तिरंगा शहीदों के बलिदानों की अमर निशानी: हरपाल सिंह चीमा

तिरंगा शहीदों के बलिदानों की अमर निशानी: हरपाल सिंह चीमा

दिड़बा, 27 जनवरी:

संगरूर जिले का दिड़बा सब डिवीजन कार्यालय पंजाब का पहला एस.डी.एम. कार्यालय बन गया है, जहां 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया है। इस महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर पर पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने दिड़बा वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरंगा हमारी एकता, अखंडता और लोकतंत्र का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि देश के लाखों स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के अनगिनत बलिदानों के कारण ही आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है और हर नागरिक को संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का अधिकार प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि एस.डी.एम. कार्यालय में 25 लाख रुपये की लागत से 100 फीट ऊंचा तिरंगा स्थापित करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रात के समय भी राष्ट्रीय ध्वज स्पष्ट रूप से दिखाई दे, इसके लिए विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की गई है तथा तिरंगे के लिए ऐसा कपड़ा उपयोग में लाया गया है जो रात में भी चमकता रहेगा।

श्री चीमा ने बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि भारत के संविधान की रचना और उसकी मजबूत नींव के कारण ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की स्थापना संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और स्वतंत्रता के मूल्यों का प्रतीक है, जो हर भारतीय को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करता है।

उन्होंने आगे कहा कि तिरंगा हमें हमारे बुजुर्गों और शहीदों के महान बलिदानों की याद दिलाता है और हर नागरिक को देश की सेवा, संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देता है। 25 लाख रुपये की लागत से लगाया गया यह 100 फीट ऊंचा तिरंगा न केवल दिड़बा के लिए गर्व का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान को भी और मजबूत करेगा।

श्री चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, राष्ट्रीय चेतना को प्रोत्साहित करने और संवैधानिक मूल्यों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए लगातार ऐसे प्रेरक प्रयास करती रहेगी।

इस अवसर पर एस.डी.एम. दिड़बा राजेश शर्मा, नगर कौंसिल के प्रधान मनिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में पंच, सरपंच और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।