भगवंत मान सरकार की ओर से बिजली के अधिक आए बिलों से प्रभावित उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत का ऐलान
चंडीगढ़, 25 अगस्त 2026:
बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने विशेष राहत का ऐलान किया है, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता अस्थायी, गलत या अधिक आए बिलों के कारण 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित न रहे। इस संबंध में ऐलान करते हुए पंजाब के बिजली मंत्री स. तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि मीटर रीडरों की हड़ताल के दौरान अस्थायी बिलिंग से प्रभावित 63,702 उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त बिजली का लाभ जारी रहेगा, जबकि अधिक आए बिलों से संबंधित हर जायज मामले का दो सप्ताह के भीतर समाधान कर दिया जाएगा। इस संबंध में एक समर्पित हेल्पलाइन भी जल्द जारी की जाएगी। बिलिंग से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए पीएसपीसीएल के 20 कर्मचारियों की एक विशेष टीम पहले ही मुख्यालय में तैनात की जा चुकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री स. सौंद ने कहा, "पंजाब सरकार प्रत्येक बिजली उपभोक्ता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र परिवार को तकनीकी, अस्थायी या बिलिंग से संबंधित गलती के कारण अपने 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक जायज मामले का तत्काल, पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से निपटारा किया जाए।"
बिजली मंत्री ने कहा कि अप्रैल और जुलाई 2026 के बीच कुछ मामलों में अस्थायी बिलिंग की स्थिति पैदा हो गई थी, क्योंकि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण मीटर की नियमित रीडिंग समय पर नहीं की जा सकी। उन्होंने आगे कहा, "ऐसे मामलों में बिल पिछली औसत खपत के आधार पर तैयार किए गए थे और वास्तविक मीटर रीडिंग उपलब्ध होने के बाद इनका मिलान किया जाना था।"
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी अस्थायी बिलिंग से प्रभावित पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए लागू पात्रता शर्तों के तहत प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ जारी रहेगा।
बिजली मंत्री ने कहा कि अस्थायी बिलिंग से प्रभावित पात्र उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए विशेष कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा, "कुल 78 लाख उपभोक्ताओं में से केवल 63,702 को ही तीन महीनों के प्रोविजनल बिल दिए गए थे।"
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "सामान्य बिलिंग प्रक्रिया के तहत प्रोविजनल बिल की गणना उपभोक्ता की पिछली औसत खपत के आधार पर की जाती है। जब बाद में मीटर की रीडिंग ली जाती है तो बीच की अवधि के लिए वास्तविक खपत का बिलिंग प्रणाली के माध्यम से मिलान किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि तीन बिलिंग चक्रों में किसी उपभोक्ता की वास्तविक खपत 250 यूनिट, 250 यूनिट और 410 यूनिट थी, लेकिन पहले दो बिल 250-250 यूनिट के आधार पर प्रोविजनल रूप से जारी किए गए थे, तो बाद में मीटर रीडिंग में 910 यूनिट की कुल वास्तविक खपत दिखाई देगी। इसके बाद बिलिंग प्रणाली इस खपत को तीन बिलिंग अवधियों में बांट देगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक बिलिंग अवधि में लगभग 303 यूनिट खपत दिखाई देगी।"
बिजली मंत्री ने कहा, "ऐसा मिलान अपने आप में बिलिंग संबंधी गलती नहीं है। वास्तविक खपत 910 यूनिट ही रहती है, प्रणाली केवल उस खपत को संबंधित बिलिंग अवधि में विभाजित करती है। हालांकि, क्योंकि मुफ्त बिजली का लाभ 300 यूनिट तक उपलब्ध है, इस तरह के मिलान के परिणामस्वरूप उपभोक्ता को अपेक्षा से काफी अधिक बिल आ सकता है।"
उन्होंने बताया, "इस प्रक्रिया के दौरान कुछ डेटा-माइग्रेशन और सॉफ्टवेयर से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा और कुछ मामलों में पिछले मीटर-रीडिंग का डेटा नए सिस्टम में सही ढंग से उपलब्ध नहीं था, जिसके परिणामस्वरूप खपत की गई यूनिटों की गणना में कुछ गलतियां हुईं।"
