डा.बलबीर सिंह ने एल.एम.एच.पी. फैलोज़ को पंजाब की नशा छुड़ाओ मुहिम में ‘ आस की किरण’ बनने के लिए प्रेरित किया
चंडीगढ़, 19 फरवरी:
पंजाब के सेहत मंत्री डा. बलबीर सिंह ने पंजाब भर में मानसिक सेहत और नशा छुड़ाओ मुहिम को ओर मज़बूत करने के लिए एक अहम पहलकदमी के अंतर्गत लीडरशिप इन मैंटल हैल्थ प्रोगराम (एल.एम.एच.पी.) फैलोज़ के पहले बैंच के साथ मुलाकात की, जोकि राज्य में चल रही नशा विरोधी मुहिम ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ के द्वारा नशे को रोकने और मानसिक तंदरुस्ती बढ़ाने के लिए सरकार की वचनबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
यहां किसान भवन में हुई विचार चर्चा दौरान डा. बलबीर सिंह ने एल.एम.एच.पी. फैलोज़ को नशे विरुद्ध पंजाब की निर्णायक जंग में ‘ लाईटहाऊस ’ बताया। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नशे के साथ जूझ रहा व्यक्ति ‘‘ समुद्र में तूफ़ान की लपेट में आए जहाज़ जैसा होता है - अशांत और दिशाहीण।’ ’ उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह एक लाईटहाऊस जहाजों को सुरक्षित ढंग के साथ किनारे पर पहुंचा देता है, उसी तरह एल.एम.एच.पी. फैलोज़ भी नशा पीडितों और परिवारों को मुख्य धारा और स्थिरता की तरफ ले जाएंगे।
सेहत मंत्री ने ज़ोर दे कर कहा कि फैलोज़ को सौंपी गई ज़िम्मेदारी अहम और परिवर्तनशील है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा धैर्य और हमदर्दी की मांग करती है, लोगों को नशे की गिरफ़्त से बाहर निकालना किसी इनाम से कम नहीं। उन्होंने आगे कहा कि फैलोज़ को जनतक सेहत ढांचो में शामिल किया जा रहा है जिससे प्रणालियों को मज़बूत किया जा सके, प्रक्रियाओं को मानक, निगरान विधियों में विस्तार और जिलों में संस्थागत सामर्थ्य बनाई जा सके।
मानसिक सेहत प्रोगराम में लीडरशिप को एक अग्रणी पहलकदमी बताते डा.बलबीर सिंह ने कहा कि यह भारत की पहली फैलोशिप है, जो विशेष तौर पर प्रणालीगत मानसिक सेहत मज़बूती के द्वारा नशीले पदार्थों का दुरुपयोग रोकने पर समर्पित है। टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साईंसिज़ के सहयोग के साथ तैयार किया यह प्रोगराम, नशा छुड़ाओ केन्द्रों, ओओएटी केन्द्रों और ज़िला प्रशासनों को निगरानी करन, सामर्थ्य निर्माण और पूर्ण तालमेल में सहायता प्रदान करने के लिए जिले में प्रशिक्षण प्राप्त मानसिक सेहत पेशेवरों को तैनात करता है।
उन्होंने आगे बताया कि फैलोज़ की तरफ से युवाओं में नशे का प्रयोग को शुरू में ही रोकने के लिए स्कूलों, कालेजों और जनतक स्थानों के साथ भी सक्रियता के साथ संपर्क किया जाएगा। इस तरह रोकथाम, इलाज और पुर्नवास को एक व्यापक जनतक स्वास्थ्य ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा।
डा. बलबीर सिंह ने ज़ोर देते कहा कि नशाखोरी सिर्फ़ पंजाब स्तर का मुद्दा नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय स्तर की सेहत चुनौती है जिसका मुकाबला करने के लिए निरंतर और ढांचागत दखलअंदाज़ी की ज़रूरत है। उन्होंने विश्वास प्रकट किया कि एलएमएचपी माडल में देश भर के दूसरे राज्यो के लिए एक ठोस ढांचे के तौर पर उभरने की सामर्थ्य है।
मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की दूरअन्देशी को उजागर करते उन्होंने कहा कि राज्य ने सेहत, शिक्षा और साफ़ पीने वाले पानी तक पहुंच को मानवीय विकास के मुख्य मापदण्डों के तौर पर प्राथिकता दी है। मानसिक सेहत सेवाओं को मज़बूत करना और नशे के साथ निपटना, सभी के लिए बराबर और पहुंचयोग जनतक सेहत मुहैया करवाना, इस सोच के अंग है।
सेहत मंत्री ने फैलोज़ को शुभकामनाएं दी और आशा व्यक्त की कि वह पेशेवर और नैतिक उत्तमता के मानक को कायम रखेंगे और पंजाब में नशाखोरी विरुद्ध चल रही लड़ाई में सुहिरदता के साथ योगदान देंगे।


