाड़ियों और टीमों को इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए बेहतर सुविधाएं मिलें।" उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टूर्नामेंट के लिए कुल 25.40 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिसमें से 22.96 करोड़ रुपये चैंपियनशिप से संबंधित दो प्रमुख स्थलों को अपग्रेड करने पर खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया, "जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के लिए 14 करोड़ रुपये और मोहाली स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह (सीनियर) अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के लिए 8.96 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यह केवल बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजना नहीं है, बल्कि पंजाब के खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में किया गया निवेश है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जालंधर में उद्घाटन समारोह और लीग चरण के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे, जबकि मोहाली में निर्णायक सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेले जाएंगे। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है। यहां आने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को यह महसूस होना चाहिए कि पंजाब ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान की हैं और प्रत्येक दर्शक को इस अनुभव पर गर्व महसूस होना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी से यह चैंपियनशिप और भी महत्वपूर्ण बन जाएगी। उन्होंने कहा, "एशिया के प्रमुख हॉकी खेलने वाले देशों में भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन मुकाबला करेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश रिजर्व टीमों के रूप में शामिल होंगे।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी पूरे क्षेत्र और देशभर के हॉकी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जालंधर में पहली नवंबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला इस टूर्नामेंट के प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा। यह मैच 'पंजाब दिवस' के दिन ही खेला जाएगा, जिससे पंजाब के लोगों के लिए यह अवसर और भी खास बन जाएगा। भले ही हॉकी के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ा मुकाबला होता है, लेकिन खेल की अपनी अलग भाषा होती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के हॉकी महासंघों के बीच खेलों के लिए सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार चाहती है कि यह टूर्नामेंट प्रतिस्पर्धा की वास्तविक भावना को दर्शाए, जहां मैदान में कड़ा मुकाबला हो, लेकिन मैदान के बाहर आपसी सम्मान भी कायम रहे।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हॉकी प्रेमियों के लिए भारत-पाकिस्तान मैच नफरत का विषय नहीं है, बल्कि यह हॉकी के जुनून, दर्शकों के आनंद और खेल की वास्तविक भावना का प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह टूर्नामेंट हर पंजाबी के लिए है” और घोषणा की कि सभी मैचों के लिए प्रवेश पूरी तरह मुफ्त होगा। उन्होंने कहा, “किसी भी युवा विद्यार्थी, उभरते हॉकी खिलाड़ी या आम खेल प्रेमी को अंतरराष्ट्रीय सितारों को देखने से केवल इसलिए वंचित नहीं रहने दिया जाएगा कि वे टिकट नहीं खरीद सकते।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने हॉकी को अपना दिल दिया है, इसलिए जब अंतरराष्ट्रीय हॉकी पंजाब में लौट रही है तो लोगों को बिना किसी वित्तीय बाधा के इसे देखने का अवसर मिलना चाहिए।”
उन्होंने एनआरआई (प्रवासी भारतीयों), स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों, युवा एथलीटों, हॉकी अकादमियों, खेल संघों, पूर्व खिलाड़ियों और मीडिया कर्मियों से जालंधर और मोहाली में इन खेल मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा, “अपने परिवारों और बच्चों को उसी उत्साह के साथ लेकर आएं, जिस उत्साह से पंजाबियों ने हमेशा इस खेल का जश्न मनाया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये स्टेडियम पंजाबी भावना की आवाज से गूंजने चाहिए और बच्चों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी सितारों को करीब से देखने तथा अगले हरमनप्रीत सिंह, बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह और अन्य महान खिलाड़ी बनने का सपना देखने का उचित अवसर मिलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार इस टूर्नामेंट को बड़े महाकुंभ में बदलने के लिए पूरे पंजाब में व्यापक अभियान चलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों को जागरूकता और प्रचार गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। “हॉकी अकादमियों और जमीनी स्तर के खेल केंद्रों को टूर्नामेंट से जोड़ा जाएगा। युवा खिलाड़ियों को मैचों में शामिल होने और खेल के माहौल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी पंजाब में आ रही है। पंजाबी इसे घर बैठकर नहीं देखेंगे, बल्कि बड़ी संख्या में स्टेडियमों में पहुंचेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्घाटन समारोह और लीग चरण 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में होंगे। उन्होंने कहा कि बेसब्री से प्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच 1 नवंबर को होगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इसके बाद टूर्नामेंट का अगला चरण ओलंपियन बलबीर सिंह (सीनियर) इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, मोहाली में होगा, जहां 4 नवंबर को सेमीफाइनल मैच खेले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चैंपियनशिप का समापन 5 नवंबर को मोहाली में शानदार फाइनल और समापन समारोह के साथ होगा। