सुरक्षित सड़कों के साथ-साथ लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक होने की आवश्यकता: हरभजन सिंह ई.टी.ओ.

सुरक्षित सड़कों के साथ-साथ लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक होने की आवश्यकता: हरभजन सिंह ई.टी.ओ.

चंडीगढ़, 3 फरवरी

पंजाब के लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि सुरक्षित सड़कों के साथ-साथ लोगों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार, प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिकों सहित सभी हितधारकों को मिलकर काम करना चाहिए।

ये विचार उन्होंने आज यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में आयोजित राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा पंजाब स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित वर्कशॉप के उद्घाटन भाषण के दौरान व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा लोगों को बेहतर सड़क नेटवर्क प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके कारण यात्रा में लगने वाला समय काफी कम हो गया है, लेकिन इससे सड़क हादसों की संभावना भी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि लोगों को भी सड़कों पर चलते समय सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई बार लोग दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट को सिर पर पहनने की बजाय हाथ या हैंडल पर लटका लेते हैं और जब हादसा हो जाता है तो इस गलती का उन्हें गंभीर नतीजा भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशा करके वाहन चलाने से जहां लोग अपनी जान को खतरे में डालते हैं, वहीं निर्दाेष राहगीरों को भी खतरे में डाल देते हैं। उन्होंने एन.एच.ए.आई. और लीड एजेंसी को ब्लैक स्पॉटों को समाप्त करने के लिए अधिक तेजी से काम करने का निर्देश दिया।

श्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा फोर्स की शुरुआत करके कीमती जानों को बचाने का एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके कारण पंजाब राज्य में हादसों में मरने वालों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई हादसा हो जाए तो हादसा पीड़ितों की मदद अवश्य करें, क्योंकि जितनी जल्दी हादसा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया जाएगा, उतनी ही उस व्यक्ति के बचने की संभावना बढ़ जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर) आधुनिक सड़क सुरक्षा अभ्यासों को अपनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध डिजाइन, नियमित रख-रखाव और सुरक्षित इंजीनियरिंग मानक हादसों को कम करने तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

वर्कशॉप के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने एक सुरक्षित प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें सुरक्षित सड़क डिजाइन, प्रभावी प्रवर्तन और निरंतर जन जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा के परिणाम सुरक्षित इंजीनियरिंग, नियंत्रित गति, सुरक्षित वाहनों और हादसे के बाद फौरी प्रतिक्रिया के संयोजन पर निर्भर करते हैं। उन्होंने एनएचएआई की पहलों पर प्रकाश डाला जिनमें सड़क सुरक्षा ऑडिट, ब्लैक स्पॉटों का सुधार, सड़क ज्योमेट्री में सुधार, क्रैश बैरियर, स्पष्ट संकेतक, सड़क चिह्न और पैदल यात्रियों के अनुकूल बुनियादी ढांचा शामिल है।

पंजाब के राज्य परिवहन आयुक्त तथा सड़क सुरक्षा के लिए लीड एजेंसी के निदेशक जनरल, परनीत शेरगिल ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के दौरान पंजाब भर में आयोजित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने जागरूकता अभियान, प्रवर्तन अभियान, हेलमेट और सीट-बेल्ट के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा ड्राइवरों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में बात की। उन्होंने हादसों में कमी लाने के लिए मजबूत अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

स्पेशल डीजीपी, ट्रैफिक, पंजाब ए.एस. राय ने राज्य भर में ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों और व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि व्यवहार में स्थायी बदलाव लाने के लिए कानून प्रवर्तन और जन जागरूकता दोनों को सुनिश्चित करना चाहिए।

सड़क सुरक्षा के लिए लीड एजेंसी के संयुक्त निदेशक (प्रबंधन) परमजीत सिंह ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और एनएचएआई की सक्रिय भूमिका की सराहना की। साथ ही उन्होंने पंजाब में सड़क सुरक्षा पहलों को मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग की आशा व्यक्त की।