भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने मकान निर्माण का बोझ घटाया, एमनेस्टी स्कीम-2025 की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई

भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने मकान निर्माण का बोझ घटाया, एमनेस्टी स्कीम-2025 की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाई

*चंडीगढ़, 13 जनवरी:*

पंजाब के आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एमनेस्टी पॉलिसी-2025 की अवधि में तीन महीने का विस्तार करने को मंज़ूरी देकर एक बड़ा जन-हितैषी कदम उठाया है, जिससे प्रदेश भर के डिफॉल्टर प्लॉट आवंटियों को बड़ी राहत मिली है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित एवं नीलाम किए गए प्लॉटों के लिए एमनेस्टी नीति-2025 की अवधि बढ़ाने को स्वीकृति दी है। इस निर्णय के साथ विकास प्राधिकरणों के डिफॉल्टर आवंटियों को इस नीति के तहत 31 मार्च 2026 तक आवेदन करने का नया अवसर मिला है। पात्र आवेदकों को संबंधित विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृति की तिथि से तीन महीनों के भीतर बकाया राशि जमा करानी होगी तथा आवेदन नई घोषित तिथि तक या उससे पहले जमा करने होंगे।

इस निर्णय को जन-हितैषी बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मान सरकार प्रदेश के लोगों की आवास निर्माण से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि कई परिवार और संस्थान बकाया राशि बढ़ जाने और कार्यालय स्तर की प्रक्रियाओं में देरी के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। योजना की अवधि बढ़ने से उन्हें अपनी संपत्तियों को नियमित करवाने सहित हर प्रकार के लेन-देन के लिए व्यावहारिक अवसर मिला है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लिया गया एक बड़ा जन-हितैषी फैसला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो आवंटी समय पर किश्तें जमा नहीं कर पाए या निर्धारित अवधि में निर्माण पूरा नहीं कर सके, उन्हें अब अपने बकाये का निपटारा करने का उचित अवसर दिया गया है।

उन्होंने सभी प्रभावित आवंटियों से अपील की कि वे बढ़ाई गई अवधि के भीतर इस योजना का लाभ उठाएं।

हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि एमनेस्टी पॉलिसी-2025 के तहत डिफॉल्टर आवंटी बिना जुर्माने के, योजना के अनुसार ब्याज सहित एकमुश्त बकाया राशि जमा करा सकते हैं, जबकि गैर-निर्माण शुल्क में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। आईटी सिटी एस.ए.एस. नगर या विकास प्राधिकरणों की अन्य योजनाओं में आवंटित संस्थागत साइटों, अस्पताल साइटों और औद्योगिक प्लॉटों के मामलों में आवंटन या नीलामी मूल्य के 2.5 प्रतिशत की दर से एक्सटेंशन फीस ली जाएगी तथा आवंटियों को निर्माण सहित आवंटन पत्र की शर्तें पूरी करने के लिए तीन वर्ष की अवधि दी जाएगी। यह योजना उन लोगों पर लागू होगी, जो 31 दिसंबर 2013 के बाद बकाया किश्तों का भुगतान करने में असफल रहे हैं या निर्धारित समय के भीतर निर्माण पूरा नहीं कर सके।