श्री मुक्तसर साहिब में ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब’ के तहत 1050 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब, 23 जून:
शैक्षणिक उत्कृष्टता के ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण उत्सव के अवसर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आम आदमी पार्टी, पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आज 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 1050 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
श्री मुक्तसर साहिब में ‘ब्राइट माइंड्स पंजाब 2026’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस समारोह में स. बैंस ने कहा कि शिक्षा सभी सामाजिक चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि वे अपने पेशेवर जीवन में ऊंचाइयों को छूकर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
सभा को संबोधित करते हुए हरजोत सिंह स. बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट में संशोधन के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत फीस और फंड में वार्षिक वृद्धि अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। यह अध्यादेश मंजूरी के लिए पंजाब के राज्यपाल को भेजा गया है।
सरकार ने पिछले तीन वर्षों के दौरान फीस में ‘अनुचित’ वृद्धि करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया है। अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि उन्हें वापस की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए पंजाब अब देश के शिक्षा सूचकांक में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की पीजीआई 2.0 रैंकिंग में राज्य के स्कूलों को देशभर में पहला स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे परीक्षा प्रणाली में विश्वास और निष्पक्षता को और मजबूती मिलेगी।
युवाओं के कल्याण के प्रति सरकार की व्यापक सोच का उल्लेख करते हुए बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार ने बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने पंजाब के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे भविष्य उन्मुख कौशलों से लैस करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “एआई पारंपरिक भूमिकाओं को नया स्वरूप दे रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। यह अत्यंत आवश्यक है कि हमारे विद्यार्थी इस तकनीकी क्रांति में सक्रिय भागीदार बनें।”
श्री मनीष सिसोदिया ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ खुली और रचनात्मक बातचीत की। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा तक पहुंच प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है। किसी भी देश की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि जहां देश के कई राज्य अब भी गंभीर शैक्षिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहीं पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित कर रहा है।
समारोह का माहौल अत्यंत उत्साहपूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछकर और व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव देकर सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान नीति निर्माताओं और युवा विद्यार्थियों के बीच विचारों का सार्थक आदान-प्रदान देखने को मिला।
इस अवसर पर श्री मुक्तसर साहिब के विधायक जगदीप सिंह काका बराड़, स्कूल शिक्षा (सेकंडरी) के निदेशक एस.एस. बल्ल तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


