पंजाब पुलिस के महिला हेल्प डेस्कों को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित 2.31 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त
चंडीगढ़, 11 जुलाई 2026:
महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कायम रखते हुए पंजाब पुलिस द्वारा स्थापित महिला हेल्प डेस्कों को पूरे राज्य में व्यापक जनसमर्थन मिला है। इन हेल्प डेस्कों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से संबंधित कुल 2,31,677 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। राज्य पुलिस ने सभी 424 पुलिस थानों, जिनमें 39 विशेष प्रयोजन पुलिस थाने भी शामिल हैं, में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं।
पंजाब ग्रिवेंस डिस्पोजल (पीजीडी) पोर्टल के माध्यम से 1 जनवरी 2023 से 30 जून 2026 तक महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित 1,33,152 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 99,692 शिकायतों (74.8 प्रतिशत) का निपटारा पंजाब पुलिस महिला मित्रों द्वारा किया गया।
हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्यभर में महिला मित्र पहल और महिला हेल्प डेस्कों के तहत कार्यरत महिला पुलिस कर्मियों के लिए 93 इलेक्ट्रिक स्कूटरों को मंजूरी दी है।
इन इलेक्ट्रिक स्कूटरों को हाल ही में पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य महिला पुलिस कर्मियों को राज्य के हर क्षेत्र तक पहुंचने तथा महिलाओं और बच्चों की शिकायतों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने में सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव ने कहा, "इस पहल ने महिलाओं तक पुलिस सेवाओं की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार किया है, जेंडर-संवेदनशील पुलिसिंग को सुनिश्चित किया है, लोगों के विश्वास को मजबूत किया है तथा समाज के कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में समय पर हस्तक्षेप संभव बनाया है। महिला हेल्प डेस्कों ने पुलिस थानों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुलभ स्थानों में परिवर्तित कर दिया है। 424 पुलिस थानों में कुल 848 पंजाब पुलिस महिला मित्र तैनात की गई हैं, जो पंजाब पुलिस के प्रति बढ़ते जनविश्वास का प्रमाण हैं।
पंजाब पुलिस ने राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित कर महिलाओं की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है।"
महिला हेल्प डेस्क की शुरुआत से पहले महिलाओं और बच्चों से संबंधित शिकायतों का निपटारा मुख्य रूप से पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा किया जाता था। शिकायत दर्ज कराने के लिए अधिक सहज, संवेदनशील और पीड़ित-केंद्रित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस ने वर्ष 2021 में पंजाब पुलिस महिला मित्र (पीपीएमएम) परियोजना शुरू की।
इस पहल के तहत महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 848 पंजाब पुलिस महिला मित्र विशेष रूप से तैनात की गई हैं।
इसके अतिरिक्त, पंजाब पुलिस वर्तमान में राज्य में 10 महिला पुलिस थाने तथा 15 महिला सहायता केंद्र संचालित कर रही है, जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष सहायता प्रदान करते हैं। ये केंद्र महिलाओं को सुरक्षित और गोपनीय वातावरण उपलब्ध कराते हैं, जहां वे बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं और सहायता प्राप्त कर सकती हैं। प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मियों द्वारा संचालित ये केंद्र शिकायतों की संवेदनशील सुनवाई, परामर्श, कानूनी मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने आगे कहा, "समर्पित महिला अधिकारियों की उपलब्धता से पीड़ित महिलाओं का पुलिस तक पहुंचने का विश्वास बढ़ा है, जिससे लैंगिक आधार पर होने वाले अपराधों की रिपोर्टिंग में वृद्धि हुई है तथा पीड़ितों को बेहतर सहायता मिल रही है।"
पंजाब पुलिस ने न केवल प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं, बल्कि उनकी उपयोगिता और प्रभाव का आकलन करने के लिए गैर-सरकारी संस्थाओं जे-पाल और हारटेक फाउंडेशन के सहयोग से एक मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू की है।
समुदाय एवं महिला मामलों के एसडीजी गुरप्रीत दियो ने कहा, "इन हेल्प डेस्कों ने पुलिस और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करने में मदद की है तथा पीड़ितों में यह विश्वास पैदा किया है कि उन्हें प्रशिक्षित और संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारियों से उचित सहायता मिलेगी।"


