मान सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों की फीस पर 5 प्रतिशत से अधिक वृद्धि पर लगाई रोक
By NIRPAKH POST
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चंडीगढ़/होशियारपुर/गढ़शंकर, 15 जुलाई:
पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर स. जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शिक्षा को व्यापार नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार मानती है। इसी सोच को अमल में लाते हुए पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों द्वारा किए जाने वाले मनमाने फीस वृद्धि पर सख्त लगाम कस दी है। अब राज्य का कोई भी प्राइवेट स्कूल बिना नियमों के 5 प्रतिशत से अधिक फीस में वृद्धि नहीं कर सकेगा।
डिप्टी स्पीकर रौड़ी ने बताया कि ""पंजाब गैर-सहायता प्राप्त शिक्षा संस्थानों की फीस नियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026" को राज्यपाल द्वारा मंजूरी मिल चुकी है। इस अध्यादेश के लागू होने से राज्य के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी और प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीसों में किए जाने वाले वृद्धि पर प्रभावी रोक लगेगी।
स. रौड़ी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से अभिभावक प्राइवेट स्कूलों की बढ़ती फीस के कारण आर्थिक दबाव के तहत थे। हर साल मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने के कारण आम और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। पंजाब सरकार ने लोगों की इस जायज़ माँग को गंभीरता से लेते हुए यह ऐतिहासिक फैसला लिया है।
स. रौड़ी ने कहा कि यह कानून शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शी ढंग और जवाबदेही को और मज़बूत करेगा। अब स्कूल अपनी मर्जी से फीसों में वृद्धि नहीं कर सकेंगे और हर फैसला निर्धारित नियमों के दायरे में रहकर ही लेना होगा। इससे अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा होगी और बच्चों की शिक्षा पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग के बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मनमानी को समाप्त करना है।
डिप्टी स्पीकर ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद शिक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक सुधार किए हैं। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को मज़बूत किया गया, स्कूल ऑफ़ एमिनेंस शुरू किए गए और अब प्राइवेट स्कूलों की फीस को नियमों के दायरे में लाकर लाखों परिवारों को राहत दी गई है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लोगों से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी जनहितों से जुड़े ऐसे और फैसले लिए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह अध्यादेश शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा और राज्य के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करेगा।


