हरियाणा-राजस्थान पुलिस के कब्जे से बस के शीशे तोड़कर बाहर निकले पार्षद, वीडियो वायरल
अलवर/तिजारा:राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा नगर परिषद चुनाव (सभापति पद के चुनाव) से ठीक पहले एक ऐसा सनसनीखेज और फिल्मी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसने लोकतंत्र को हिलाकर रख दिया है। हिमाचल प्रदेश के कसौली में ठहरे कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को जब चुनाव में वोट डालने के लिए वापस लाया जा रहा था, तब हरियाणा के पंचकूला के पास हरियाणा और राजस्थान पुलिस पर उन्हें बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पार्षदों को अपनी जान बचाने और वोट डालने के लिए खुद ही प्राइवेट बस के कांच और खिड़कियां तोड़नी पड़ीं। क्या है पूरा घटनाक्रम?हिमाचल से वापसी के दौरान घेराबंदी: तिजारा नगर परिषद चुनाव में बहुमत साबित करने के लिए कांग्रेस समर्थित करीब 18 नवनिर्वाचित पार्षदों को हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित रखा गया था। जब ये सभी पार्षद रविवार रात को बस और अन्य गाड़ियों से वापस लौट रहे थे, तो हरियाणा के पंचकूला/पिनजौर (चंदिमंदिर टोल प्लाजा के पास) पुलिस ने उन्हें रोक लिया।जंगल और फार्महाउस में कैद करने के आरोप: कांग्रेस नेताओं और पार्षदों का आरोप है कि पुलिस और सत्ता के दबाव में साजिशन पार्षदों को अलग-थलग कर दिया गया तथा उन्हें एक अज्ञात स्थान/जंगल या रिसॉर्ट में कैद कर लिया गया ताकि वे मतदान प्रक्रिया में शामिल न हो सकें।बस के शीशे तोड़कर भागे पार्षद (वायरल वीडियो)घटनास्थल से जुड़ा करीब 3 मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब डरे-सहमे पार्षदों (जिनमें महिला पार्षद भी शामिल थीं) को अहसास हुआ कि उन्हें बंधक बनाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है, तो उन्होंने घबराहट में अपने हाथों और डंडों से बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। शीशे तोड़कर पार्षद किसी तरह बाहर निकले और स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ियों में सवार होकर मतदान केंद्र के लिए भागे। हाईकोर्ट का दखल और कांग्रेस की जीतइस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए भजनलाल सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले किए। मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद अदालत के दखल से वोटिंग का समय बढ़ाकर रात तक किया गया। तमाम बाधाओं और 16 घंटे के इस सियासी संघर्ष के बाद पार्षद देर रात करीब 10 बजे तिजारा मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंत में कड़ी सुरक्षा और जद्दोजहद के बीच हुए मतदान में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने इस सीट पर शानदार जीत दर्ज की। तिजारा निकाय चुनाव का हाई-वोल्टेज ड्रामा: हरियाणा-राजस्थान पुलिस के कब्जे से बस के शीशे तोड़कर बाहर निकले पार्षद, वीडियो वायरल
अलवर/तिजारा:
राजस्थान के अलवर जिले के तिजारा नगर परिषद चुनाव (सभापति पद के चुनाव) से ठीक पहले एक ऐसा सनसनीखेज और फिल्मी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसने लोकतंत्र को हिलाकर रख दिया है। हिमाचल प्रदेश के कसौली में ठहरे कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को जब चुनाव में वोट डालने के लिए वापस लाया जा रहा था, तब हरियाणा के पंचकूला के पास हरियाणा और राजस्थान पुलिस पर उन्हें बंधक बनाने के गंभीर आरोप लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पार्षदों को अपनी जान बचाने और वोट डालने के लिए खुद ही प्राइवेट बस के कांच और खिड़कियां तोड़नी पड़ीं।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
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हिमाचल से वापसी के दौरान घेराबंदी: तिजारा नगर परिषद चुनाव में बहुमत साबित करने के लिए कांग्रेस समर्थित करीब 18 नवनिर्वाचित पार्षदों को हिमाचल प्रदेश में सुरक्षित रखा गया था। जब ये सभी पार्षद रविवार रात को बस और अन्य गाड़ियों से वापस लौट रहे थे, तो हरियाणा के पंचकूला/पिनजौर (चंदिमंदिर टोल प्लाजा के पास) पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
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जंगल और फार्महाउस में कैद करने के आरोप: कांग्रेस नेताओं और पार्षदों का आरोप है कि पुलिस और सत्ता के दबाव में साजिशन पार्षदों को अलग-थलग कर दिया गया तथा उन्हें एक अज्ञात स्थान/जंगल या रिसॉर्ट में कैद कर लिया गया ताकि वे मतदान प्रक्रिया में शामिल न हो सकें।
बस के शीशे तोड़कर भागे पार्षद (वायरल वीडियो)
घटनास्थल से जुड़ा करीब 3 मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब डरे-सहमे पार्षदों (जिनमें महिला पार्षद भी शामिल थीं) को अहसास हुआ कि उन्हें बंधक बनाकर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है, तो उन्होंने घबराहट में अपने हाथों और डंडों से बस की खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। शीशे तोड़कर पार्षद किसी तरह बाहर निकले और स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ियों में सवार होकर मतदान केंद्र के लिए भागे।
हाईकोर्ट का दखल और कांग्रेस की जीत
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए भजनलाल सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखे हमले किए। मामला राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसके बाद अदालत के दखल से वोटिंग का समय बढ़ाकर रात तक किया गया। तमाम बाधाओं और 16 घंटे के इस सियासी संघर्ष के बाद पार्षद देर रात करीब 10 बजे तिजारा मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंत में कड़ी सुरक्षा और जद्दोजहद के बीच हुए मतदान में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार ने इस सीट पर शानदार जीत दर्ज की।


