लहरागागा के निकट गांव खंडेबाद में 27 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर बनेगी नई अनाज मंडी: बरिंदर कुमार गोयल

लहरागागा के निकट गांव खंडेबाद में 27 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर बनेगी नई अनाज मंडी: बरिंदर कुमार गोयल

*चंडीगढ़, 2 नवंबर:*

पंजाब के जल संसाधन मंत्री और लहरागागा से विधायक श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज घोषणा की कि लहरागागा के निकटवर्ती गांव खंडेबाद में 217 कनाल 14 मरले (27 एकड़ से अधिक) सरकारी भूमि पर नई अनाज मंडी स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव को मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट द्वारा 31 अक्टूबर को हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई है।

यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लहरागागा की मौजूदा अनाज मंडी फसलों विशेषकर धान और गेहूं की बढ़ती आमद को संभालने के लिए अपर्याप्त साबित हो रही थी क्योंकि पिछले वर्षों के दौरान फसलों के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि मौजूदा अनाज मंडी लगभग 45 साल पहले करीब 12 एकड़ भूमि पर बनाई गई थी। इसी भूमि में से बाद में कॉटन यार्ड भी बना दिया गया। उन्होंने बताया कि फसलों की आमद लगातार बढ़ने के कारण मंडी में खरीद और व्यापारिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध स्थान अपर्याप्त हो गया था।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मौजूदा अनाज मंडी शहर के बिल्कुल बीच में स्थित होने के कारण खरीद सीजन के दौरान आवाजाही की गंभीर समस्या पैदा होती थी जिसके कारण किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों द्वारा लंबे समय से इस समस्या के समाधान और कृषि उत्पादों की सुचारू खरीद के लिए नई अनाज मंडी स्थापित करने की मांग की जा रही थी।

लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा करते हुए पंजाब सरकार द्वारा लहरागागा के साथ लगते गांव खंडेबाद में अपनी 217 कनाल 14 मरले भूमि पर नई अनाज मंडी विकसित करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित अनाज मंडी तक पहुंच के लिए रास्ता गांव लहल खुर्द की भूमि के रास्ते बनाया जाएगा।

श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि नई अनाज मंडी स्थापित होने से किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों को बड़ी राहत मिलेगी और लहरागागा शहर में ट्रैफिक की समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह नई मंडी समूचे इलाके की कृषि और व्यापारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक होगी।

कैबिनेट मंत्री ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान और समूची कैबिनेट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के साथ-साथ कृषि उत्पादों की मंडीकरण प्रक्रिया को और सुचारू बनाने में मददगार साबित होगा।