नशीले पदार्थों के धंधे से अर्जित 319 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त,

नशीले पदार्थों के धंधे से अर्जित 319 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त,

चंडीगढ़, 19 जुलाई 2026:

पंजाब पुलिस की तीन-सूत्री रणनीति—सख्त कानूनी कार्रवाई, जन-भागीदारी और निवारक जागरूकता—अपनी प्रमुख नशा विरोधी मुहिम 'युद्ध नशियां विरुद्ध' की विशेष पहचान बनकर उभरी है। अभियान की शुरुआत से लेकर बीते 500 दिनों के दौरान पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को बड़ा झटका दिया है। इसके साथ ही समुदायों को भी नशों के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।

'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के 500 दिन पूरे होने पर पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि इस अवधि के दौरान राज्य के इतिहास में नशा तस्करों के खिलाफ सबसे व्यापक और प्रभावी अभियानों में से एक चलाया गया। यह सफलता सख्त कानूनी कार्रवाई, खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशनों और जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग के माध्यम से हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि लगातार चलाए गए इस सख्त अभियान के परिणामस्वरूप रिकॉर्ड संख्या में नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए, बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और संगठित नशा तस्करी नेटवर्क को तोड़ा गया।

उन्होंने कहा, "1 मार्च 2025 को अभियान शुरू होने के बाद पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 52,432 एफआईआर दर्ज की हैं और 68,850 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें 629 बड़े तस्कर भी शामिल हैं, जिनके पास से दो किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये है।"

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने भी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64ए के तहत 10,917 व्यक्तियों को अदालती कार्यवाही से छूट देकर उन्हें अपनी जिंदगी को नई दिशा देने का अवसर दिया है। इसके तहत उन्हें सजा के बजाय नशा मुक्ति उपचार और पुनर्वास का लाभ लेने योग्य बनाया गया है।

पंजाब पुलिस ने साथ ही ड्रग माफिया के आर्थिक ढांचे को तोड़ने के लिए नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को कुर्क और जब्त करने की कार्रवाई भी की है।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के प्रमुख एडीजीपी नीलाभ किशोर ने कहा, "अभियान के दौरान नशा तस्करों की 319 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को कुर्क या जब्त किया गया। नशीले पदार्थों के धंधे से अर्जित पैसों से सरकारी जमीन पर की गई अवैध निर्माणों को भी गिराया गया। यह कार्रवाई नशा तस्करों और नशीले पदार्थों से अर्जित अवैध संपत्ति के प्रति पंजाब पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का स्पष्ट संदेश है।"

इस अभियान की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि 'सेफ़ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन' (97791-00200) के माध्यम से बढ़ी जनभागीदारी रही है। इस हेल्पलाइन पर 46,342 गुमनाम सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 22,960 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। लोगों द्वारा मिले इस भरपूर समर्थन से पंजाब पुलिस के प्रति बढ़ते जनविश्वास का पता चलता है। साथ ही यह जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग की सफलता का भी प्रमाण है, जिसने नागरिकों को बिना किसी डर के नशों से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए प्रेरित किया है।

पंजाब पुलिस यह भी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रही है कि जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई हो। डीजीपी गौरव यादव ने कहा, "एनडीपीएस मामलों में दोष साबित करने की 89 प्रतिशत दर—जो देश में सबसे अधिक है—उच्च गुणवत्ता वाली जांच, बेहतर साक्ष्य संकलन और अभियोजन एजेंसियों के साथ मजबूत समन्वय का परिणाम है।"

लगातार सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस 24,000 से अधिक विलेज डिफेंस कमेटियों के साथ नजदीकी समन्वय में काम कर रही है। इन कमेटियों में 1.25 लाख से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के साथ-साथ गांव स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने में भी सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा नशों के खिलाफ समाज को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों, सिविल सोसायटी संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं के सहयोग से जागरूकता अभियान, खेल प्रतियोगिताएं, युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम और सार्वजनिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

हालांकि अभियान के 500 दिन पूरे होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन पंजाब पुलिस इसे राज्य को नशों की समस्या से मुक्त करने के लिए चल रहे अपने निरंतर अभियान का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानती है। डीजीपी यादव ने कहा कि पुलिस बल संगठित ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करेगा, तस्करी नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच को और मजबूत बनाएगा और नागरिकों को नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करते हुए जनभागीदारी आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करेगा। 

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