पंजाब पुलिस ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया: अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सात महीनों में 111 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की

पंजाब पुलिस ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया: अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सात महीनों में 111 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की

चंडीगढ़/अमृतसर, 29 जुलाई, 2026:

पंजाब पुलिस ने नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ बहुआयामी अभियान को लगातार जारी रखते हुए, पुलिस कमिश्नरेट, अमृतसर बल की खुफिया-आधारित पुलिसिंग को सबसे महत्वपूर्ण उदाहरणों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया है। पिछले लगभग सात महीनों के दौरान सीमावर्ती जिले ने सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी, संगठित अपराध और सड़क अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलताएं हासिल की हैं, जिससे पंजाब के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक इस क्षेत्र में जन सुरक्षा और मजबूत हुई है।

इस वर्ष जनवरी से अब तक कमिश्नरेट पुलिस ने 111.5 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की है, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,137 मामले दर्ज किए हैं और विभिन्न कार्रवाइयों के दौरान 2,000 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीमा पार से चल रहे ड्रग कार्टेल का भी भंडाफोड़ किया है, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत किया है और भगवंत मान सरकार द्वारा नशों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत शहरी निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया है।

गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान 'गैंगस्टरों ते वार' के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत 63 मामले दर्ज कर 153 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस अभियान के दौरान 209 पिस्तौल/मौजर, दो रिवाल्वर, आठ राइफलें/बंदूकें, 221 मैगजीन, 536 जिंदा कारतूस और हवाला लेन-देन से जुड़ी 3.80 लाख रुपये की राशि बरामद की गई। गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के अलावा पुलिस ने आपराधिक संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई भी की।

जांच और अपराधों की पहचान करने की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी को भी शामिल किया है। पहचान की पुष्टि के लिए पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है, जबकि वाहन डेटाबेस के माध्यम से नाकों और तलाशी अभियानों के दौरान वाहनों की तुरंत जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल सबूतों की जांच के लिए एक डिजिटल फोरेंसिक प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है। सीसीटीवी निगरानी और प्रौद्योगिकी-आधारित खुफिया प्रणाली ने पुलिस की कार्यक्षमता और जांच क्षमता को और प्रभावशाली बनाया है।

कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार पंजाब में हेरोइन की तस्करी करने वाले दुबई-आधारित नेटवर्क का भंडाफोड़ करके अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी को बड़ा झटका दिया है। अमृतसर पुलिस ने 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर दो नाबालिगों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, "पंजाब पुलिस द्वारा राज्य भर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों को बड़ी सफलता मिली है। सीमावर्ती जिला होने के कारण अमृतसर में अधिक निगरानी की आवश्यकता होती है और पंजाब पुलिस बल मानव संसाधनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावशाली उपयोग करते हुए अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है।"

पुलिस आयुक्त (अमृतसर) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा, "पिछले साल हमने पाकिस्तान और कनाडा से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया था, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान के बाड़मेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास 60.302 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस साल हमने दुबई-आधारित कार्टेल पर कार्रवाई की ओर विशेष ध्यान दिया है।"

'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के तहत 1,137 मामले दर्ज किए और 1,898 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जनवरी से अब तक पुलिस ने 111.559 किलोग्राम हेरोइन, 11.438 किलोग्राम आईईसी (मेथामफेटामाइन), 9.246 किलोग्राम अफीम, 2.245 किलोग्राम चरस, 238 ग्राम नारकोटिक पाउडर, एक किलोग्राम भुक्की और 26,945 नशीले कैप्सूल व गोलियाँ बरामद की हैं। इसके अलावा पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी 61.12 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की और तस्करी में उपयोग किए गए 38 वाहन भी जब्त किए हैं।

पुलिस आयुक्त, अमृतसर ने कहा, "सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नशा मुक्ति और पुनर्वास पर भी समान ध्यान दिया गया है। कमिश्नरेट पुलिस ने 1,553 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया, जबकि 2,443 व्यक्तियों को आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट केंद्रों में भेजा गया। इसके अलावा 281 व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64-ए का लाभ भी प्रदान किया गया।"

प्रभावशाली पुलिसिंग में लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण मानते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने पुलिस और समाज के बीच तालमेल को मजबूत करने और नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संपर्क के तहत 162 बैठकें और 83 नशा विरोधी जागरूकता शिविर-सह-सेमिनार करवाए गए।

पुलिस आयुक्त अमृतसर ने कहा, "अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने चौबीसों घंटे जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और खुफिया-आधारित पुलिसिंग मॉडल अपनाया है। लगातार गश्त और तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए दो शिफ्टों में 181 पुलिस कर्मियों सहित 86 गश्ती वाहन और 25 पुलिस कर्मियों सहित 21 मोटरसाइकिल तैनात किए गए हैं। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों पर 81 पुलिस कर्मियों के नेतृत्व में रात के समय 19 विशेष नाके लगाए गए हैं, जहां बैरिकेडिंग, हथियारों और वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी की उचित व्यवस्था की गई है।"

इस लगातार चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप 82,274 ट्रैफिक चालान किए गए, 5,400 वाहन जब्त किए गए और मौके पर ही 24,002 चालान जारी किए गए, जिसके चलते 44.48 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा, एहतियाती पुलिस कार्रवाई के तहत 1,609 निवारक कार्रवाइयां की गईं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए 2,950 व्यक्तियों को निवारक हिरासत में लिया गया।