'आप' प्रवक्ता नील गर्ग का भाजपा पर हमला, कहा- भाजपा 'आप' की बजाय अपने सियासी आधार की चिंता करे
चंडीगढ़, 2 नवंबर:
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा और उसके नेताओं को 'आप' की चिंता छोड़कर पंजाब के लोगों के बीच अपनी खिसकती सियासी जमीन और साख की तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास, उनके मुद्दे और पंजाब का विकास 'आप' की सबसे बड़ी ताकत है और कोई भी सियासी उथल-पुथल इसे बदल नहीं सकती।
तीन विधायकों के जाने के बाद 'आप' की झाड़ू बिखरने के भाजपा नेताओं के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए गर्ग ने कहा कि पार्टी ने कुछ समय पहले ही इन विधायकों से दूरी बना ली थी। उन्होंने जिक्र किया कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को जून 2025 में ही पार्टी से निलंबित कर दिया गया था, और इन लोगों के राजनीतिक फैसले पूरी तरह से उनके अपने हैं।
गर्ग ने जोर देकर कहा कि भाजपा को कुछ व्यक्तियों के जाने को 'आप' के प्रति जनसमर्थन के खात्मे के रूप में नहीं देखना चाहिए। लोकतंत्र में आखिरकार जनता ही पार्टियों का राजनीतिक भविष्य तय करती है। मायने यह नहीं रखता कि कौन पार्टी में आ रहा है या कौन छोड़ रहा है, बल्कि अहम यह है कि पार्टी की नीतियां और नीयत राज्य के हित में हैं या नहीं।
पंजाब में भाजपा के ट्रैक रिकॉर्ड पर निशाना साधते हुए गर्ग ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान हुई किसानों की मौतों, चंडीगढ़ की स्थिति, पंजाब के पानी के अधिकारों और राज्य के रोके गए फंड के बारे में भाजपा को जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने कथित तौर पर पंजाब के हितों के खिलाफ काम किया हो, वह राज्य के लोगों से अपने नुमाइंदों (नेताओं) को स्वीकार करने की उम्मीद नहीं कर सकती।
गर्ग ने कहा कि पंजाब के लोग उन मुद्दों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं, जो उनके जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। इनमें किसानों की भलाई, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, व्यापारियों के हित, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं, मुफ्त बिजली और समान विकास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों और जन कल्याण की तरफ ध्यान देने के कारण ही लोग मुख्यमंत्री भगवंत मान और 'आप' का लगातार समर्थन करते आ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में भाजपा के सियासी मंसूबे तब तक सफल नहीं होंगे, जब तक उसकी नीतियां पंजाब विरोधी रहेंगी। पंजाब के लोग राजनीतिक पार्टियों का मूल्यांकन उनके रिकॉर्ड, नीयत और पंजाब के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर करेंगे, न कि सियासी दल-बदल के आधार पर।
गर्ग ने राघव चड्ढा और कुंवर विजय प्रताप सिंह को लेकर भी भाजपा से सवाल किया। उन्होंने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह पहले राघव चड्ढा पर पंजाब में नशे की बिक्री को बढ़ावा देने में भूमिका निभाने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने भाजपा से पूछा कि अब जब दोनों नेता एक ही पार्टी में आ गए हैं, तो भाजपा इन आरोपों को किस नजरिए से देखती है और इस मामले पर उसका क्या रुख है।


