प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौता पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और ग्रामीण आजीविका पर असर डाल सकता है: लालजीत सिंह भुल्लर

प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौता पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और ग्रामीण आजीविका पर असर डाल सकता है: लालजीत सिंह भुल्लर

चंडीगढ़, 10 मार्च:

पंजाब के परिवहन और जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मंगलवार को पंजाब विधानसभा में चेतावनी दी कि प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौता पंजाब की कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी गई तो इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है और किसानों सहित कृषि से जुड़े कई अन्य वर्गों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों ने अपनी अथक मेहनत और बलिदान से देश को अनाज उपलब्ध कराने में बड़ा योगदान दिया है। लेकिन प्रस्तावित समझौता पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था की स्थिरता को कमजोर कर सकता है, यदि अमेरिका से सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर आयात की अनुमति दी जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब में गेहूं की खेती न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली के तहत होती है, जहां मजदूरी, खाद, बिजली, सिंचाई और अन्य इनपुट सहित उत्पादन लागत काफी अधिक होती है। भारत में गेहूं की प्रभावी खरीद लागत लगभग 2600–2700 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि अमेरिका में उच्च स्तर के मशीनीकरण और किसानों को मिलने वाली भारी सब्सिडी के कारण वहां उत्पादित गेहूं अपेक्षाकृत कम कीमत पर वैश्विक बाजार में उपलब्ध हो सकता है।

लालजीत सिंह भुल्लर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह कीमतों का अंतर पंजाब के किसानों को गंभीर नुकसान की स्थिति में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि इसके प्रभाव केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आढ़तियों, व्यापारियों, दुकानदारों, ट्रांसपोर्टरों और अन्य हितधारकों पर भी पड़ेंगे, जिनकी आजीविका कृषि अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। पंजाब की अर्थव्यवस्था अभी भी बड़े पैमाने पर कृषि पर आधारित है और किसानों को कमजोर करने वाली कोई भी नीति समाज के कई वर्गों को प्रभावित करेगी।

उन्होंने डेयरी क्षेत्र पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डेयरी खेती राज्य के कई किसान परिवारों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण सहायक स्रोत है। यदि अमेरिका से सस्ते डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में आने लगे तो इससे स्थानीय डेयरी किसानों को नुकसान हो सकता है और पंजाब की ग्रामीण आधारित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ कमजोर पड़ सकता है।

पंजाब के मंत्री ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों के विस्तार को बढ़ावा देने वाली नीतियां धीरे-धीरे छोटे और मध्यम किसानों को हाशिये पर धकेल सकती हैं। ऐसी स्थिति में कई किसान आर्थिक संकट की ओर धकेले जा सकते हैं और कृषि संसाधनों तथा भूमि पर कॉरपोरेट नियंत्रण बढ़ सकता है।

किसानों के हितों की रक्षा के लिए आम आदमी पार्टी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार कृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आप सरकार किसानों के भविष्य को खतरे में डालने वाली नीतियों के खिलाफ हर उचित मंच पर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठने की अपील करते हुए लालजीत सिंह भुल्लर ने सदन के सदस्यों से पंजाब और उसके लोगों के व्यापक हित में इस प्रस्ताव का संयुक्त रूप से समर्थन करने का आग्रह किया। 

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