दोआबा के लिए दीवाली का बड़ा तोहफा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा एसबीएस नगर में मेडिकल कॉलेज के लिए एल.ओ.आई. जारी

दोआबा के लिए दीवाली का बड़ा तोहफा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा एसबीएस नगर में मेडिकल कॉलेज के लिए एल.ओ.आई. जारी

चंडीगढ़, 5 नवंबर:

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों, विशेष रूप से दोआबा क्षेत्र के निवासियों को 'दीवाली का ऐतिहासिक तोहफा' देते हुए शहीद भगत सिंह (एस.बी.एस.) नगर में एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल बनाने के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' (एलओआई) जारी करके एक और बड़ा वादा पूरा किया है।

पंजाब विधान सभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल के साथ पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (पीआईडीबी) ने 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण - डीबीएफओटी) मॉडल के तहत 'मेसर्ज़ इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड' को यह प्रोजेक्ट सौंपा है। इस अवसर पर रूपनगर से विधायक दिनेश चड्ढा और नवांशहर हल्के के इंचार्ज जसप्रीत सिंह रॉबी कंग भी मौजूद थे।

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में लगभग 160 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। इसके तहत नवांशहर में मौजूद 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को 'नेशनल मेडिकल कमीशन' (एनएमसी) के मानदंडों के अनुसार अपग्रेड करके 220 बिस्तरों वाला टीचिंग हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें अकादमिक और आवासीय बुनियादी ढांचा भी शामिल होगा। इस कॉम्प्लेक्स में 30 बिस्तरों वाली एक उन्नत 'सुपर-स्पेशलिटी कार्डियक केयर यूनिट' भी होगी, जो एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए एक 'कैथीटेराइजेशन लेबोरेटरी' (कैथ लैब) इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सुविधाओं से लैस होगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देते हुए कहा, "हालांकि इसके लिए औपचारिक समय-सीमा तीन साल तक की है, लेकिन चूंकि अस्पताल की इमारत, डायलिसिस सेंटर और क्रिटिकल केयर ब्लॉक पहले से ही मौजूद हैं, इसलिए यह जल्द शुरू हो जाएगा। जबकि मेडिकल कॉलेज की नई इमारत का निर्माण अगले महीने शुरू हो जाएगा। हमें उम्मीद है कि मेडिकल कॉलेज केवल डेढ़ साल के अंदर-अंदर लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।"

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एमबीबीएस की सालाना 50 सीटों में से 50% सीटें पंजाब सरकार के कोटे के अंतर्गत आरक्षित होंगी, जिससे इलाके के होनहार युवाओं को अपने घर के नजदीक ही किफायती दरों पर डॉक्टरी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस क्षेत्र के लिए मिलने वाले बड़े लाभों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट नवांशहर, बलाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा, माछीवाड़ा और आस-पास के 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा, "पहले, दिल का दौरा पड़ने पर मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ या जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे दूर-दराज के अस्पतालों में ले जाना पड़ता था, जिस दौरान अक्सर कीमती जानें चली जाती थीं। अब, 'गोल्डन ऑवर' के अंदर-अंदर, विश्व स्तरीय आपातकालीन और दिल के इलाज की सुविधा उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध होगी।"

इस बात को दोहराते हुए कि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा, डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, "किसी भी अन्य सरकारी अस्पताल की तरह ओपीडी स्लिप की फीस केवल 10 रुपये ही होगी। जरूरतमंद और योग्य लाभार्थियों को 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' (एमएमएसवाई) और 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत 100 प्रतिशत कैशलेस (नकदी रहित) और मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकारी फार्मेसी के माध्यम से जरूरी दवाइयां बिल्कुल मुफ्त मुहैया करवाई जाएंगी, जबकि सी.टी. स्कैन, एम.आर.आई. और अन्य जांच टेस्ट बहुत ही कम दरों पर उपलब्ध होंगे।"