भगवंत मान सरकार के पेंशनर सेवा पोर्टल ने पेंशन सेवा प्रणाली में लाई क्रांति: हरपाल सिंह चीमा
By NIRPAKH POST
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चंडीगढ़, 5 नवंबर, 2026:
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पेंशनर सेवा पोर्टल (पी.एस.पी.) के तहत कई नई डिजिटल पहलों की घोषणा की, जिनमें सभी पंजीकृत निवासी पेंशनरों के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य करना तथा एनआरआई पेंशनरों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू करना शामिल है।
1 नवंबर, 2025 को शुरू किए गए इस पोर्टल की अभूतपूर्व सफलता पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने 3 लाख से अधिक पेंशन रिकॉर्ड को डिजिटल रूप दिया है, लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों की सुविधा प्रदान की है और करीब 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन भुगतानों की प्रक्रिया पूरी की है। इससे पेंशन प्रणाली अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बन गई है।
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “1 नवंबर, 2025 को शुरू किया गया पेंशनर सेवा पोर्टल पंजाब सरकार की एक प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस पहल है, जिसने पारंपरिक पेंशन प्रणाली को एक एकीकृत, सुरक्षित और पारदर्शी ढांचे में बदल दिया है। मात्र छह महीनों के भीतर इस प्लेटफॉर्म ने लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, 1.7 लाख ई-केवाईसी और 1.3 लाख ऑनलाइन सेवाएं सफलतापूर्वक उपलब्ध करवाई हैं, जबकि इसके माध्यम से लगभग 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई है।”
पोर्टल के प्रदर्शन संबंधी विस्तृत आंकड़े साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया, “कुल 3.05 लाख पेंशन रिकॉर्ड और 3.50 लाख पीपीओ पीडीएफ सफलतापूर्वक डिजिटल किए गए हैं। हमारे सिस्टम ने बड़ी संख्या में अनुरोधों का निपटारा किया है, जिनमें 2,98,993 जीवन प्रमाण पत्र (जे.पी.पी.) प्रक्रियाएं, 1,73,211 केवाईसी आवेदन और 49,663 एलटीसी आवेदन शामिल हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि पोर्टल के माध्यम से 36,000 जे.पी.पी. डेटा सत्यापन अनुरोधों का निपटारा किया गया, जिला खजाना कार्यालयों (डी.टी.ओ.) से बैंकों तक 14,359 ऑनलाइन पेंशन मामलों की प्रक्रिया पूरी की गई तथा 1.8 लाख पेंशन स्लिप डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है।
इसके अलावा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने पेंशनरों की 4,250 शिकायतों, खजाना या बैंक बदलने संबंधी 1,005 अनुरोधों, विवरण में संशोधन संबंधी 284 आवेदनों तथा उत्तराधिकार और पेंशनर की मृत्यु से संबंधित 7,500 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है।
पोर्टल के लाभों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “पूर्ण डिजिटलीकरण से देरी और अन्य बाधाएं समाप्त हुई हैं तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रत्येक पेंशनर को उसका हक समय पर मिले।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देते हुए कहा कि जीवन प्रमाण सुविधा से जुड़ने के कारण पेंशनर अब अपने घर बैठे ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाने में सक्षम हुए हैं। इससे इस सुविधा को अपनाने की दर 6 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है और खजाना कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
वित्त मंत्री ने कहा, “जे.पी.पी. आधारित ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण डेटा के अनूठे संयोजन के माध्यम से हमने धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए दोहरी सत्यापन प्रणाली भी लागू की है।”
उन्होंने आगे बताया कि भुगतानों की स्वचालित गणना से उन पेंशनरों की पहचान करने में मदद मिली है, जिन्हें कम भुगतान मिल रहा था। पायलट प्रोजेक्ट के विस्तार के माध्यम से उनकी पेंशन राशि में वृद्धि की गई है।
पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पेंशनर अपने व्यक्तिगत विवरण देख सकते हैं, अधिकतम 21 दिनों की समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं और अपने आवेदनों की रियल-टाइम स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “पंजाब देशभर में पेंशन प्रणाली को नई दिशा दे रहा है। पड़ोसी राज्य हरियाणा हमारी प्रणाली का अध्ययन कर रहा है और राजस्थान इस संपूर्ण पेपरलेस ढांचे की पड़ताल कर रहा है।”
नई नीतिगत पहल की घोषणा करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इस नवंबर महीने से पोर्टल पर पंजीकृत सभी पेंशनरों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी।”
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निवासी पेंशनरों को 31 दिसंबर, 2026 तक या उससे पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य होगी, जबकि एनआरआई पेंशनरों को फिलहाल इस शर्त से छूट दी गई है।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मात्र दो मिनट की है और इसे आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अथवा किसी जिला खजाना कार्यालय, संबंधित पेंशन वितरण बैंक या सेवा केंद्र में जाकर आसानी से पूरा किया जा सकता है।
विदेशों में रह रहे पेंशनरों के लिए एक विशेष डिजिटल पहल की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “विदेशों में रह रहे हमारे पेंशनरों को सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से हम एनआरआई पेंशनरों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया, " यह सुविधा एन. आर. आई. पैनशनरों को अपने मैनुअल जीवन प्रमाण पत्र सुविधाजनक ढंग के साथ जमा करवाने की अनुमति देगी, जिससे दफ़्तरी प्रक्रियाओ की कठिनाईयाँ और उनके लिए भारत आने या निजी तौर पर उपस्थित होने की शर्त ख़त्म हो जायेगी। "
