पंजाब का गौरव: आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट्स के चार कैडेट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने

पंजाब का गौरव: आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट्स के चार कैडेट भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने

चंडीगढ़, 5 सितंबर:

पंजाब की शानदार सैन्य विरासत में एक और गौरवपूर्ण सफलता का समावेश करते हुए आज चार कैडेटों ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हासिल किया है। इनमें माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट फॉर गर्ल्स की दो महिला कैडेटें और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट (एम.आर.एस.ए.एफ.पी.आई.) के दो कैडेट शामिल हैं।

चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड, जिसका निरीक्षण नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, पीवीएसएम, एवीएसएम और वीएसएम ने किया, के दौरान इन कैडेटों को कमीशन प्रदान किया गया।

लेडी कैडेट दीपनूर को आर्मी एविएशन कोर में कमीशन मिला है, जबकि लेडी कैडेट दीक्षा धीमान आर्मी ऑर्डनेंस कोर में नियुक्त हुई हैं। दीपनूर सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर के प्रोफेसर स. सुखबीर सिंह और सरकारी स्कूल अध्यापिका श्रीमती रमनप्रीत कौर की पुत्री हैं। दीक्षा पठानकोट के एक व्यवसायी श्री पवन कुमार और श्रीमती इंदू की पुत्री हैं।

इसी प्रकार, एम.आर.एस.ए.एफ.पी.आई. के दो प्रतिभाशाली कैडेट इशप्रीत सिंह ढिल्लों पुत्र स्वर्गीय डॉ. परमजीत सिंह ढिल्लों और श्रीमती संतोष कौर ने आर्टिलरी रेजिमेंट में तथा मेजर जनरल पी.एस. संधू (सेवानिवृत्त) के पुत्र लेफ्टिनेंट अर्श सिंह ने जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) शाखा में कमीशन हासिल करके अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य को गौरवान्वित किया है।

नए कमीशन्ड अधिकारियों को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा, "ये युवा अधिकारी पंजाब के हजारों युवाओं को देश की सेवा के लिए प्रेरित करेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सशस्त्र सेनाओं में कमीशन्ड अधिकारी के रूप में शामिल होने के इच्छुक प्रत्येक युवा का सहयोग और समर्थन करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।"

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए माई भागो ए.एफ.पी.आई. के निदेशक मेजर जनरल जसबीर सिंह संधू, एवीएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा, "यह मील का पत्थर माई भागो ए.एफ.पी.आई. में हमारे मिशन को और ऊर्जा प्रदान करेगा, ताकि पंजाब की अन्य बेटियों को सशस्त्र सेनाओं में अधिकारियों के रूप में कमीशन प्राप्त करने के लिए तैयार किया जा सके।" उन्होंने नए कमीशन्ड अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

एम.आर.एस.ए.एफ.पी.आई. के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने नए अधिकारियों को देश के आदर्शों को बनाए रखने और अपनी संस्था के लिए नाम कमाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि संस्थान के 15 अन्य कैडेटों ने एस.एस.बी. पास कर लिया है और वे दिसंबर 2026 में शुरू होने वाले कोर्स के लिए नियुक्ति पत्रों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

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