होशियारपुर, 31 मई। लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने आज कहा कि पंजाब कैबिनेट ने राज्य के 65 हजार से ज़्यादा आउटसोर्स, कॉन्ट्रैक्ट, डेली वेज और दूसरे टेमपररी कर्मचारियों की भलाई के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है, जो इन कर्मचारियों के सुनहरे भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। पंजाब सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने कहा कि लंबे समय से कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को सीधे सरकारी मैनेजमेंट के तहत लाने और उन्हें रेगुलर नौकरी का रास्ता देने की यह एक बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने हमेशा कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसमें यह हजारों कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा नए कर्मचारी-हितैषी कानूनों को हरी झंडी दिखाने से सरकार और कर्मचारियों के बीच सीधा संबंध बनेगा और ठेकेदारों की भूमिका खत्म हो जाएगी, जिससे आउटसोर्स, कॉन्ट्रैक्ट, डेली वेज और अन्य अस्थायी कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा, सममान और भविष्य की निश्चितता मिलेगी।
लोकसभा सदस्य डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि पंजाब के 51 विभागों में काम करने वाले 65,048 कर्मचारी इस पॉलिसी के दायरे में आएंगे, जबकि पहले चरण में 26 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। गौरतलब है कि यह फैसला बिजली, स्थानीय सरकार, शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में सेवारत कर्मचारियों के लिए नई उममीद लेकर आया है। उन्होंने कहा कि खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले फायरमैन, लाइनमैन, सीवर वर्कर और सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था करने और तीन साल की सेवा के बाद उन्हें योग्यता देने के सरकार के फैसला से इन वर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कैबिनेट द्वारा पेंशन और सैलरी एरियर पर कैबिनेट सब-कमेटी के पुनर्गठन को भी कर्मचारी हित में कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुखयमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को हल करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए राज्य में 7 विशेष अदालतें बनाने के फैसले की भी सराहना की और कहा कि इससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती मिलेगी और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार लोगों से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और इन फैसलों से पंजाब में सुशासन, पारदर्शिता और कर्मचारी कल्याण का एक नया अध्याय शुरू होगा। डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में सुशासन सुनिश्चित करते हुए पिछले चार सालों में पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से 65 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां पहले ही दी हैं, जिससे विभिन्न विभागों का प्रदर्शन और प्रभावी हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से दशकों पुराने कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी देने के सिस्टम को खत्म करने और सरकारी विभागों में 65,000 से ज़्यादा कर्मचारियों के रेगुलर होने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे निश्चित रूप से हजारों कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा। गौरतलब है कि कैबिनेट के इस फैसले से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्ट, डेली वेज, टेमपररी, वर्क चाज्र्ड और आउटसोर्स कर्मचारी वेलफेयर एक्ट, 2016’ रद्द हो गया है और ‘पंजाब स्टेट आउटसोस्र्ड पर्सनेल (ट्रांज़िशन टू कॉन्ट्रैक्टुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026’ और ‘पंजाब कॉन्ट्रैक्ट्चुअल पर्सनेल (एब्ज़ॉप्र्शन अगेंस्ट सैंक्शन्ड वैकेंसीज) बिल, 2026’ को मंजूरी मिल गई है। इसी तरह, ‘पंजाब स्टेट आउटसोस्र्ड पर्सनेल (ट्रांजशिन टू कॉन्ट्रैक्ट्चुअल एंगेजमेंट) बिल, 2026’ के तहत, पांच साल की लगातार सर्विस पूरी कर चुके आउटसोर्स ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारियों को सीधे सरकारी कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी पर रखा जाएगा।--