एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों के लिए मोहाली तैयार, सेमीफाइनल 4 नवंबर को
साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), 3 नवंबर
पंजाब की धरती पर पहली बार आयोजित किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट ‘एशियन चैंपियंस ट्रॉफी’ के जालंधर में लीग मैचों के सफल आयोजन के बाद अब इस टूर्नामेंट का दूसरा मेजबान शहर मोहाली नॉकआउट मुकाबलों के लिए तैयार है। कल 4 नवंबर को सेमीफाइनल और पांचवें स्थान के मुकाबले के साथ ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय हॉकी मानचित्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। इस स्टेडियम में पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेला जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब में जहां पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट आयोजित हुआ है, वहीं मोहाली में भी पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच हो रहा है।
जालंधर में लीग चरण में भारत पहले, जापान दूसरे, मलेशिया तीसरे, दक्षिण कोरिया चौथे, चीन पांचवें और बांग्लादेश छठे स्थान पर रहा था। कल 4 नवंबर को नॉकआउट चरण के तीन मैच खेले जाएंगे। दो सेमीफाइनल और एक वर्गीकरण मुकाबला होगा। दिन का पहला मैच दोपहर दो बजे चीन और बांग्लादेश के बीच पांचवें स्थान के लिए खेला जाएगा। शाम साढ़े चार बजे पहले सेमीफाइनल में जापान और मलेशिया, जबकि शाम सात बजे दूसरे सेमीफाइनल में भारत और दक्षिण कोरिया आमने-सामने होंगे। चारों टीमें 5 नवंबर को मोहाली में ही होने वाले फाइनल मुकाबले में पहुंचने के लिए पूरा जोर लगाएंगी। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीमें कांस्य पदक के लिए खेलेंगी।
अब तक चैंपियंस ट्रॉफी के आठ मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें भारत ने सबसे अधिक छह बार फाइनल खेला है। भारत एक बार संयुक्त विजेता सहित पांच बार विजेता बना है और एक बार उपविजेता रहा है। इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों में भारत के बाद जापान दो बार तथा दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन एक-एक बार फाइनल में पहुंच चुके हैं। भारत सातवीं बार, जापान तीसरी बार और दक्षिण कोरिया, मलेशिया तथा चीन दूसरी बार फाइनल खेलने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। ट्रॉफी की दौड़ में शामिल चार टीमों में भारत ने अब तक पांच बार ट्रॉफी जीती है, जबकि दक्षिण कोरिया ने एक बार जीत हासिल की है।
जापान दो बार और मलेशिया एक बार उपविजेता रहा है।
इस बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत अब तक अजेय रहा है और उसने खेले गए सभी पांच मैच जीते हैं। भारत के बाद जापान ने तीन मैच जीते हैं और एक ड्रॉ खेला है, मलेशिया ने तीन तथा दक्षिण कोरिया ने दो मैच जीते हैं। चीन ने दो ड्रॉ, जबकि बांग्लादेश ने एक ड्रॉ खेला है। भारत ने कुल सर्वाधिक 34 गोल किए हैं। मलेशिया ने कुल 17 गोल, दक्षिण कोरिया और चीन ने 10-10, जापान ने 9 तथा बांग्लादेश ने दो गोल किए हैं।
खिलाड़ियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड की बात करें तो भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह 9 गोल के साथ शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। उनके बाद मलेशिया के अबू कमाल अजराई ने पांच गोल, भारत के दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह तथा चीन के बेनहाई चेन ने चार-चार गोल किए हैं। भारत के मनदीप सिंह, अभिषेक और जुगराज सिंह, दक्षिण कोरिया के डेन सुन, जापान के केंटारो फुकुदा तथा मलेशिया के अजीमुद्दीन ने तीन-तीन गोल किए हैं।
27 नवंबर को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत हुई थी और 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम में फाइनल खेला जाएगा।


