अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स का सीनेट और हाउस पर कब्जा
वाशिंगटन: अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है, बल्कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचले सदन) में भी 218 सीटों का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है।
कंसास और मिशिगन में रचा गया इतिहास इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की हैं। कंसास में पार्टी ने करीब 100 साल बाद सूखा खत्म किया है। यहाँ 1932 के बाद पहली बार कोई डेमोक्रेट सीनेटर चुना गया है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने मौजूदा रिपब्लिकन सीनेटर रोजर मार्शल को हराकर यह सीट अपने नाम की।
वहीं, मिशिगन से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिकी इतिहास में सीनेटर चुने जाने वाले पहले मुस्लिम नेता बन गए हैं।
आंकड़ों में चुनाव के नतीजे:
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: हाउस की कुल 435 सीटों पर चुनाव हुए। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी 227 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 142 सीटों पर सिमटती दिख रही है।
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सीनेट: सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर चुनाव हुए। अब तक घोषित 31 सीटों के नतीजों में डेमोक्रेट्स ने 19 और रिपब्लिकन्स ने 12 सीटें जीती हैं। सदन में अब डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 53 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 43 सीटें हो गई हैं।
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गवर्नर: 36 राज्यों के गवर्नर चुनाव में से 31 के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें 20 पर डेमोक्रेट्स और 11 पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
'जनवरी में मुझे सीनेटर कहकर बुलाएं' मिशिगन से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले अब्दुल अल सैयद ने चुनाव प्रचार के दौरान हुई बयानबाजी को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में इसलिए आए ताकि बांटने वाले नेताओं से जनता की रक्षा कर सकें।
"हम सभी जानते हैं कि मेरे नाम और मेरे धर्म की वजह से आपका पेट्रोल खरीदना महंगा नहीं हुआ है। न ही इसकी वजह से आपको राशन खरीदने या डॉक्टर के पास जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।"
ट्रम्प पर सीधा निशाना साधते हुए सैयद ने कहा:
"मुझे पता है कि आपको मेरा नाम बोलने में परेशानी होती है। इसलिए जनवरी में जब जेडी वेंस मुझे सीनेटर पद की शपथ दिलाएंगे, तो आप मुझे सिर्फ 'सीनेटर' कहकर बुला सकते हैं।"
ईरान की प्रतिक्रिया चुनाव नतीजों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने साफ संदेश दिया है कि वह युद्ध नहीं चाहती। उन्होंने कहा, "लोगों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज और रोजी-रोटी की चिंता को ध्यान में रखते हुए युद्ध के खिलाफ वोट दिया है। हम जनता के इस फैसले का समर्थन करते हैं।" साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सरकार विदेशी दबाव में अपनी जनता की इच्छा के खिलाफ जाती है, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।


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