अयोध्या में विकास का नया सूर्योदय: 10वें दीपोत्सव के लिए योगी उत्साहित | Ayodhya Deepotsav News

अयोध्या में विकास का नया सूर्योदय: 10वें दीपोत्सव के लिए योगी उत्साहित | Ayodhya Deepotsav News

अयोध्या दीपोत्सव 2026, योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरा, योगी आदित्यनाथ फेसबुक पोस्ट अयोध्या, 10वां दीपोत्सव अयोध्या धाम, अयोध्या में विकास कार्य, रामनगरी अयोध्या दीपोत्सव, योगी सरकार अयोध्या योजनाएं, अयोध्या का सांस्कृतिक पुनर्जागरण, राम मंदिर अयोध्या विकास, अयोध्या में दिवाली 2026

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम में 10वें भव्य और दिव्य दीपोत्सव के आयोजन को लेकर गहरा उत्साह व्यक्त किया है। रामनगरी में हो रहे इस ऐतिहासिक महोत्सव के स्वागत के बीच मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रमुखता से उल्लेख किया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक और एक्स) पर एक भावुक और संदेशपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने दीपोत्सव को अयोध्या के प्राचीन वैभव, सनातन संस्कृति के गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा, "सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है। लाखों दीपों की अलौकिक आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव में त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।"

2017 से पहले की अयोध्या: उपेक्षा और अव्यवस्था का दंश

मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले के दौर को याद करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थी।

पूर्ववर्ती सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने लिखा, "निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाली सरकार को 'राम की अयोध्या' के विकास से क्या मतलब?" उन्होंने स्पष्ट कहा कि पहले की तुष्टिकरण नीतियों की वजह से रामनगरी को उसकी मूल पहचान से वंचित रखा गया था।

2017 के बाद: विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रभु श्री राम की कृपा से वर्ष 2017 के बाद श्री अयोध्या जी में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक नया सूर्योदय हुआ है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है।

आज अयोध्या एक नया रूप धारण कर चुकी है। भव्य-दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित रामपथ, नव्य-भव्य घाट, बेहतर कनेक्टिविटी और सोलर सिटी के रूप में तेजी से विकसित होती अयोध्या आज सनातन आस्था और आधुनिकता की एक अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है। श्री राम नगरी के इसी पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति हर साल दीपोत्सव के रूप में दिखाई देती है।

1.71 लाख दीपों से शुरू हुई यात्रा, अब बनेगा नया विश्व कीर्तिमान

दीपोत्सव की ऐतिहासिक विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में केवल 1.71 लाख दीपों के प्रज्वलन से शुरू हुई दीपोत्सव की यह यात्रा आज देश और दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की अगाध श्रद्धा और उत्साह का वैश्विक प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी लाखों रामभक्त सरयू तट और राम की पैड़ी पर दीप प्रज्वलन का एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विकसित भारत और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट के समापन में कहा कि यह दीपोत्सव उन पीढ़ियों के संजोए हुए स्वप्नों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपने राम की अयोध्या को त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की अभिलाषा दिल में बनाए रखी। आज इसका हर एक प्रज्वलित दीप तुष्टिकरण के अंधकार पर सनातन आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान के उदय और एक सशक्त व 'विकसित भारत' के निर्माण का दृढ संकल्प बनकर जगमगा रहा है।

ayodhya deepmala

Related Posts