पहली बार पंजाब ने गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ सख्त और मिसाली कार्रवाई की-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पहली बार पंजाब ने गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ सख्त और मिसाली कार्रवाई की-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़; 14 सितंबर:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि एक ओर उनकी सरकार गैंगस्टरों और नशों की बुराई के खिलाफ निर्णायक जंग लड़ रही है, दूसरी ओर विपक्षी दल पंजाब के लिए कोई दृष्टिकोण पेश करने के बजाय मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए हर दुखद घटना का सहारा लेकर 'गिद्धों वाली राजनीति' कर रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी से अब तक 10 गैंगस्टरों को विदेशों से पंजाब वापस लाया गया है और सरकार की सख्ती के बाद पाकिस्तान से आने वाले लगभग 80 प्रतिशत नशों का खात्मा कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार अब गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से हो रही नशों की सप्लाई पर शिकंजा कसेगी। नशों के रूट को लेकर भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की रक्षा कर ले तो पंजाब में नशों की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि "गैंगस्टरों को पालने वाली" कांग्रेस और अकाली दल को कानून-व्यवस्था पर बोलने का कोई हक नहीं है और उन्होंने तीनों विपक्षी पार्टियों को अपनी "गंदी राजनीति" बंद करके लोगों के सामने पंजाब के लिए दृष्टिकोण पेश करने का न्योता दिया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्ष की 'गिद्धों वाली राजनीति' पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जब आपके पास कोई मुद्दा नहीं होता तो आप हर दुखद घटना पर राजनीति करने लग जाते हैं। यह लोग सेवा की राजनीति नहीं है, यह गिद्धों वाली राजनीति है। पंजाब इस घटिया राजनीति से बेहतर का हकदार है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई की सराहना करने के बजाय विपक्षी दल सियासी फायदे के लिए जानबूझकर डर का माहौल पैदा करने और पंजाब को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। पंजाब सिर्फ एक सीमावर्ती राज्य नहीं है बल्कि देश का प्रवेश द्वार (गेटवे) और भारत का गहना है। कुछ इक्का-दुक्का घटनाओं के नजरिए से पूरे राज्य को चित्रित करने की कोई भी कोशिश पंजाब और इसके लोगों को बदनाम करने की जानबूझकर की गई कोशिश है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के गठजोड़ को तोड़ने के लिए एक व्यापक रूपरेखा को अमल में लाई। मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी लड़ाई सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। हम नेटवर्क की पहचान कर रहे हैं, खेपों की सप्लाई रोक रहे हैं, वित्तीय साधन बंद कर रहे हैं और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। पंजाब पुलिस दिन-रात काम कर रही है और हमने अपराधियों को सूबे का एजेंडा तय करने की इजाजत नहीं दी। नशों और गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल लोगों का बिना किसी सियासी सांझ या प्रभाव के लगातार पीछा किया जा रहा है।"
नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, "532 किलोमीटर लंबी सीमा पार से पंजाब में नशा तस्करी करने की असफल कोशिशें की जा रही हैं। पंजाब में भेजी जा रही खेपें छोटे पैकेटों में हो सकती हैं, लेकिन भाजपा, विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए कि भाजपा शासित राज्यों में टनों के हिसाब से ऐसी खेपें क्यों मौजूद हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से ऐसे नशों की बड़ी खेप बरामद की है, जो केंद्रीय गृह मंत्री के गृह राज्य में है। केंद्रीय गृह मंत्री अपने राज्य में नशों को रोकने में असमर्थ हैं और पंजाब में नशा विरोधी यात्रा निकालने की योजना बना रहे हैं।"
उन्होंने जोर देकर कहा, "अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से तस्करी को रोकना मुख्य तौर पर केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने नशों को रोकने के लिए अपने फंडों से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं। गुजरात में लाखों टन नशे जब्त किए जा रहे हैं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि पंजाब ने नशों के खिलाफ देश की सबसे बड़ी मुहिम शुरू की है।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, "पूरा देश जानता है कि गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर लगभग 3,000 किलो नशा जब्त किया गया था, पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई सार्थक कार्रवाई नहीं की गई।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगी की है और नशा तस्करी में शामिल हजारों व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, "हमने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ व्यापक रोडमैप अपनाया है। यह सिर्फ व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के बारे में नहीं है। हम नेटवर्क तबाह कर रहे हैं, उनकी सप्लाई चेन को तोड़ रहे हैं, उनके वित्तीय साधनों पर हमला कर रहे हैं और इन अपराधिक सिंडिकेट चलाने वालों का पीछा कर रहे हैं।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "भाजपा के ये मंसूबे सिर्फ पंजाब और पंजाबियों को बदनाम करने के मकसद से हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार ने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिसमें बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां और संगठित अपराध और अपराधिक नेटवर्कों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ देश निकाले की कार्रवाई शामिल है। मौजूदा सरकार को भाषण देने के बजाय विपक्षी दल बताएं कि उनके अपने कार्यकाल के दौरान गैंगस्टर कल्चर और नशा नेटवर्क को बढ़ने-फूलने की इजाजत क्यों दी गई?"
