पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग द्वारा अमेरिकी कृषि विभाग के प्रतिनिधि के साथ बैठक

पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग द्वारा अमेरिकी कृषि विभाग के प्रतिनिधि के साथ बैठक

चंडीगढ़, 12 अगस्त:

पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग (पीऐसऐफसी) के चेयरमैन ने आज अमेरिकी कृषि विभाग (यू.एस.डी.ए.) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान पंजाब के किसानों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

विदेश कृषि सेवा, अमेरिकी कृषि विभाग, नई दिल्ली के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भारतीय और वैश्विक कृषि के वर्तमान परिप्रेक्ष्य तथा भारत-अमेरिका कृषि व्यापार और सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करने के लिए पंजाब राज्य किसान एवं खेत मजदूर आयोग के साथ बैठक की। पीऐसऐफसी के चेयरमैन प्रो. डॉ. सुखपाल सिंह ने डॉ. संतोष कुमार सिंह का हार्दिक स्वागत किया और भारत एवं पंजाब के कृषि क्षेत्र में हो रहे विकास तथा भविष्य की संभावनाओं पर उनके बहुमूल्य विचारों की सराहना की।

इस दौरान डॉ. रणजोध सिंह बैंस ने "पंजाब कृषि 2026: उत्पादन की संभावनाएं, फसल विविधता और पंजाब-अमेरिका कृषि सहयोग" विषय पर प्रस्तुति दी।

इस प्रस्तुति में गेहूं-धान प्रणाली से हटकर फसल विविधता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया, जिसमें मक्का, कपास, बासमती, दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों के साथ-साथ पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर अधिक ध्यान देने पर जोर दिया गया। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि फसल विविधता को विपणन, सरकारी खरीद, प्रसंस्करण और किसानों को फसलों का बेहतर मूल्य देकर प्रोत्साहित किया जा सकता है। इस प्रस्तुति में कृषि मशीनीकरण, सटीक एवं AI-आधारित कृषि, जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियां, कटाई के बाद प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा, भूजल संरक्षण तथा साझा अनुसंधान कार्यों में पंजाब-अमेरिका सहयोग के अवसरों को भी रेखांकित किया गया। इसके अलावा, बासमती चावल, शहद, हल्दी, फल, सब्जियों और अन्य गैर-जीएमओ उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के संबंध में पंजाब की क्षमता पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान डॉ. संतोष कुमार सिंह ने भारत और अमेरिका में खेतों के आकार और कृषि में अंतर, अमेरिका में बेहतर फसल बीमा कवरेज, भारत में घरेलू पशुपालन में आई कमी, केवल ट्रैक्टरों के उपयोग से ऊपर उठकर व्यापक एवं सक्षम मशीनीकरण की आवश्यकता तथा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के संभावित लाभों एवं चुनौतियों से संबंधित मुद्दे उठाए।

प्रो. डॉ. सुखपाल सिंह ने बताया कि जहां भारत में औसत भूमि स्वामित्व लगभग 2 एकड़ है, वहीं पंजाब में औसत स्वामित्व लगभग 9 एकड़ है; हालांकि, भूमि के ठेके की उच्च दरों, उर्वरकों-बीजों की लागत तथा अन्य उत्पादन खर्चों के कारण पंजाब के किसानों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। यह चर्चा भारत-अमेरिका व्यापार द्वारा प्रस्तुत संभावनाओं और किसानों के हितों की रक्षा के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता के साथ समाप्त हुई, जो पंजाब में फसल विविधता और पशुपालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं तथा दोनों देशों के किसानों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

डॉ. रणजोध सिंह बैंस ने डॉ. संतोष कुमार सिंह का अपना बहुमूल्य समय निकालने और अपने विचार साझा करने के लिए धन्यवाद किया तथा कृषि, प्रौद्योगिकी, व्यापार, फसल विविधता और सतत संसाधन प्रबंधन पर पीऐसऐफसी और (यू.एस.डी.ए.) के बीच निरंतर वार्ता और अधिक सहयोग की आशा व्यक्त की।

बैठक के अंत में डॉ. सुखपाल सिंह, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. अनिल सूद तथा पीऐसऐफसी के सभी शोधकर्ताओं का धन्यवाद किया गया।
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