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पेंशनर सेवा पोर्टल (पी.एस.पी.) के तहत कई नई डिजिटल पहलों की घोषणा की, जिनमें सभी पंजीकृत निवासी पेंशनरों के लिए 31 दिसंबर, 2026 तक आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य करना तथा एनआरआई पेंशनरों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू करना शामिल है।
1 नवंबर, 2025 को शुरू किए गए इस पोर्टल की अभूतपूर्व सफलता पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने 3 लाख से अधिक पेंशन रिकॉर्ड को डिजिटल रूप दिया है, लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्रों की सुविधा प्रदान की है और करीब 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन भुगतानों की प्रक्रिया पूरी की है। इससे पेंशन प्रणाली अधिक पारदर्शी, कुशल और सुलभ बन गई है।
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “1 नवंबर, 2025 को शुरू किया गया पेंशनर सेवा पोर्टल पंजाब सरकार की एक प्रमुख डिजिटल गवर्नेंस पहल है, जिसने पारंपरिक पेंशन प्रणाली को एक एकीकृत, सुरक्षित और पारदर्शी ढांचे में बदल दिया है। मात्र छह महीनों के भीतर इस प्लेटफॉर्म ने लगभग 3 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, 1.7 लाख ई-केवाईसी और 1.3 लाख ऑनलाइन सेवाएं सफलतापूर्वक उपलब्ध करवाई हैं, जबकि इसके माध्यम से लगभग 12,000 करोड़ रुपये के पेंशन वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई है।”
पोर्टल के प्रदर्शन संबंधी विस्तृत आंकड़े साझा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया, “कुल 3.05 लाख पेंशन रिकॉर्ड और 3.50 लाख पीपीओ पीडीएफ सफलतापूर्वक डिजिटल किए गए हैं। हमारे सिस्टम ने बड़ी संख्या में अनुरोधों का निपटारा किया है, जिनमें 2,98,993 जीवन प्रमाण पत्र (जे.पी.पी.) प्रक्रियाएं, 1,73,211 केवाईसी आवेदन और 49,663 एलटीसी आवेदन शामिल हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि पोर्टल के माध्यम से 36,000 जे.पी.पी. डेटा सत्यापन अनुरोधों का निपटारा किया गया, जिला खजाना कार्यालयों (डी.टी.ओ.) से बैंकों तक 14,359 ऑनलाइन पेंशन मामलों की प्रक्रिया पूरी की गई तथा 1.8 लाख पेंशन स्लिप डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान की गई है।
इसके अलावा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने पेंशनरों की 4,250 शिकायतों, खजाना या बैंक बदलने संबंधी 1,005 अनुरोधों, विवरण में संशोधन संबंधी 284 आवेदनों तथा उत्तराधिकार और पेंशनर की मृत्यु से संबंधित 7,500 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया है।
पोर्टल के लाभों के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, “पूर्ण डिजिटलीकरण से देरी और अन्य बाधाएं समाप्त हुई हैं तथा यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रत्येक पेंशनर को उसका हक समय पर मिले।”
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जोर देते हुए कहा कि जीवन प्रमाण सुविधा से जुड़ने के कारण पेंशनर अब अपने घर बैठे ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करवाने में सक्षम हुए हैं। इससे इस सुविधा को अपनाने की दर 6 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत हो गई है और खजाना कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है।
वित्त मंत्री ने कहा, “जे.पी.पी. आधारित ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण डेटा के अनूठे संयोजन के माध्यम से हमने धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए दोहरी सत्यापन प्रणाली भी लागू की है।”
उन्होंने आगे बताया कि भुगतानों की स्वचालित गणना से उन पेंशनरों की पहचान करने में मदद मिली है, जिन्हें कम भुगतान मिल रहा था। पायलट प्रोजेक्ट के विस्तार के माध्यम से उनकी पेंशन राशि में वृद्धि की गई है।
पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पेंशनर अपने व्यक्तिगत विवरण देख सकते हैं, अधिकतम 21 दिनों की समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं और अपने आवेदनों की रियल-टाइम स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “पंजाब देशभर में पेंशन प्रणाली को नई दिशा दे रहा है। पड़ोसी राज्य हरियाणा हमारी प्रणाली का अध्ययन कर रहा है और राजस्थान इस संपूर्ण पेपरलेस ढांचे की पड़ताल कर रहा है।”
नई नीतिगत पहल की घोषणा करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इस नवंबर महीने से पोर्टल पर पंजीकृत सभी पेंशनरों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी।”
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निवासी पेंशनरों को 31 दिसंबर, 2026 तक या उससे पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य होगी, जबकि एनआरआई पेंशनरों को फिलहाल इस शर्त से छूट दी गई है।
उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया मात्र दो मिनट की है और इसे आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अथवा किसी जिला खजाना कार्यालय, संबंधित पेंशन वितरण बैंक या सेवा केंद्र में जाकर आसानी से पूरा किया जा सकता है।
विदेशों में रह रहे पेंशनरों के लिए एक विशेष डिजिटल पहल की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “विदेशों में रह रहे हमारे पेंशनरों को सुविधाजनक डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से हम एनआरआई पेंशनरों के लिए एक समर्पित व्हाट्सएप चैटबॉट सुविधा शुरू कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया, " यह सुविधा एन. आर. आई. पैनशनरों को अपने मैनुअल जीवन प्रमाण पत्र सुविधाजनक ढंग के साथ जमा करवाने की अनुमति देगी, जिससे दफ़्तरी प्रक्रियाओ की कठिनाईयाँ और उनके लिए भारत आने या निजी तौर पर उपस्थित होने की शर्त ख़त्म हो जायेगी। "
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