भगवंत मान सरकार भूजल स्तर में सुधार के लिए 16,000 किलोमीटर जलमार्गों (खालों) का पुनर्जीवन कर रही है: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 6 अगस्त 2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा राज्य के जल संकट के समाधान के लिए किए जा रहे अग्रणी प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने बड़े पैमाने पर नहरों के पुनर्जीवन, जलमार्गों की बहाली तथा भूजल रिचार्ज के लिए विभिन्न पहलों के माध्यम से दशकों से गिरते भूजल स्तर में सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। वित्त मंत्री ने यह विचार आज यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इससे पहले उन्होंने प्रोफेसर जसवंत सिंह गज्जणमाजरा द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव के समर्थन में पंजाब विधानसभा में भी अपने विचार रखे।
पिछली सरकारों से विरासत में मिली भूजल की गंभीर स्थिति का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "पिछले 25 से 30 वर्षों के दौरान लगातार भूजल दोहन के कारण इसका स्तर काफी नीचे चला गया था, जिससे किसानों को मोटरों के लिए अधिक गहरे बोर करने और बिजली का लोड बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस समस्या से निपटने के लिए वर्तमान सरकार ने राज्य के नहरी नेटवर्क को पुनर्जीवित करने का व्यापक मिशन शुरू किया है। राज्य सरकार ने 16,000 किलोमीटर खालों के निर्माण एवं पुनर्जीवन तथा नहरों में लगभग 39,049 क्यूसेक पानी छोड़कर यह सुनिश्चित किया है कि नहरी पानी टेल एंड तक स्थित प्रत्येक किसान के खेत तक पहुंचे।"
इन पहलों के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "इन व्यापक प्रयासों के शानदार परिणाम सामने आए हैं, जिससे राज्य के अनेक ब्लॉकों में भूजल स्तर 3 से 5 मीटर तक ऊपर आया है। साथ ही, भूजल के अत्यधिक दोहन के स्थान पर खनिजों से भरपूर नहरी पानी के उपयोग से गेहूं और धान की उपज में 1 से 2 क्विंटल प्रति एकड़ तक वृद्धि हुई है। इससे किसानों की आय में प्रत्यक्ष बढ़ोतरी हुई है, बिजली की खपत कम हुई है तथा प्राकृतिक ऊर्जा की भी बचत हुई है।"
भूजल स्तर में सुधार के लिए राज्य सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "विभिन्न शहरों में नगर परिषदों एवं नगर निगमों ने किसी भी नए भवन के साइट प्लान की स्वीकृति के लिए वर्षा जल रिचार्ज प्वाइंट अनिवार्य कर दिए हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वर्षा का पानी व्यर्थ बहने के बजाय धरती के भीतर समाहित हो, राज्य सरकार ने अनेक ग्राउंडवाटर रिचार्ज योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान की है। कुल 510 योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें 192 तालाब आधारित रिचार्ज योजनाएं तथा 246 नहर आधारित रिचार्ज योजनाएं शामिल हैं।"
बेहतर जल संरक्षण के लिए सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "राज्य सरकार हमारे महान गुरुओं द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है, जिन्होंने पानी को केवल किसानों के लिए एक संसाधन नहीं, बल्कि संपूर्ण जीव जगत और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य जीवनरेखा माना है।"


