भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये

भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये

चंडीगढ़, 19 जुलाई:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के अंतर्गत राज्यभर के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शुरू किए गए ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम के अत्यंत उत्साहजनक और सार्थक परिणाम सामने आए हैं। बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक., बी.वोकेशनल तथा आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य विषय के रूप में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के पहले वर्ष में लगभग 95,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इनमें से 25,693 विद्यार्थियों ने अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू किए, जबकि 20,241 छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में लगभग 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

इस उपलब्धि पर उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब का बिजनेस क्लास कार्यक्रम शिक्षा के उद्देश्य को नई परिभाषा दे रहा है। हमारा लक्ष्य केवल डिग्रियां देना नहीं, बल्कि नवाचार करने वाले, उद्यमी और रोजगार सृजित करने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार करना है। लगभग 95,000 विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर काम किया, जिनमें से 25,000 से अधिक ने अपने स्टार्टअप शुरू किए। पहले ही वर्ष में इन उद्यमों ने सामूहिक रूप से लगभग 90 करोड़ रुपये की कमाई की। इससे स्पष्ट है कि यदि युवाओं को सही अवसर मिलें तो वे सफल व्यवसाय खड़े कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब की शिक्षा क्रांति हमारे युवाओं को केवल नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार और अवसर सृजित करने के लिए तैयार कर रही है।”

इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के युवा केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य की 20 विश्वविद्यालयों, 494 कॉलेजों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक सहित कुल 925 उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. तथा बी.वोकेशनल के विद्यार्थियों के लिए अकादमिक सत्र 2025-26 के दौरान दो-क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम शुरू किया गया।

पारंपरिक शिक्षा, जो केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित रहती है, उससे अलग यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, ग्राहक अनुसंधान, बाजार सत्यापन, व्यवसाय स्थापित करना, डिजिटल उपस्थिति, मूल्य निर्धारण रणनीति, ग्राहक प्राप्ति, वित्तीय योजना, संचार कौशल तथा समस्या समाधान जैसे व्यावहारिक उद्यमिता कौशल सिखाता है। परिणामस्वरूप लगभग 57,000 विद्यार्थी (करीब 60 प्रतिशत प्रतिभागी) पढ़ाई के दौरान ही वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हुए।

इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कॉमर्स, बेकरी एवं फूड सर्विस, डिजिटल कंटेंट निर्माण, कोडिंग एवं प्रोफेशनल सेवाएं, ग्राफिक डिजाइनिंग, फिटनेस एवं वेलनेस, रिटेल, ब्यूटी एवं पर्सनल केयर, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प तथा अन्य स्थानीय सेवा व्यवसायों में अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे पंजाब में देखने को मिल रहा है।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र सौरव ने अपने माचा पेय ब्रांड ‘मॉक, इन माचा’ के माध्यम से कॉलेज कार्यक्रमों में उत्पाद बेचकर लगभग 90,000 रुपये कमाए।इस उद्मम ने अपने विलक्षण फ्लेवरों और ताज़गी के कारण के कारण ख्याति हासिल की।

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के शरणवीर सिंह ने ‘स्किलएक्सस’ नामक डिजिटल करियर गाइडेंस प्लेटफॉर्म विकसित किया, जिसके 2.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हो चुके हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से बड़े स्तर पर तकनीक आधारित उद्यम स्थापित कर रहे हैं।

संत बाबा भाग सिंह विश्वविद्यालय, जालंधर के पंकज ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से ‘जारिया ज्वेलरी’ नाम से ऑनलाइन आर्टिफिशियल ज्वेलरी व्यवसाय शुरू किया और लगभग 150 ग्राहकों को सेवाएं देकर 30,000 रुपये की आय अर्जित की।

सरकारी आईटीआई, पटियाला के कमलजीत सिंह ने ‘केएमएल मशरूम’ की स्थापना की, जो स्थानीय बाजारों और रेस्तरां को बटन मशरूम की आपूर्ति करता है। उन्होंने लगभग 1.5 लाख रुपये कमाए और अपने ब्रांड की पैकेजिंग भी विकसित की।

सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने ‘नेल स्टूडियो बाय गगन’ नाम से घर आधारित नेल आर्ट व्यवसाय शुरू किया, जो इंस्टाग्राम और स्थानीय सैलून के सहयोग से संचालित हो रहा है। इससे उन्होंने लगभग 55,000 रुपये की कमाई की।

सरकारी आईटीआई, मोहाली के रमनदीप सिंह ने ‘क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक स्टोर’ नाम से ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट बनाई और सोशल मीडिया के माध्यम से बिक्री का विस्तार किया।

ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि ‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम राज्यभर के युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर पैदा कर रहा है।

पहले ही वर्ष में मिली अभूतपूर्व सफलता और उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सर्वसम्मति से शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी स्नातक (अंडरग्रेजुएट) डिग्री कार्यक्रमों में ‘बिजनेस क्लास’ का विस्तार करने की सिफारिश की है। पहले यह कार्यक्रम केवल बी.कॉम., बीबीए, बी.टेक. और बी.वोकेशनल तक सीमित था, लेकिन अब इसे बी.ए., बी.एससी. तथा अन्य सभी स्नातक पाठ्यक्रमों में भी लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को नियमित शिक्षा के साथ व्यावहारिक उद्यमिता कौशल प्राप्त हो सके।

‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम की सफलता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पंजाब की शिक्षा क्रांति की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उच्च शिक्षा में उद्यमिता को शामिल कर सरकार विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक कौशल प्रदान कर रही है, जिनकी बदौलत वे पढ़ाई के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और भविष्य में रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें।

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, बठिंडा के बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग) के छात्र शरणवीर सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा उद्यमिता को दी गई प्राथमिकता ने मेरे जैसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास पैदा किया है। ‘स्किलएक्सस’ उसी सोच को एक डिजिटल करियर गाइडेंस इकोसिस्टम में बदलने का मेरा प्रयास है, जो विद्यार्थियों को सही करियर चुनने में मदद करता है।”

सरकारी आईटीआई (महिला), मोहाली की गगनप्रीत कौर रंगी ने कहा, *“‘बिजनेस क्लास’ कार्यक्रम से पहले मुझे लगता था कि नौकरी ही एकमात्र विकल्प है। इस कार्यक्रम ने मेरी सोच बदल दी और मुझे अपने विचारों पर विश्वास करना सिखाया। आज मैं केवल नौकरी तलाशने के बजाय अपना व्यवसाय स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित हूं।” 

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