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                <title>Akali dal - Nirpakh Post</title>
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                <description>Akali dal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा की 10637 वोटों से बड़ी जीत </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पंजाब में लुधियाना की वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जीत दर्ज कर ली है। AAP उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 10637 वोटों से हराया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, तीसरे नंबर पर BJP के जीवन गुप्ता और चौथे नंबर पर शिरोमणि अकाली दल के परउपकार सिंह घुम्मन रहे। ये काउंटिंग खालसा कॉलेज फॉर विमेन के ऑडिटोरियम में हुई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिने गए। इसके बाद EVM से वोटों की गिनती हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">AAP की लीड 3 राउंड तक लगातार बढ़ी, लेकिन चौथे, पांचवें और छठे राउंड में कम हुई। तीनों राउंड में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/ludhiana--punjab--by-election-result-2025/article-2291"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/guhbdjvxyaadfsi.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पंजाब में लुधियाना की वेस्ट विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जीत दर्ज कर ली है। AAP उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने कांग्रेस के भारत भूषण आशु को 10637 वोटों से हराया।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, तीसरे नंबर पर BJP के जीवन गुप्ता और चौथे नंबर पर शिरोमणि अकाली दल के परउपकार सिंह घुम्मन रहे। ये काउंटिंग खालसा कॉलेज फॉर विमेन के ऑडिटोरियम में हुई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट गिने गए। इसके बाद EVM से वोटों की गिनती हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">AAP की लीड 3 राउंड तक लगातार बढ़ी, लेकिन चौथे, पांचवें और छठे राउंड में कम हुई। तीनों राउंड में कांग्रेस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिले। 3 राउंड में AAP की लीड घटने के बाद 7वें से फिर बढ़ना शुरू हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सीट पर उपचुनाव के लिए 19 जून को वोटिंग हुई थी, जिसमें 51.33% मतदाताओं ने मतदान किया। इस सीट से 2022 में AAP के उम्मीदवार गुरप्रीत गोगी जीते थे। हालांकि, कुछ महीने पहले उनकी गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद यहां उपचुनाव हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">संजीव अरोड़ा राज्यसभा सांसद हैं। अब विधायक बनने के बाद उन्हें राज्यसभा सीट छोड़नी होगी। ऐसे में चर्चा है कि उनकी जगह AAP सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल राज्यसभा जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-06/guhbdjvxyaadfsi.jpeg" alt="GuHbDJvXYAADFsi" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद भाजपा नेता अनिल सरीन ने कहा- आम आदमी पार्टी के जो उम्मीदवार जीते हैं, उन्हें मैं बधाई देता हूं। साथ ही लुधियाना की जनता को भी मेरा धन्यवाद, जिन्होंने हमारे उम्मीदवार को इतने वोट दिए। वोट प्रतिशत काफी कम रहा, इससे बीजेपी को काफी नुकसान हुआ है। साथ ही सरीन ने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश तो की गई, मगर फिर भी हम लड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/pakistan-army-jawan-and-his-accomplice/article-2289">पाकिस्तान आई. एस. आई. को फ़ौज से सम्बन्धित संवेदनशील डाटा लीक करने के लिए एक फ़ौजी जवान और उसका साथी गिरफ़्तार</a></p>
<p style="text-align:justify;">लुधियाना की वेस्ट सीट पर काउंटिंग शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा ने संगला शिवालय मंदिर में परिवार के साथ माथा टेका।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jun 2025 16:14:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुखबीर बादल फ़िर से बने अकाली दल के प्रधान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुखबीर सिंह बादल एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रधान बन गए हैं। अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर में बने तेजा सिंह समुद्री हॉल में पार्टी की बैठक में सर्वसम्मति के साथ इसका फैसला लिया गया। कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूंदड़ ने इस दौरान उनके नाम को प्रपोज किया। इस चुनाव के लिए उनके खिलाफ किसी ने भी अपना नाम प्रोपोज नहीं किया। जिसके बाद सर्वसम्मति के साथ सुखबीर बादल को प्रधान चुन लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुखबीर बादल ने 16 नवंबर 2024 को पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्हें अकाल तख्त द्वारा 'तनखैया' (धार्मिक दोषी)</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/shiromani-akali-dal-new-chief-election/article-1278"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-04/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुखबीर सिंह बादल एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रधान बन गए हैं। अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर में बने तेजा सिंह समुद्री हॉल में पार्टी की बैठक में सर्वसम्मति के साथ इसका फैसला लिया गया। कार्यकारी प्रधान बलविंदर सिंह भूंदड़ ने इस दौरान उनके नाम को प्रपोज किया। इस चुनाव के लिए उनके खिलाफ किसी ने भी अपना नाम प्रोपोज नहीं किया। जिसके बाद सर्वसम्मति के साथ सुखबीर बादल को प्रधान चुन लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">सुखबीर बादल ने 16 नवंबर 2024 को पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, जब उन्हें अकाल तख्त द्वारा 'तनखैया' (धार्मिक दोषी) घोषित किया गया था। 2 दिसंबर 2025 को अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने सुखबीर समेत पूरी मौजूदा पार्टी नेतृत्व को "पार्टी चलाने के अयोग्य" बताया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने ज्ञानी रघबीर सिंह को उनके पद से हटा दिया और उनकी जगह जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को नियुक्त किया।</p>
