संगरूर जिले में पहले दिन 78 स्थानों पर युद्ध नशों विरुद्ध पदयात्रा निकालकर लोगों को किया गया लामबंद
संगरूर, 10 जनवरी:
प्रदेश से नशों की समस्या को जड़ से समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” के दूसरे चरण की शुरुआत आज संगरूर जिले में पदयात्राओं के रूप में की गई। इस अवसर पर जिले के गांवों और शहरी वार्डों में 78 स्थानों पर युद्ध नशों विरुद्ध पदयात्राएं निकालकर लोगों को नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
आज निकाली गई पदयात्राओं के संबंध में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल चाबा ने बताया कि पहले दिन संगरूर सब-डिवीजन में 17 स्थानों पर पदयात्रा निकाली गई, जबकि धूरी सब-डिवीजन में 14, दिड़बा में 13, लहरा में 14 और सुनाम में 20 स्थानों पर युद्ध नशों विरुद्ध जागरूकता यात्राएं आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर इस मुहिम को अपनी मुहिम बनाया।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि युद्ध नशों विरुद्ध यह अभियान केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जन-भागीदारी पर आधारित एक व्यापक सामाजिक आंदोलन है। पदयात्राओं के दौरान गांवों के पहरेदारों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने नशों के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की शपथ ली तथा यह संकल्प लिया कि वे अपने गांवों और मोहल्लों में नशा तस्करी और नशा सेवन के विरुद्ध सतर्क रहकर निगरानी रखेंगे।
उन्होंने बताया कि आने वाले 15 दिनों के दौरान यह पदयात्रा संगरूर जिले के हर गांव, हर वार्ड और हर घर तक पहुंचेगी तथा लोगों को नशों की सामाजिक बुराई, इसके घातक प्रभावों और नशा-मुक्ति के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही नशा छोड़ने के इच्छुक व्यक्तियों को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नर ने जिला वासियों से अपील की कि वे अपनी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और नशा-मुक्त भविष्य के लिए पंजाब सरकार द्वारा छेड़ी गई युद्ध नशों विरुद्ध इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर पदयात्रा में शामिल लोगों द्वारा अभियान का भरपूर स्वागत किया गया और युद्ध नशों विरुद्ध इस संयुक्त लड़ाई में पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया।


