वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आबकारी एवं कर विभाग में नवनियुक्त 14 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे
चंडीगढ़, 17 जून 2026:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए, वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां आबकारी एवं कर विभाग में नवनियुक्त 14 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन नियुक्त कर्मचारियों में 13 क्लर्क और एक सेवादार शामिल हैं। यह भर्ती युवाओं को सरकारी क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 13 क्लर्कों में से 11 का चयन पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से पूर्णतः योग्यता एवं पारदर्शिता के आधार पर किया गया है। शेष दो क्लर्कों तथा एक सेवादार की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की गई है, ताकि कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे परिवारों को आर्थिक सहारा प्रदान किया जा सके।
रोज़गार के अवसर पैदा करने को मुख्य प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता-आधारित भर्ती प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को योजनाबद्ध तरीके से भरा जा रहा है, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में सेवा करने के अवसर प्राप्त हों और सरकारी तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन केवल रिक्त पदों को भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने का भी प्रयास है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक हजारों युवाओं को पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जिससे जनता से किया गया एक महत्वपूर्ण वादा पूरा हुआ है।
अपने कार्यालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान, वित्त मंत्री ने आबकारी एवं कर आयुक्त जतींद्र जोरवाल की उपस्थिति में नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें ईमानदारी, समर्पण एवं दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और नवनियुक्त कर्मचारी अब उस प्रशासनिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं जो जनकल्याण, पारदर्शिता और सुशासन को समर्पित है।