<p style="text-align:justify;">एसएडी प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी नेतृत्व पहले ही अकाल तख्त के निर्देशानुसार धार्मिक दंड भुगत चुका है। जब कोई धार्मिक सज़ा भुगत लेता है, तो वह पवित्र हो जाता है और पुरानी बातों को समाप्त माना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अकाली दल के सीनियर नेताओं का मानना है कि अकाल तख्त का निर्देश अब भी प्रभावी है। अकाल तख्त ने स्पष्ट रूप से कहा था कि पार्टी को नया नेता चुनना चाहिए, क्योंकि मौजूदा नेतृत्व अयोग्य है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार का चुनाव पंथक राजनीति के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। लेकिन अब अकाली दल के सामने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और भाजपा के अलावा दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">- खडूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पहले ही नया अकाली दल वारिस पंजाब दे के नाम से बना चुके हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">- अकाली दल के बागी नेता, जिन्होंने पहले अकाल दल रिफॉर्म कमेटी बनाई थी, उनकी अगली रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्रों का मानना है कि वे या तो खुद को असल अकाली बताकर नेतृत्व का दावा कर सकते हैं या कोई नया राजनीतिक दल बना सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शिरोमणि अकाली दल अपना 105 साल का इतिहास अपने में संजोए बैठा है। इसकी स्थापना 14 दिसंबर 1920 को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से हुई थी, जिसका उद्देश्य सिख समुदाय की धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक आवाज़ बनना था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/-daudda-punjab-marathon--o/article-1276">नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए 19 अप्रैल को 'दौड़दा पंजाब मैराथन'</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">1925 में गुरुद्वारा एक्ट लागू होने के बाद अकाली दल ने आजादी की लड़ाई में सक्रिय भाग लिया। "मैं मरां ते पंथ जिवे" की विचारधारा से प्रेरित होकर शुरुआती दौर में राजनीति से दूर रहा। 1937 के प्रोविंशियल चुनावों में 10 सीटें जीतकर दल ने राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-04/images-(3).jpeg" alt="images (3)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">देश के विभाजन के समय अकाली दल ने पुरजोर विरोध किया। फिरोजपुर और जीरा को पाकिस्तान में मिलाए जाने की खबर पर मास्टर तारा सिंह ने दिल्ली पहुंचकर वायसराय से यह निर्णय रुकवाया। संघर्षशील जीवन के बाद उनके पास मात्र 36 रुपए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 14:49:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुखबीर बादल पर हमला करने वाले नारायण सिंह  चौड़ा को मिली राहत </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अमृतसर की कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने के आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद अब यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। करीब 4 महीनों तक जेल में रहने के बाद चौड़ा को जमानत दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना 2023 में गोल्डन टेंपल परिसर में हुई थी, जब सुखबीर सिंह बादल सेवादार बन परिसर के बाहर सेवा कर रहे थे। इसी दौरान नारायण सिंह चौड़ा ने उन पर गोली चलाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, गोली सुखबीर बादल को नहीं लगी थी और वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/sukhbir-badal-fired-case/article-1021"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-03/download-(6).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अमृतसर की कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने के आरोपी नारायण सिंह चौड़ा को जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद अब यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। करीब 4 महीनों तक जेल में रहने के बाद चौड़ा को जमानत दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना 2023 में गोल्डन टेंपल परिसर में हुई थी, जब सुखबीर सिंह बादल सेवादार बन परिसर के बाहर सेवा कर रहे थे। इसी दौरान नारायण सिंह चौड़ा ने उन पर गोली चलाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, गोली सुखबीर बादल को नहीं लगी थी और वे बाल-बाल बच गए थे। इस घटना के बाद गोल्डन टेंपल परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी और पुलिस ने नारायण चौड़ा को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अमृतसर की कोर्ट ने चौड़ा को जमानत देते हुए कहा कि इस मामले में जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आरोपी को अधिक समय तक जेल में रखने का कोई ठोस कारण नहीं है। जिसके बाद उसे जमानत दे दी गई है। हालांकि, यह साफ नहीं हो सका है कि जमानत पर रिहाई के लिए किन शर्तों को रखा गया है<br />नारायण सिंह चौड़ा पंजाब में आतंकवाद के दौर से सक्रिय रहा है। 1984 में वह पाकिस्तान गया, जहां उसने भारत विरोधी संगठनों से संपर्क किया और गुरिल्ला वॉर पर साहित्य लिखा। वह हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में भी शामिल रहा और पंजाब में कई आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका सामने आई।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-03/download-(6).jpeg" alt="download (6)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उसके खिलाफ अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ में UAPA के तहत केस दर्ज हैं। 2013 में उसे तरनतारन से गिरफ्तार किया गया था, जहां से आरडीएक्स और हथियार बरामद हुए थे। 2004 में हुए बुड़ैल जेल ब्रेक कांड में भी उसका नाम सामने आया, जिसमें बेअंत सिंह के हत्यारे फरार हुए थे। चौड़ा पर आरोप है कि उसने जेल में इन आतंकियों की भागने की योजना में मदद की थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/deputy-speaker-rouri-tables-estimates/article-1020">पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान डिप्टी स्पीकर रौड़ी द्वारा अनुमान कमेटी की रिपोर्ट पेश</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">चौड़ा लंबे समय से बादल परिवार के खिलाफ था। 2013 में खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि वह प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को निशाना बना सकता है। उसने खालिस्तान लिबरेशन आर्मी बनाई थी और खालिस्तानी समर्थकों के बीच रणधीर सिंह के नाम से सक्रिय था। पुलिस जांच में उसके बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधों का भी खुलासा हुआ। सुखबीर बादल ने जब अकाल तख्त से मिली सजा स्वीकार की और सेवा शुरू की, तो चौड़ा ने उन पर हमला कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/punjab/sukhbir-badal-fired-case/article-1021</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:06:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर फायरिंग , गोल्डन टेंपल के बाहर कर रहे थे सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में बुधवार को पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर खालिस्तानी आतंकी ने फायरिंग की। सुखबीर बादल गोल्डन टेंपल के गेट पर सेवादार बनकर बैठे थे। डेरा सच्चा सौदा के मुखी राम रहीम को माफी देने को लेकर सिखों की सर्वोच्च अदालत अकाल […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/politics/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80-cm-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%96/article-76"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2024-12/23037850__thumbnail_16x9_mllcxxxzcaa.png" alt=""></a><br />
<p><strong>Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing</strong></p>



