अमृतसर में दो उज़ी बंदूकों सहित 8 हथियार, 34 किलो हेरोइन, दो हैंड ग्रेनेड बरामद; 16 व्यक्ति काबू

अमृतसर में दो उज़ी बंदूकों सहित 8 हथियार, 34 किलो हेरोइन, दो हैंड ग्रेनेड बरामद; 16 व्यक्ति काबू


चंडीगढ़/अमृतसर, 5 नवंबर:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता के तहत अमृतसर देहाती पुलिस ने अवैध हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ सप्लाई करने वाले कई नेटवर्कों का पर्दाफाश किया है और गोलीबारी की तीन घटनाओं को भी सुलझाते हुए पुलिस ने 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान मुलजिमों से 34 किलो हेरोइन, दो हैंड ग्रेनेड और आठ हथियार जिनमें दो अति-आधुनिक 9 एमएम 'उज़ी' सब-मशीन गनें शामिल हैं, बरामद किए हैं। यह जानकारी पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।

'उज़ी' गनों के अलावा पुलिस टीमों ने मुलजिमों से एक 12-बोर बंदूक, पांच अवैध पिस्तौलों सहित 26 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

नशीले पदार्थ और हथियार तस्करी मामलों में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नवसुमित सिंह उर्फ मनप्रीत सिंह और बलविंदर सिंह उर्फ दोहानी; करनदीप सिंह उर्फ करन और राज कुमार उर्फ संजू; गुरबख्श सिंह और बिक्रमजीत सिंह; सूरज सिंह, राजन और गुरभेज सिंह उर्फ वीरू और सुखमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दूसरी ओर, गोलीबारी की तीन घटनाओं के संबंध में पकड़े गए व्यक्तियों में हरकीरत सिंह उर्फ हकी और गुरदित्ता सिंह (झीता कलां कत्ल केस); जोधबीर सिंह उर्फ जोधा, उसकी पत्नी जसकिरन कौर और उनका नाबालिग पुत्र (ब्यास गोलीबारी केस) और साहिबप्रीत सिंह उर्फ साहब (मेहता रेस्टोरेंट में फिरौती के लिए गोलीबारी मामला) शामिल हैं।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मुलजिम कथित तौर पर विदेशी हैंडलरों की मदद से हथियारों की खेप प्राप्त करके आगे सप्लाई करते थे। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए अगली जांच जारी है।

कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आई.जी.पी.) बॉर्डर रेंज, गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि अमृतसर देहाती के विभिन्न थानों के अधीन खुफिया सूचना पर लगातार चलाए गए अभियानों के माध्यम से इन कार्रवाइयों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।

आई.जी.पी. ने बताया कि नशा तस्करी के विरुद्ध चार बड़ी कार्रवाइयों के दौरान, थाना घरिंडा की टीमों ने नवसुमित और बलविंदर से 10 किलो हेरोइन; करनदीप और राज कुमार से 1 किलो हेरोइन और गुरबख्श तथा बिक्रमजीत से 10.018 किलो हेरोइन बरामद की। इसी तरह बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के साथ संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने लोपोके इलाके में पड़ते पुल सक्की नाला पर सुखमनप्रीत सिंह को काबू किया, जो एक बोरी में 13 किलो हेरोइन, एक पिस्तौल और दो मैगजीन लेकर जा रहा था।

हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी के बारे में उन्होंने बताया कि भरोसेमंद सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना घरिंडा की टीमों ने सूरज सिंह, राजन और गुरभेज सिंह को गिरफ्तार किया और उनसे दो 'उज़ी' गन और दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए।

गोलीबारी की घटनाओं को सुलझाने के बारे में जानकारी देते हुए, सीनियर पुलिस कप्तान (एसएसपी) अमृतसर देहाती, कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि थाना चाटीविंड की टीमों ने हरकीरत सिंह और गुरदित्ता सिंह को गिरफ्तार किया है। इन मुलजिमों ने 26 अक्टूबर को गांव झीता कलां में जमीनी विवाद के चलते तीरथ सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी और रणजीत सिंह को घायल कर दिया था। पुलिस ने उक्त मुलजिमों से .30 बोर का एक पिस्तौल भी बरामद किया है। ब्यास में हुई दूसरी घटना में, पुलिस ने जोधबीर सिंह उर्फ जोधा, उसकी पत्नी और नाबालिग पुत्र को गिरफ्तार किया है। उन्होंने जायदाद के विवाद को लेकर दो व्यक्तियों पर गोलियां मारकर घायल कर दिया था। जोधबीर, जिसने पुलिस टीम से हाथापाई की और एक ए.एस.आई. का सरकारी हथियार छीनने की कोशिश की थी, की टांग में गोली लगी थी। पुलिस ने उससे तीन गैर-कानूनी 'ग्लॉक' पिस्तौल, एक 12-बोर की बंदूक और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

तीसरी घटना के बारे में एस.एस.पी. ने बताया कि पुलिस ने मेहता स्थित एक रेस्टोरेंट में फिरौती के लिए गोलीबारी करने के मामले को भी सुलझा लिया है। यह घटना एक विदेशी गैंगस्टर के इशारे पर 1 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग को लेकर अंजाम दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में साहिबप्रीत सिंह उर्फ साहब को गिरफ्तार किया और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।

इस संबंध में आठ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं: थाना घरिंडा में एफ.आई.आर. नंबर 465 दिनांक 29.10.2026 को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21-सी, 25 और 29; एफ.आई.आर. नंबर 467 (दिनांक 30.10.2026) एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21-सी, 25 और 29; एफ.आई.आर. नंबर 478 (दिनांक 03.11.2026) - एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21-सी और 29 तहत और एफ.आई.आर. नंबर 481 (दिनांक 04.11.2026) - आर्म्ज़ एक्ट की धाराओं 25(1)(ए), 25(6), 25(7) और 25(8) और विस्फोटक पदार्थ एक्ट की धाराओं 3, 4 और 5 तहत केस दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, थाना लोपोके में एफ.आई.आर. नंबर 356 (दिनांक 15.10.2026) एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21-सी और 23 और आर्म्ज़ एक्ट की धारा 25 तहत मामला दर्ज किया गया है। जबकि थाना छातीविंड में एफआईआर नंबर 213/26 को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 103, 190 और 191 और आर्म्ज़ एक्ट की धारा 25 तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना ब्यास में एफआईआर नंबर 338 दिनांक 31-10-26 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 और आर्म्ज़ एक्ट की धारा 25 तहत मामला दर्ज किया गया है और थाना मेहता में एफआईआर नंबर 184 दिनांक 21/10/26 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और आर्म्ज़ एक्ट की धाराओं 25 तथा 27 तहत मामला दर्ज किया गया है।