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम पंजाब को अपने दो सबसे महत्वपूर्ण हॉकी केंद्रों को प्रदर्शित करने का अवसर देता है—जालंधर, जो दोआबा का औद्योगिक और खेल हृदय है, और मोहाली, जो पंजाब का आधुनिक खेल केंद्र है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रतिष्ठित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी एक व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “पंजाब का खेल क्रांति अभियान जारी रहेगा। प्रतिष्ठित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेज़बानी एक प्रगतिशील विजन का हिस्सा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 1,743 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक खेल बजट रखा है और 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 750 का उद्घाटन हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही 6,000 आधुनिक जिम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 500 पहले ही कार्यशील हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एथलीटों के लिए प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता को भी काफी हद तक बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ओलंपिक की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जबकि एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी कर रहे एथलीटों को 8 लाख रुपये मिलते हैं।”
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि 2022 से अब तक 40,000 से अधिक खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, “ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए हमारी सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है। स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये दिए जाते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार एक एथलीट का सम्मान करने, तैयारी के दौरान एथलीट का साथ देने और जीत के बाद एथलीट का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हॉकी को फिर से लोगों तक ले जाना चाहता है। “हमारा राष्ट्रीय खेल केवल स्टेडियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह गांवों, स्कूलों, अकादमियों और खेल मैदानों की शोभा बनना चाहिए। हमारी सरकार चाहती है कि हर बच्चा खेलों को करियर के विकल्प के रूप में अपनाए और गरीबी या अवसरों की कमी प्रतिभा के प्रदर्शन में बाधा न बने। उन्होंने आगे कहा कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी को पूरे पंजाब में एक नई खेल लहर खड़ी करने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि खेल दौरे पर आने वाली टीमें पंजाबियों की मेहमाननवाजी का बेहतरीन अनुभव करेंगी। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया पंजाब की मेहमाननवाजी की गवाह बनेगी: एक ऐसी धरती जहां हॉकी केवल खेली नहीं जाती, बल्कि जी जाती है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत 2030 में हॉकी विश्व कप की मेज़बानी करेगा और पंजाब भी निश्चित रूप से उन प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के मैचों की मेज़बानी के लिए अपना दावा पेश करेगा। “एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का सफल आयोजन उस दावे को मजबूत करेगा। हमारी सरकार केवल दो स्टेडियम तैयार नहीं कर रही, बल्कि खेल जगत के लिए संदेश तैयार कर रही है। पंजाब स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ”हमारे पास सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेज़बानी करने के लिए बुनियादी ढांचा, प्रतिभा, जुनून और खेल संस्कृति मौजूद है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026, हॉकी के साथ-साथ पंजाब और देश की खेल भावना का उत्सव होगी।”
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक पंजाबी, प्रत्येक भारतीय और हर हॉकी प्रेमी को इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने तथा 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब को एशिया की हॉकी राजधानी बनाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार इस आयोजन को बड़े स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। हॉकी स्टिकें भिड़ेंगी, गोलों की गूंज सुनाई देगी और इस विशाल खेल महाकुंभ में तिरंगा शान से लहराएगा।”
इस अवसर पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, महानिदेशक कमांडर आर.के. श्रीवास्तव, कार्यकारी बोर्ड सदस्य आर.पी. सिंह, हॉकी पंजाब के प्रधान नितिन कोहली और अन्य उपस्थित थे।


