पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे : मोहिंदर भगत
चंडीगढ़, 9 जून :
मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए तेजी से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए आज चंडीगढ़ में रक्षा सेवाएं कल्याण, स्वतंत्रता सेनानी एवं बागवानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग तथा पंजाब एक्स-सर्विसमैन कॉरपोरेशन (पेस्को) के कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक की।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के अधिकारियों को पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सब-डिवीजन स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे और पूर्व सैनिकों की समस्याओं का तत्काल निपटारा किया जाएगा।
इससे पहले बैठक के दौरान रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुमेर सिंह गुर्जर तथा निदेशक ब्रिगेडियर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (सेवानिवृत्त) ने विभाग की विभिन्न परियोजनाओं और उनकी प्रगति के बारे में मंत्री को अवगत कराया। इस अवसर पर विभाग के लिए आवश्यक बजट, कर्मचारियों की पदोन्नतियों तथा विभाग में की जाने वाली भर्ती संबंधी मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सैनिक स्कूलों के नवीनीकरण और आवश्यक वित्तीय संसाधनों के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर पंजाब एक्स-सर्विसमैन कॉरपोरेशन (पेस्को) से संबंधित मामलों पर चर्चा करते हुए पेस्को के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल हरमनदीप सिंह ने निगम द्वारा पूर्व सैनिकों को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 23 हजार से अधिक कर्मचारी पेस्को के अधीन विभिन्न सेवाएं दे रहे हैं। इनमें वर्ष 2022 के बाद शामिल हुए 14 हजार से अधिक कर्मचारी भी शामिल हैं।
मंत्री श्री भगत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने मंत्री को आश्वासन दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरे किए जाएंगे।


