पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री से की मुलाकात
नई दिल्ली/पंजाब, 15 अक्टूबर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, क्योंकि केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक के बाद केंद्र ने राज्य को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल का योगदान देगा। उन्होंने कहा कि देश के अन्न भंडार में राज्य के इस योगदान को लगातार जारी रखने के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अनिवार्य है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहपुर कंडी बांध के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा बार-बार जारी किए जा रहे नोटिसों पर भी चिंता जताई और बताया कि कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
इस बैठक के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसके दौरान पंजाब को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। हमने केंद्र को अवगत कराया कि पंजाब देश के अन्न भंडार में 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देता है और इस योगदान को बनाए रखने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री ने हमारी लगभग सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं और बिजली तथा कोयले की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है। हमने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि पंजाब देश के अन्न भंडार में अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखेगा। इंकलाब जिंदाबाद।”
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बैठक के दौरान पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) से संबंधित कई मुद्दों, विशेष रूप से कोयले की आपूर्ति और बिजली के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब को कोयले या बिजली की किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े और बिजली उत्पादन बिना किसी रुकावट के जारी रहे। पंजाब केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति करता है और इतनी बड़ी मात्रा में अनाज उत्पादन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत जरूरी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम पछवाड़ा कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति के संबंध में कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोयले की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, ताकि पंजाब बिना किसी रुकावट के बिजली उत्पादन जारी रख सके। मुझे संतोष है कि केंद्रीय बिजली मंत्री ने हमें बिजली और कोयले की पर्याप्त तथा निरंतर आपूर्ति का भरोसा दिया है। हमने भी केंद्र को आश्वासन दिया है कि देश की खाद्यान्न संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।”
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा रही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित मुद्दे भी उठाए गए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पंजाब में रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध परियोजनाओं का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है। बांध का निर्माण पूरा होने के बाद राज्य को पर्यावरण संबंधी प्राधिकरणों या राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। हमें चल रही परियोजना के संबंध में लगभग हर वर्ष एक या दो नोटिस मिलते रहते हैं, जिससे अनावश्यक परेशानियां पैदा होती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के जलविद्युत उत्पादन में पंजाब का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। हमने केंद्रीय बिजली मंत्री के साथ इन मुद्दों पर चर्चा की है, क्योंकि हमारी जलविद्युत परियोजनाओं का सुचारू संचालन और पूरा होना राज्य के साथ-साथ देश के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।”
बरगाड़ी और बहिबल कलां की घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब ये घटनाएं हुई थीं, उस समय पिछली सरकारें सत्ता में थीं। इसके बाद आई कांग्रेस सरकार ने भी इन मामलों को इतना कमजोर कर दिया था कि अब हमें इन्हें दोबारा तैयार करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में हम नए गवाहों को शामिल करके और नई रणनीति अपनाते हुए अदालत में चालान पेश करेंगे, ताकि इन मामलों को मजबूत किया जा सके।”
महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के निमंत्रण मिलने के बावजूद विदेश यात्रा की अनुमति के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “पेरिस में एक फूड फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जहां पंजाब का प्रतिनिधित्व करने के लिए मार्कफेड की ओर से एक स्टॉल लगाया जा रहा है। मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फ्रांस सरकार की ओर से भी निमंत्रण मिला है। इसके अलावा, मुझे जापान में तीन दिनों तक महिला और पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल तथा फाइनल मुकाबले देखने के लिए आमंत्रित किया गया था।”
उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के हितों के लिए की जाने वाली यात्राओं की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर ऐसे देशों की यात्राएं करते रहते हैं, जिनके नाम शायद हमने पहले कभी सुने भी नहीं होते। एक मुख्यमंत्री, जो राज्य का प्रतिनिधित्व करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास कर रहा हो, उसे लोगों की भलाई के लिए ऐसी यात्राएं करने की अनुमति मिलनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने अब अदालत का रुख किया है और उम्मीद है कि कल अनुमति मिल जाएगी। हम केवल पंजाब की बेहतरी के लिए यात्राएं करना चाहते हैं, ताकि निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित किया जा सके और उन्हें यहां कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इससे पंजाब के लोगों, विशेष रूप से हमारे युवा लड़कों और लड़कियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।”
मानसा में हुई दुखद घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना की साजिश रचने में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के कटघरे में लाया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी पार्टियां शवों पर राजनीति कर रही हैं और इस त्रासदी का इस्तेमाल अपने निजी हितों को पूरा करने के लिए कर रही हैं। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और कानून-व्यवस्था कायम रखी जाए।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


