यूपी में एक और छांगुर! 18 लड़कियों का किया शोषण, गर्भपात के बाद बनाता था धर्मांतरण का दबाव

यूपी में एक और छांगुर! 18 लड़कियों का किया शोषण, गर्भपात के बाद बनाता था धर्मांतरण का दबाव

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक साथ डेढ़ दर्जन से अधिक युवतियों को अपने जाल में फसाने वाले लव जिहादी का मामला सामने आया है. चौक कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने मोहम्मद नावेद उर्फ कासिब पठान पर फर्जी पहचान के जरिए प्रेमजाल में फंसाने, बलात्कार, ब्लैकमेलिंग, जबरन गर्भपात और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. इस सनसनीखेज मामले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है.

युवती के अनुसार, दो वर्ष पूर्व फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘शिव वर्मा’ नाम की फर्जी आईडी से उसकी मुलाकात कासिब पठान से हुई. कासिब ने खुद को हिंदू बताते हुए माथे पर तिलक, हाथ में काला धागा और देवी-देवताओं की कसमों से विश्वास जीत लिया. युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और छिपे कैमरे से वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा.

सिंजई मोहल्ले में किराए के कमरे में दुष्कर्म


शिकायत पत्र के अनुसार, आरोपी ने मोहल्ला सिंजई में किराए पर कमरा लिया और वहां बार-बार शिव वर्मा बनकर युवती से जबरन संबंध बनाता रहा. एक दिन मोबाइल की जांच में यह खुलासा हुआ कि कासिब, उसका भाई कैफ और एक अन्य युवक अखिल (पुत्र फिरोज उर्फ गुड्डू) मिलकर हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण व यौन शोषण की साजिश रच रहे हैं. आरोपी के फोन में अन्य कई लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं.

गर्भपात और धर्मांतरण का दबाव, जान से मारने की धमकी


पीड़िता ने यह भी बताया कि जब वह गर्भवती हुई, तो आरोपी कासिब, उसका भाई, पिता, बहन और मां – सभी ने मिलकर उस पर गर्भपात का दबाव बनाया. विरोध करने पर आरोपी ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तीन महीने का गर्भ गिर गया. इसके बाद उससे जबरन मुस्लिम बनने और एक रखैल की तरह रहने के लिए कहा गया. इनकार पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई.

हिंदू संगठनों का धरना, पुलिस पर लापरवाही का आरोप


मामला सामने आने के बाद कई हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया. प्रदर्शनकारियों ने इसे “लव जिहाद” का संगठित षड्यंत्र बताया और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.

स्थानीय लोग बोले – हो निष्पक्ष जांच, मिले न्याय


स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

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