उन्होंने कहा, "दूसरा मुद्दा अप्रैल-जुलाई 2026 के मीटर रीडरों की हड़ताल से संबंधित था, जिसके दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को उनकी पिछली औसत खपत के आधार पर अस्थायी बिल प्राप्त हुए। एक बार वास्तविक मीटर रीडिंग उपलब्ध होने के बाद इन बिलों का बिलिंग प्रणाली के माध्यम से मिलान किया जाना था।"
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "नए बिलिंग सिस्टम में बदलाव और उसके बाद अस्थायी बिलों के मिलान के परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आईं। इनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहां बिल उपभोक्ता के सामान्य मासिक बिल की तुलना में काफी अधिक आए।"
बिजली मंत्री ने बताया कि पीएसपीसीएल ने बिलिंग प्रणाली को मजबूत करने और ऐसी समस्याओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कई सुधारात्मक और रोकथाम संबंधी कदम उठाए हैं। पीएसपीसीएल की तकनीकी टीम ने सॉफ्टवेयर संबंधी समस्याओं की जांच की है और सही बिल भेजना सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही इस अंतर का पता लगाने और गलत बिलों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी अपनाए जा रहे हैं।
बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली बिलों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जल्द ही जारी किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी शिकायतों के समाधान के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस उद्देश्य के लिए 20 पीएसपीसीएल कर्मचारियों वाली एक विशेष टीम पहले ही मुख्यालय में तैनात की जा चुकी है। पीएसपीसीएल ने बिलिंग संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं के लिए अपनी शिकायत निवारण व्यवस्था को भी मजबूत किया है। शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाती है और जहां भी कोई गलती पाई जाती है, वहां मिलान करके निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाता है। जहां किसी गलती के कारण बिल अधिक पाया जाता है, वहां उपभोक्ता के बाद के बिल में इसे ठीक किया जाएगा।
मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की कि जिन लोगों को अधिक या अस्थायी बिजली बिल प्राप्त हुए हैं, वे घबराएं नहीं और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से पीएसपीसीएल से संपर्क करें। उन्होंने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि जायज शिकायतों को स्वतः ठीक किया जाएगा और तकनीकी या सिस्टम संबंधी गलतियों के कारण उन पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है और नियमों एवं कानूनों के अनुसार उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। पीएसपीसीएल ने मीटर रीडिंग और बिलिंग से संबंधित मुद्दों की सटीक निगरानी के लिए भी कदम उठाए हैं। ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां वास्तविक खपत और बिल में दर्ज खपत के बीच अंतर के कारण बिल अधिक आए हैं। इन मामलों की तत्काल जांच और निपटारे के लिए ऑनलाइन सिस्टम में भी बदलाव किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं को केवल वास्तविक खपत के लिए भुगतान करना होगा: सीएमडी
इस दौरान पीएसपीसीएल के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पीएसपीसीएल पहले ही प्रभावित मामलों की पहचान कर चुका है और वास्तविक खपत के साथ अस्थायी बिलों का आवश्यक मिलान कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा वास्तव में खपत की गई बिजली का ही बिल वसूला जाएगा और पहले किए गए भुगतान उपभोक्ताओं के खातों में जमा कर दिए जाएंगे।
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने दोहराया कि पंजाब सरकार और पीएसपीसीएल सही, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बिजली बिलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी को राज्य सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का पूरा लाभ मिलना सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा, "सरकार का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करेगा कि वास्तविक उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निपटारा किया जाए, गलत बिलों को सही सत्यापन के माध्यम से ठीक किया जाए और प्रणालीगत सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को भविष्य के बिलिंग चक्रों में ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।"


