हरजोत सिंह बैंस द्वारा मोहाली के सरकारी स्कूल का आकस्मिक दौरा; स्कूल की नुहार बदलने के दिए आदेश
एस.ए.एस. नगर, 12 फरवरी
सरकारी स्कूलों की नुहार बदलने की मुहिम के तहत पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज सुबह एस.ए.एस. नगर (मोहाली) जिले के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हथियारपुर का आकस्मिक दौरा किया। उन्होंने स्कूल कैंपस के आधुनिकीकरण के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) जमा करवाने के निर्देश दिए हैं।
यह स्कूल चंडीगढ़ के निकट स्थित होने के बावजूद कक्षाओं की खराब हालत, जिन्हें तुरंत पेंट की आवश्यकता है, पर असंतोष व्यक्त करते हुए स. हरजोत सिंह बैंस ने डायरेक्टर (सेकेंडरी शिक्षा) को फोन करके इस संबंध में तुरंत एक निरीक्षण टीम गठित करके स्कूल के दौरे पर भेजने और एक सप्ताह के अंदर डी.पी.आर. पेश करने के आदेश दिए। उन्होंने इस स्कूल को एक आदर्श मॉडल शिक्षा संस्थान में बदलने की प्रतिबद्धता जाहिर की।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल की मरम्मत, आईसीटी-सक्षम कमरों का निर्माण और विद्यार्थियों की नई वर्दी संबंधी निर्देश देते हुए कहा कि राज्य की राजधानी के निकट स्थित इस स्कूल को एक मॉडल संस्थान बनाया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल को स्कूल के गलियारों में विद्यार्थियों के आर्ट वर्क को प्रदर्शित करने के लिए भी कहा।
इस दौरान स. हरजोत सिंह बैंस ने विद्यार्थियों से बातचीत करके शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में फीडबैक लिया। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में बड़े और ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने तथा कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और अपने जीवन में बुलंदियां हासिल करने के लिए उत्साहित किया।
स्कूल प्रिंसिपल ने शिक्षा मंत्री को बताया कि 15 लाख रुपये की ग्रांट से स्कूल के खेल मैदान को अपग्रेड किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने प्रिंसिपल को साथ ही कहा कि इस खेल मैदान को स्थानीय बच्चों के लिए शाम को खुला रखने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की जवाबदेही और तुरंत अमल के माध्यम से शिक्षा में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स. बैंस ने स्कूल अध्यापकों को एक मांग सूची तैयार करके इसे जल्द से जल्द निरीक्षण टीम को सौंपने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वे स्कूल के बुनियादी ढांचे की अपग्रेडेशन को सुनिश्चित बनाने के लिए इसकी व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे। उन्होंने सरकारी स्कूलों को शीर्ष निजी स्कूलों के बराबर खड़ा करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।


