शिकायतों का समय पर निपटारा सुनिश्चित बनाने के लिए स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय ने पीजीडी पोर्टल नोडल अधिकारियों को दिए निर्देश
चंडीगढ़, 17 अप्रैल:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के लिए स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा-कम-जनता शिकायतें ए.एस. राय ने आज जनता शिकायत डिवीजन (पी.जी.डी.) के अंतर्गत सभी नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता की।
यह मीटिंग पीजीडी पोर्टल "pgd.punjabpolice.gov.in" के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायतों की वर्तमान स्थिति और निपटारे का जायजा लेने के लिए की गई, जो नागरिकों को पंजाब पुलिस से संबंधित शिकायतें दर्ज कराने के लिए एक समर्पित प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
यह मीटिंग डीजीपी पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर की गई। डीजीपी पंजाब गौरव यादव द्वारा स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय को नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग करके लंबित शिकायतों का जायजा लेने को कहा गया था। स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय द्वारा भविष्य में लोगों की समस्याओं का मौके पर निपटारा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का दौरा भी किया जाएगा।
मीटिंग के दौरान स्पेशल डीजीपी ए.एस. राय ने सभी नोडल अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि लोगों की शिकायतें पीजीडी पोर्टल के माध्यम से अपलोड की जाएं और इस संबंध में बनती कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नोडल अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निपटारे की व्यक्तिगत रूप से निगरानी की जाए और सभी आरोपों को निष्पक्ष एवं तर्कपूर्ण ढंग से हल करके जांच रिपोर्टों की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
स्पेशल डीजीपी ने कहा, ‘‘पारदर्शिता, जवाबदेही और शिकायतकर्ताओं को समय पर न्याय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।’’ उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के प्रभावी निपटारे के लिए सभी अधिकारियों को पीजीडी पोर्टल से पूरी तरह परिचित होना चाहिए।
जांच के मानकों को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे सभी आरोपों को निष्पक्ष और तर्कपूर्ण ढंग से निपटाएं ताकि जांच रिपोर्टों की गुणवत्ता में और वृद्धि की जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी शिकायतें निर्धारित समय सीमा के अंदर निपटाई जाएं, किसी भी अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए।
विशेष डीजीपी ने यह भी घोषणा की कि समय पर शिकायतों को अपलोड करने और निपटारे की सुविधा के लिए पुलिस स्टेशन स्तर पर समर्पित शिकायत प्रबंधन डेस्क सुनिश्चित किए जाएंगे।
लोक-केंद्रित पुलिसिंग की महत्ता पर जोर देते हुए अधिकारियों को विशेष रूप से जनता के साथ नम्रता और सम्मान के साथ पेश आने के निर्देश दिए गए। विशेष डीजीपी ने अधिकारियों से शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनने और तत्काल समाधान निकालने के लिए ईमानदार प्रयास करने की भी अपील की।


