लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने में महिलाओं की अहम भूमिका: पंजाब में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला बी.एल.ओ. सम्मानित
चंडीगढ़, 10 मार्च:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जमीनी स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली महिला बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के समर्पण को मान्यता और सम्मान देने के लिए पंजाब के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला स्तर पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से बेहतर कार्य करने वाली तीन महिला बी.एल.ओ. को संबंधित डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा उनकी उत्कृष्ट सेवा और मतदाता सूची के संशोधन में दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान महिला बी.एल.ओ. के निरंतर प्रयासों को सराहा गया, जो नागरिकों के साथ सीधे संपर्क में रहकर पूरी निष्ठा से कार्य करती हैं और चुनाव आयोग तथा मतदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती हैं।
देश की चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने कहा, “महिला बूथ लेवल अधिकारी हमारी चुनाव प्रणाली की मजबूत और भरोसेमंद ताकत हैं। उनका समर्पण, ईमानदारी और समुदायों के साथ मजबूत जुड़ाव हमारे लोकतंत्र की नींव को सुदृढ़ बनाने में सहायक है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इन महिलाओं के अमूल्य योगदान को मान्यता देना बेहद आवश्यक है, जो स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मेहनत करती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि महिला बी.एल.ओ. पेशेवर दक्षता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ जमीनी स्तर पर नागरिकों से संवाद करती हैं, जिससे चुनाव प्रणाली के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदाता सेवाओं और पहुंच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई कई तकनीक-आधारित पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन पहलों में “बुक ए कॉल” सुविधा शामिल है, जिसके माध्यम से नागरिक सीधे चुनाव सेवाओं से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, चुनाव से संबंधित कई मोबाइल एप्लिकेशनों को एक ही इंटरफेस पर जोड़ने वाले यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट के माध्यम से चुनाव सेवाएं नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल बन रही हैं।
इस सम्मान समारोह के माध्यम से पूरे राज्य में महिला बी.एल.ओ. के समर्पण और पेशेवरता को श्रद्धांजलि दी गई तथा लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने और एक सशक्त एवं जवाबदेह चुनाव प्रणाली सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया गया।


