सम्मान और पारदर्शिता के साथ जनकल्याण भगवंत मान सरकार का मुख्य उद्देश्य : डॉ. बलजीत कौर
चंडीगढ़, 3 मार्च:
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब की सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण एवं अल्पसंख्यक विभाग के माध्यम से एक पारदर्शी और जन-पक्षीय कल्याण मॉडल लागू किया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के लगभग प्रत्येक घर, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और हाशिए पर रह रहे अन्य वर्गों को किसी न किसी योजना का लाभ मिले।
बुजुर्गों के लिए सहायता संबंधी जानकारी साझा करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “इस समय प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में 23,62,579 जरूरतमंद बुजुर्गों को 1500 रुपये की मासिक पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।”
उन्होंने बताया कि सख्त निगरानी के कारण अपात्र और मृत लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए गए, जिसके परिणामस्वरूप 170 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई। तप्पा और मानसा में 17.33 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक वृद्धाश्रम शुरू किए गए हैं, जो आवास, भोजन, वस्त्र, स्वास्थ्य सेवा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त बुजुर्गों के लिए कार्य करने वाले गैर-सरकारी संगठनों को 11.43 करोड़ रुपये की अनुदान राशि दी गई है।
‘साडा बुजुर्ग साडा मान’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू किए गए जिला स्तरीय शिविरों से बुजुर्गों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती मिली है। वर्ष 2024 में 20,000 से अधिक तथा इस वर्ष भी 20,000 से अधिक बुजुर्गों ने स्वास्थ्य सेवाओं, कानूनी सहायता और सहायक उपकरणों का लाभ उठाया है।
महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा पर 2042 करोड़ रुपये व्यय किए गए, जिससे महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक बिना किसी आर्थिक बाधा के आसान पहुंच मिली। 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल—तीन मोहाली में तथा एक-एक जालंधर और अमृतसर में—निर्माणाधीन हैं और एक वर्ष के भीतर पूरे हो जाएंगे। इन हॉस्टलों में कामकाजी माताओं के लिए क्रेच सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर सेवाओं को मजबूत करते हुए वर्ष 2023 में पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 4,377 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती की गई थी तथा पोषण सेवाओं और प्रारंभिक बाल देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए 6,110 और कर्मियों की शीघ्र भर्ती की जाएगी। 27,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सैनिटरी पैड वितरित कर मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा 6.48 लाख विधवाओं, तलाकशुदा और कम आय वाली महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन नियमित रूप से दी जा रही है।
बाल कल्याण और मातृत्व संबंधी जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 2,94,288 के केंद्रीय लक्ष्य के मुकाबले पंजाब ने चार वर्षों में 4,22,492 महिलाओं को कवर किया है।” 1000 से अधिक नए आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित किए गए, जर्जर भवनों की मरम्मत की गई तथा मोगा और फिरोजपुर में 100 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किए जा रहे हैं। खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु 10 करोड़ रुपये की लागत से सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है।
बाल सुरक्षा के विषय में उन्होंने बताया कि मिशन जीवनज्योत के तहत भीख मांगने वाले बच्चों को बचाकर निरंतर निगरानी में विद्यालयों में दाखिला दिलाया गया। चार वर्षों में बाल विवाह के 165 मामले सामने आए, जिनमें से 150 को रोका गया और 15 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। स्पॉन्सरशिप योजना, जो पहले लगभग 1700 लाभार्थियों तक सीमित थी, अब लगभग 11,000 बच्चों को कवर कर रही है, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे को 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। 16 जिलों में गोद लेने की सेवाओं को सुदृढ़ किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 138 बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें से 26 को विदेशों में गोद दिया गया।
कमजोर वर्गों के लिए सहायता का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि 2,94,440 आश्रित बच्चों को 1500 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है तथा सिंगल विंडो सहायता के लिए एक समर्पित दिव्यांग सेल स्थापित किया गया है। 1000 रुपये मासिक दिव्यांग सहायता पुनः शुरू की गई, दिव्यांग कर्मचारियों को उनकी मांग पर रात्रि ड्यूटी और लंबी दूरी की पोस्टिंग से छूट दी गई तथा एसिड अटैक पीड़ितों की पेंशन 8000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह की गई है। इसके अतिरिक्त नेत्रहीन व्यक्तियों के सहायकों के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा बढ़ाई गई है तथा पंजाब विधानसभा सत्र के दौरान पहली बार सांकेतिक भाषा व्याख्या शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में 1943 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्तियां वितरित की गई हैं। वर्ष 2017 से 2020 तक के लंबित बकाया को निजी कॉलेजों को 366 करोड़ रुपये और सरकारी संस्थानों को 92 करोड़ रुपये जारी कर समाप्त किया गया, जिससे विद्यार्थियों को लंबित डिग्रियां प्राप्त हो सकीं। पारदर्शिता और शुल्क-मुक्त प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए डॉ. बी.आर. अंबेडकर छात्रवृत्ति पोर्टल और फ्रीशिप कार्ड प्रणाली शुरू की गई, जिससे लाभार्थियों की संख्या प्रतिवर्ष लगभग 2.7 लाख तक पहुंच गई है।
उन्होंने आगे बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत जाति से परे 51,000 रुपये की विवाह सहायता दी जा रही है, जिसके तहत अब तक 1023 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास हेतु आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं तथा अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 6 करोड़ रुपये के लंबे समय से लंबित बकाया का निपटारा किया गया है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक कल्याण योजना समय पर और पूर्ण पारदर्शिता के साथ सही लाभार्थी तक पहुंचे, ताकि पंजाब का हर नागरिक सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर प्राप्त कर सके।”


