बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में बजेगा चुनावी बिगुल: चुनाव आयोग आज 4 बजे करेगा तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा।

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान आज चुनाव आयोग द्वारा किया जाएगा।

नई दिल्ली:

देश के पांच प्रमुख राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव का बिगुल आज बजने वाला है। भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) आज शाम 4 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन पांचों राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों (Election Dates), मतदान के चरणों और मतगणना के दिन की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। इन सभी पांच विधानसभाओं का कार्यकाल इसी साल मई महीने में समाप्त हो रहा है, जिसके चलते नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया उससे पहले पूरी करनी अनिवार्य है।

चुनाव आयोग की इस घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी। इसका मतलब है कि राज्य और केंद्र सरकारें इन राज्यों के लिए किसी भी नई योजना, घोषणा या उद्घाटन का काम नहीं कर सकेंगी। राजनीतिक दलों ने पहले ही अपनी कमर कस ली है और प्रचार अभियान जोरों पर है, लेकिन आज की घोषणा से चुनावी रण पूरी तरह से सज जाएगा।

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राज्यों का राजनीतिक समीकरण और विधानसभा की स्थिति:
1. पश्चिम बंगाल (West Bengal):

इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं। 294 सीटों वाली इस विधानसभा का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है। यहाँ मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, जबकि लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद बीजेपी यहाँ पहली बार अपनी सरकार बनाने का दावा ठोक रही है। वामपंथी दल और कांग्रेस भी गठबंधन कर इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं। राज्य में राजनीतिक हिंसा के इतिहास को देखते हुए यहाँ कई चरणों (संभवतः 6 से 8 चरणों) में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच चुनाव कराए जाने की उम्मीद है।

2. असम (Assam):

पूर्वोत्तर के सबसे बड़े राज्य असम में 126 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा सरकार का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा है। यहाँ सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) अपनी सत्ता बचाने के लिए मैदान में है। वहीं, कांग्रेस ने राज्य के अन्य विपक्षी दलों (जैसे AIUDF और वाम दलों) के साथ मिलकर 'महाजोत' (महागठबंधन) बनाया है ताकि बीजेपी को कड़ी टक्कर दी जा सके। असम में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जैसे मुद्दे चुनाव के केंद्र में रहने की पूरी संभावना है। यहाँ चुनाव दो या तीन चरणों में संपन्न हो सकते हैं।

3. तमिलनाडु (Tamil Nadu):

दक्षिण भारत के अहम राज्य तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों का कार्यकाल 24 मई को समाप्त होने जा रहा है। यह चुनाव राज्य के लिए ऐतिहासिक होगा क्योंकि यह द्रमुक (DMK) के दिग्गज नेता एम. करुणानिधि और अन्नाद्रमुक (AIADMK) की कद्दावर नेता जे. जयललिता के बिना लड़ा जाने वाला पहला बड़ा चुनाव है। वर्तमान में राज्य में AIADMK की सरकार है, जिसका गठबंधन बीजेपी के साथ है। वहीं, विपक्ष में DMK और कांग्रेस का मजबूत गठबंधन सत्ता में वापसी की राह देख रहा है। तमिलनाडु में परंपरागत रूप से एक ही चरण में मतदान होता आया है।

4. केरल (Kerala):

केरल में 140 विधानसभा सीटें हैं और यहाँ का कार्यकाल 1 जून को समाप्त हो रहा है। राज्य में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन का रिवाज रहा है। फिलहाल यहाँ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की सरकार है और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन सत्ता में बने रहने का इतिहास रचना चाहते हैं। उनके सामने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की कड़ी चुनौती है। बीजेपी भी राज्य में अपने पैर पसारने और एक तीसरे विकल्प के रूप में उभरने की पूरी कोशिश कर रही है। यहाँ भी एक ही चरण में चुनाव होने की उम्मीद है।

5. पुडुचेरी (Puducherry):

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटें हैं (3 नामित सीटों के अलावा), जिनका कार्यकाल 8 जून को समाप्त हो रहा है। हाल ही में यहाँ भारी राजनीतिक उठापटक देखने को मिली थी, जब वी. नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-DMK गठबंधन सरकार बहुमत साबित न कर पाने के कारण गिर गई थी और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। अब आगामी चुनाव में कांग्रेस वापसी का प्रयास करेगी, जबकि एनआर कांग्रेस, बीजेपी और अन्नाद्रमुक का गठबंधन सत्ता हथियाने की कोशिश करेगा।

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सुरक्षा और कोरोना गाइडलाइंस:

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की सैकड़ों कंपनियों की तैनाती पहले ही शुरू कर दी गई है। संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रखते हुए भी कुछ विशेष दिशानिर्देश जारी कर सकता है, जिसमें मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाना और पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या सीमित करना शामिल हो सकता है।

सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और देश की जनता की निगाहें अब शाम 4 बजे होने वाली चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जिसके बाद देश में चुनावी महोत्सव का आधिकारिक शंखनाद हो जाएगा।


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