" हम यहीं मर जाएंगे... यहीं बैठे रहेंगे " पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक तनाव का दर्दनाक तस्वीर

पहलगाम में टूरिस्टों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए राजनयिक तनाव का असर अब आम लोगों के जीवन पर भी साफ दिखने लगा है। सबसे ज्यादा मार उन महिलाओं पर पड़ी है जिनकी शादी पाकिस्तान में हुई थीं, लेकिन वे भारत में जन्मी और पली-बढ़ीं।

अब जब वे अपने वीजा की अवधि खत्म होने से पहले पाकिस्तान लौटना चाहती हैं, तो उन्हें बॉर्डर पर रोक दिया गया है।

दरअसल, इनकी पाकिस्तान में शादी तो हुई, लेकिन पाकिस्तान की नागरिकता आज तक नहीं मिली। वहीं, आदेश हैं कि भारतीय पासपोर्ट वालों को पाकिस्तान ना जाने दिया जाए। जिसके चलते अब इनका परिवार तो अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान जा रहा है, लेकिन इन्हें वापस मायके जाने और अगले आदेशों तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है।

राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली अफसीन जहांगीर ने गुस्से और गम के साथ कहा, “मेरी शादी कराची में हुई थी। मेरे बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं। उन्हें तो बॉर्डर पार कर जाने दिया गया लेकिन मुझे रोक दिया गया। बताइए, कौन सरकार मां को बच्चों से अलग करने का हक रखती है?” अफसीन की आंखों में आंसू थे और आवाज में वह लाचारी जो सीमाओं से परे मातृत्व के दर्द को बयां करती है।

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अरूदा की शादी बीस साल पहले पाकिस्तान में हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जो पाकिस्तानी नागरिक हैं। अरूदा कहती हैं, “हम एक महीने के लिए अपने मां-बाप से मिलने भारत आए थे। हमारे पास 27 तारीख की वापसी का टिकट था, लेकिन हालात देखकर चार दिन पहले ही निकलने की कोशिश की। हमें बॉर्डर पर रोक दिया गया, किसी ने ढंग से बात तक नहीं की। हम तो बस अपने घर, अपने बच्चों के पास लौटना चाहते हैं। हम यहीं मर जाएंगे, हम यहीं बैठेंगे, अब वापस नहीं जाएंगे।”

 

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