भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की नाकाम विदेश नीति ने देश को तेल और गैस संकट में धकेला — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की नाकाम विदेश नीति ने देश को तेल और गैस संकट में धकेला — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

एस.ए.एस. नगर, 15 मार्च

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली एन.डी.ए. सरकार की विदेश नीति के विफल रहने के कारण आज पूरा देश तेल और एलपीजी संकट से गुजर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार में केवल कुछ नेताओं के हाथों में सत्ता की बागडोर होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा रुझान लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की सप्लाई को लेकर सवाल उठाते हुए केंद्रीय एजेंसियों की असफलता पर स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र का अमेरिका के साथ समझौता किसानों के हितों को खतरे में डाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के लगातार विदेशी दौरों के बावजूद देश कूटनीतिक संबंधों और आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।

प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की विदेश नीति की विफलता के कारण देश तेल और एलपीजी संकट का सामना कर रहा है।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प , जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना करीबी मित्र बताते हैं, को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने से पहले उनसे सलाह-मशविरा करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “हालांकि केंद्र सरकार इस युद्ध से उत्पन्न स्थिति के प्रति उदासीन रही, जिसके कारण आज देश के लोगों को इस संकट का सामना करना पड़ रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्तमान हालात देश की विदेश नीति में बड़ी कमी को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “यह देश की विदेश नीति की विफलता है और ऐसा लगता है कि इस समय कोई ठोस विदेश नीति है ही नहीं।”
प्रधानमंत्री के लगातार विदेशी दौरों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी यात्राओं ने प्रधानमंत्री को जमीनी हकीकत से दूर कर दिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री अधिकतर समय विदेशी दौरों पर रहते हैं, जिसके कारण वे देशवासियों को दरपेश समस्याओं से परिचित नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि देश में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक महीने में प्रधानमंत्री 15 दिन विदेशों में बिताते हैं, लेकिन दूसरे देशों के साथ उनके संबंध भी बेहतर नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “देश को एलपीजी और तेल संकट का पहले ही अनुमान होना चाहिए था और आम लोगों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए समय रहते उचित प्रबंध किए जाने चाहिए थे।”

सप्लाई की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण एलपीजी सिलेंडरों की कमी की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन पंजाब भर के डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी न होने दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के सामने उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष रखा है ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और स्थिति नियंत्रण में रहे।
केंद्र सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारों का अत्यधिक केंद्रीकरण लोकतांत्रिक शासन के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि केवल दो या तीन व्यक्तियों के हाथों में शक्तियों का अत्यधिक केंद्रीकरण एक खतरनाक प्रवृत्ति है, जिससे बचने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे टिप्पणी की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में निर्णय लेने का काम कुछ गिने-चुने हाथों में ही सीमित है। उन्होंने कहा कि केवल दो “बड़े” व्यक्तियों को छोड़कर पूरी केंद्रीय कैबिनेट में कोई मंत्री निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी नहीं है, और छोटे-छोटे फैसले भी यही जोड़ी लेती है, जो देश को तानाशाही ढंग से चला रही है। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति ने देशवासियों को समस्याओं की दलदल में धकेल दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्री की शनिवार को पंजाब यात्रा के दौरान की गई टिप्पणियों का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके बयान पूरी तरह भ्रामक थे। उन्होंने कहा कि शनिवार को पंजाब दौरे के दौरान अमित शाह ने लोगों को गुमराह करने और नशे के मुद्दे पर पंजाब को बदनाम करने के लिए झूठे बयान दिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री को चुनौती दी कि वे अपने नियंत्रण वाली केंद्रीय एजेंसियों की विफलताओं के बारे में जनता को बताएं। उन्होंने कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि बीएसएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियां सीमा पार से नशे की तस्करी रोकने में क्यों असफल रहीं।
मुख्यमंत्री ने देश के अन्य हिस्सों में भी नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के गृह राज्य में मुंद्रा बंदरगाह से 3000 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थ बरामद किए गए, लेकिन इस पर चुप्पी साध ली गई।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की टिप्पणियां केंद्र की विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास थीं। उनके अनुसार, शनिवार को दिए गए बयान अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए एक परदा डालने की कोशिश थे, क्योंकि केंद्र सरकार देशभर में नशे की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने में विफल रही है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की नीतियां किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने किसानों के मुद्दे पर मगरमच्छ के आंसू बहाए, जबकि वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार अमेरिका के साथ समझौता कर किसानों के हितों को खतरे में डाल रही है।”

 उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और देश के अन्नदाताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार राज्य में एक बड़े फिल्म अवसंरचना परियोजना के विकास के लिए प्रमुख फिल्म प्रोडक्शन हाउसों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में एक अत्याधुनिक फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए टी -सीरीज, नेटफ्लिक्स और यश राज़ फिल्म्स सहित अन्य कंपनियों से चर्चा चल रही है।
फिल्म उद्योग में पंजाबियों के सांस्कृतिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में हमेशा पंजाबियों का दबदबा रहा है और किसी भी हिंदी फिल्म में पंजाबी गीत को उसकी सफलता की गारंटी माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हिंदी फिल्मों के पोस्ट-प्रोडक्शन तथा शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पहले ही ठोस पहल शुरू की जा चुकी है।