पंजाब में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगा मानवाधिकार आयोग : पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी
By NIRPAKH POST
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होशियारपुर/गढ़शंकर, 20 जून : पंजाब राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि पंजाब में मानवाधिकारों की रक्षा तथा नशे के खात्मे के लिए आयोग की ओर से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे की बुराई से बचाना तथा समाज में जागरूकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाया जा रहा "युद्ध नशे के विरुद्ध" अभियान सकारात्मक परिणाम दे रहा है और मानवाधिकार आयोग भी इस अभियान को मजबूत करने के लिए पूरा सहयोग प्रदान करेगा।
शुक्रवार को शाम चौरासी के लिए जिला प्रबंधकीय परिसर, होशियारपुर तथा गढ़शंकर उपमंडल के लिए गांव बोड़ा में आयोजित जन सुनवाई शिविरों के दौरान पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों में ओपन हियरिंग कैंप आयोजित कर रहा है और अब सभी जिलों को कवर करने के बाद उपमंडल स्तर पर जन सुनवाई शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कोर ग्रुप का गठन किया गया है, जिसमें कुल 317 सदस्यों को शामिल किया गया है। होशियारपुर जिले में 14 सदस्य विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को आयोग तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली में तेजी आने से आम लोगों का विश्वास बढ़ा है और प्रतिदिन 500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
पद्मश्री शंटी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है तो वह 9855475547 नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकता है। प्रत्येक शिकायत को सात दिनों के भीतर पंजीकृत कर उस पर कार्रवाई शुरू की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते हुए बताया कि आयोग ने सरकार से सभी पंजीकृत इमीग्रेशन एजेंटों की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में आगे आकर लिखित शिकायत दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पद्मश्री शंटी ने बताया कि होशियारपुर पहुंचने से पहले उन्होंने थाना माहिलपुर का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके लिए उन्होंने जिला पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी एडवाइजरी के अनुसार कोई भी अस्पताल बकाया बिल के कारण मरीज अथवा मृतक का शव रोककर नहीं रख सकता। पंजाब सरकार द्वारा इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके हैं और पंजाब ऐसा नियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर तथा लावारिस व्यक्तियों के अंतिम संस्कार या दफन के लिए सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शवों को सुरक्षित रखने के लिए मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध करवाने तथा सफाई कर्मचारियों को जूते, दस्ताने, सैनिटाइजर और बीमा जैसी सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मानवाधिकारों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से बड़े शहरों में 112 नंबर पर कॉल करने पर गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस के लिए पुलिस पायलट सुविधा उपलब्ध करवाने संबंधी सलाह जारी की गई है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
गढ़शंकर के गांव बोड़ा में पद्मश्री शंटी के नेतृत्व में नशे के खिलाफ जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में जागरूकता संबंधी स्लोगन लिए हुए थे और नशामुक्त पंजाब के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला प्रशासन तथा क्षेत्रवासियों की ओर से पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) निधि कुमुद बंबाह, एसडीएम होशियारपुर परमप्रीत सिंह, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, आरटीओ अमनदीप कौर घुम्मण, एसपी मनप्रीत शिमार, केंद्रीय जेल के सुपरिटेंडेंट हरचरण सिंह, जिला राजस्व अधिकारी अमनदीप चावला, कंचन देयोल तथा कोर ग्रुप के सदस्य तरसेम सिंह जस्सोवाल, मनी गोगिया, राजीव बजाज, गुरप्रीत कौर, करम सिंह, कुलवंत कौर, विनोद ओहरी, पुरुषोत्तम लाल दड़ोच, गुरबख्श सिंह और सतीश जौड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
शुक्रवार को शाम चौरासी के लिए जिला प्रबंधकीय परिसर, होशियारपुर तथा गढ़शंकर उपमंडल के लिए गांव बोड़ा में आयोजित जन सुनवाई शिविरों के दौरान पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी ने लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से आयोग प्रदेश के विभिन्न जिलों में ओपन हियरिंग कैंप आयोजित कर रहा है और अब सभी जिलों को कवर करने के बाद उपमंडल स्तर पर जन सुनवाई शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कोर ग्रुप का गठन किया गया है, जिसमें कुल 317 सदस्यों को शामिल किया गया है। होशियारपुर जिले में 14 सदस्य विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को आयोग तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली में तेजी आने से आम लोगों का विश्वास बढ़ा है और प्रतिदिन 500 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
पद्मश्री शंटी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है तो वह 9855475547 नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकता है। प्रत्येक शिकायत को सात दिनों के भीतर पंजीकृत कर उस पर कार्रवाई शुरू की जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने विदेश भेजने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते हुए बताया कि आयोग ने सरकार से सभी पंजीकृत इमीग्रेशन एजेंटों की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में आगे आकर लिखित शिकायत दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पद्मश्री शंटी ने बताया कि होशियारपुर पहुंचने से पहले उन्होंने थाना माहिलपुर का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके लिए उन्होंने जिला पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा 9 दिसंबर 2025 को जारी एडवाइजरी के अनुसार कोई भी अस्पताल बकाया बिल के कारण मरीज अथवा मृतक का शव रोककर नहीं रख सकता। पंजाब सरकार द्वारा इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके हैं और पंजाब ऐसा नियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर तथा लावारिस व्यक्तियों के अंतिम संस्कार या दफन के लिए सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शवों को सुरक्षित रखने के लिए मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध करवाने तथा सफाई कर्मचारियों को जूते, दस्ताने, सैनिटाइजर और बीमा जैसी सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
जतिंदर सिंह शंटी ने कहा कि गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी मानवाधिकारों की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से बड़े शहरों में 112 नंबर पर कॉल करने पर गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस के लिए पुलिस पायलट सुविधा उपलब्ध करवाने संबंधी सलाह जारी की गई है, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
गढ़शंकर के गांव बोड़ा में पद्मश्री शंटी के नेतृत्व में नशे के खिलाफ जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में जागरूकता संबंधी स्लोगन लिए हुए थे और नशामुक्त पंजाब के समर्थन में नारे लगाए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला प्रशासन तथा क्षेत्रवासियों की ओर से पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) निधि कुमुद बंबाह, एसडीएम होशियारपुर परमप्रीत सिंह, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, आरटीओ अमनदीप कौर घुम्मण, एसपी मनप्रीत शिमार, केंद्रीय जेल के सुपरिटेंडेंट हरचरण सिंह, जिला राजस्व अधिकारी अमनदीप चावला, कंचन देयोल तथा कोर ग्रुप के सदस्य तरसेम सिंह जस्सोवाल, मनी गोगिया, राजीव बजाज, गुरप्रीत कौर, करम सिंह, कुलवंत कौर, विनोद ओहरी, पुरुषोत्तम लाल दड़ोच, गुरबख्श सिंह और सतीश जौड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


