राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: पंजाब पुलिस ने यारा इंडिया के सहयोग से सड़क सुरक्षा और रसायनों के प्रबंधन पर वेबिनार आयोजित किया

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: पंजाब पुलिस ने यारा इंडिया के सहयोग से सड़क सुरक्षा और रसायनों के प्रबंधन पर वेबिनार आयोजित किया

चंडीगढ़, 28 जनवरी:

चल रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत, पंजाब पुलिस के ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा विंग ने यारा इंडिया के सहयोग से आज सड़क सुरक्षा प्रबंधन तथा दुर्घटनाओं के दौरान रसायनों के प्रबंधन के संबंध में फील्ड कर्मियों की तैयारियों को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष वेबिनार आयोजित किया।

पंजाब पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र में प्रदेश भर से सड़क सुरक्षा फोर्स तथा जिला ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा टीमों के 600 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा) ए.एस. रॉय ने सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में मानवीय मूल्यों को विशेष स्थान देने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर सुरक्षा, सहानुभूति और जिम्मेदार व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो बहुमूल्य जानों—विशेष रूप से युवाओं की जान—को बचाना सुनिश्चित करता है।

इस दौरान तकनीकी सत्रों का संचालन यारा इंडिया के एचईएसक्यू सिक्योरिटी मैनेजर राजीव पाहुजा, यारा इंडिया के एससीएम मैनेजर संदीप तोमर तथा ट्रैफिक सलाहकार, पंजाब, डॉ. नवदीप असीजा द्वारा किया गया। सत्रों के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों, ड्राइविंग के दौरान संभावित खतरों की पहचान, संवेदनशील यात्रियों के व्यवहार, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल तथा यातायात और सड़क आपात स्थितियों के दौरान उर्वरकों के सुरक्षित प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर बोलते हुए यारा साउथ एशिया के एमडी संजीव कंवर ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, जो सीधे तौर पर जन-जीवन और समुदायों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों का परिवहन भारत के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इनके परिवहन तथा आपात स्थितियों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस के साथ यारा का यह सहयोग सुरक्षा, स्थिरता और जिम्मेदार तरीके से कार्य सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और विशेषज्ञों के नेतृत्व में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।