मुख्यमंत्री के ओएसडी सुखवीर सिंह द्वारा धूरी हलके के सरपंचों के साथ बैठक
धूरी, 21 फरवरी:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी सुखवीर सिंह द्वारा आज मुख्यमंत्री सहायता केंद्र में धूरी हलके के विभिन्न गांवों के सरपंचों के साथ बैठक की गई। इस दौरान उन्होंने गांवों में चल रहे विकास कार्यों के संबंध में सरपंचों से विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया तथा आगामी समय में शुरू किए जाने वाले नए विकास कार्यों के लिए सुझाव लिए।
ओएसडी सुखवीर सिंह ने कहा कि गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक गांव में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विभागीय स्तर पर माइक्रो मैनेजमेंट अपनाया जा रहा है। उन्होंने गांवों में गलियों-नालियों के निर्माण, इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने, स्ट्रीट लाइटों की स्थापना, तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण, गीले-सूखे कचरे के प्रबंधन, गांवों में जिम और खेल मैदानों के विकास, युवाओं के लिए पुस्तकालय, धर्मशालाओं की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना तथा गंदे पानी की निकासी संबंधी चल रहे और पूर्ण हो चुके कार्यों के बारे में अलग-अलग सरपंचों से विस्तारपूर्वक जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव की आवश्यकताएं और प्राथमिकताएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए सरकार स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हुए विकास योजनाएं तैयार कर रही है। सरपंचों द्वारा प्रस्तुत सुझावों को संबंधित विभागों तक तुरंत भेजा जाएगा ताकि मंजूरी और क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
ओएसडी सुखवीर सिंह ने बताया कि धूरी हलके में चल रहे विकास कार्यों की मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और प्रगति की निगरानी स्वयं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा तथा समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के दौरान सरपंचों ने अपने-अपने गांवों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की तथा नए प्रस्तावित कार्यों के संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर एडीसी सुखचैन सिंह, मुख्यमंत्री फील्ड अधिकारी अरविंद कुमार, मार्केट कमेटी धूरी के चेयरमैन राजवंत सिंह घुल्ली, वक्फ बोर्ड के सदस्य डॉ. अनवर भसौड़, जिला परिषद सदस्य हरजिंदर सिंह कांझला, बीडीपीओ सुखविंदर सिंह, रमणदीप सिंह सहित धूरी हलके के विभिन्न गांवों के सरपंच और पंच बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