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग वह काले दिन नहीं भूले, जब गैंगस्टरों को सियासी संरक्षण हासिल था और अपराधियों को बेखौफ होकर काम करने की इजाजत दी गई थी।"
अकाली दल, कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अतीत में अपराधिक तत्वों की पुष्पनाही करने वालों के पास आज सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाने का कोई इखलाकी हक नहीं है। उन्होंने कहा, "हर दुखांत पर राजनीति करके इतने नीचे न गिरें, पंजाब ऐसी राजनीति के कारण पहले ही बहुत संताप भोग चुका है।"
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि लोग हल चाहते हैं, विवाद नहीं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "सूबा सरकार नशों और संगठित अपराध के खिलाफ अपने रोडमैप पर बिना किसी समझौते के काम करना जारी रखेगी। पंजाब नशों के खिलाफ लड़ाई में मोहरी होकर उभरा है, पंजाब पुलिस ने बड़ी बरामदगी की है और सप्लाई नेटवर्क को तबाह किया है।"
उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को ऐसी समस्या के लिए बलि का बकरा नहीं बनने देगी जिसके नेटवर्क सूबे से बहुत दूर तक फैले हुए हैं।
सियासी पार्टियों को यात्राओं, बयानों और बिरतांत गढ़कर लोगों को गुमराह करने के खिलाफ चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाबियों को हमेशा के लिए गुमराह नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री ने कहा, "आप पंजाबियों को हमेशा के लिए गुमराह नहीं कर सकते। सूबे के समझदार लोग जानते हैं कि नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ कौन लड़ा और किसने अपराधियों को सियासी पनाह दी। इसी तरह लोग यह भी अच्छी तरह जानते हैं कि कौन सूबे की भलाई के लिए काम कर रहा है और कौन सिर्फ कैमरे की तलाश में है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने ऐतिहासिक तौर पर देश के लिए बड़ा योगदान दिया है और जब भी देश को साहस, कुर्बानी और सेवा की जरूरत पड़ी है, पंजाब हमेशा अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा, "पंजाब योद्धाओं, किसानों, खिलाड़ियों, उद्यमियों और मेहनती लोगों की धरती है। सियासी फायदे के लिए किसी को भी पंजाब को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार पंजाब को अधिक सुरक्षित, नशा मुक्त और खुशहाल बनाने के लिए वचनबद्ध है और सूबे की अमन-शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि "मौकाप्रस्ती की राजनीति" में पड़ने के बजाय, विपक्षी दल को पंजाब के विशाल हितों में सरकार के साथ हाथ मिलाना चाहिए। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सियासी मतभेद सुभाविक हैं, पर जब सवाल पंजाब की शान, इसके नौजवानों और इसके भविष्य का हो, तो हम सभी को संकुचित राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। विपक्षी दल को लोगों को गुमराह करना बंद करना चाहिए और साकारात्मक योगदान पाना शुरू करना चाहिए।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार न तो सियासी आलोचना से डरेगी और न ही अपने मिशन से भटकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "नशा नेटवर्क को कुचलने, गैंगस्टर सिंडिकेट को खत्म करने, हमारे नौजवानों की रक्षा करने और पंजाब का गौरव बहाल करने के लिए सूबे का रोडमैप स्पष्ट है। जो हर घटना में सियासी ऑक्सीजन ढूंढ रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि पंजाब को उनकी राजनीति का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि दरियाई पानियों, राजधानी, पंजाब यूनिवर्सिटी के सिलेबस, खेती कानूनों, बी.बी.एम.बी. और अन्य धक्केशाहियों के मुद्दे बर्दाश्तयोग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब खास है और यह हर लिहाज से विशेष पैकेज का हकदार है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार ने पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी मुहिम शुरू की है। उन्होंने कहा, "साल 2022 से ए.जी.टी.एफ. (एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है। हमने 1170 हथियार, 15 हथगोले, 858.26 किलो हेरोइन, 480.26 किलो अफीम, 3056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। पंजाब पुलिस द्वारा दूसरे देशों से 18 गैंगस्टरों को डिपोर्ट करवाया गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर गैंगस्टरों की समस्या को हल करने में नाकाम रही है। पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की जेल में भाजपा सरकार द्वारा पनाह दी गई है और उसे पंजाब भी नहीं लाने दिया जा रहा।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "गैंगस्टरवाद राष्ट्रीय मुद्दा है जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा है और केंद्र सरकार इसे रोक पाने में असफल रही है। पंजाब सरकार नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगी और सूबे के नौजवानों, अमन-शांति, सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित रखेगी।"