<p>अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में बुधवार को पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर खालिस्तानी आतंकी ने फायरिंग की। सुखबीर बादल गोल्डन टेंपल के गेट पर सेवादार बनकर बैठे थे। डेरा सच्चा सौदा के मुखी राम रहीम को माफी देने को लेकर सिखों की सर्वोच्च अदालत अकाल तख्त ने उन्हें यह सजा दी है।</p>



<p>वारदात के वक्त हमलावर ने जैसे ही उन पर गोली चलाई उसी समय सिविल वर्दी में तैनात उनके सुरक्षाकर्मियों ने उसका हाथ पकड़कर ऊपर उठा दिया। जिससे गोली गोल्डन टेंपल की दीवार पर जा लगी। इससे सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए।</p>



<p>इसके बाद हमलावर ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सुखबीर बादल को तुरंत सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। गोल्डन टेंपल के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।</p>



<p><strong>कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा रहा है आरोपी</strong> सुखबीर पर हमला करने वाला आरोपी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक का रहने वाला नारायण सिंह चौड़ा है। वह सिख संगठन दल खालसा का मेंबर है। वारदात के बाद पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर गोल्डन टेंपल पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।</p>



<p>अकाली नेता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा का साथी मार्केट कमेटी का चेयरमैन है। गोली चलाने वाला व्यक्ति चेयरमैन के साथी का भाई है।</p>



<p><strong>सुखबीर बादल पर कैसे हुआ हमला 1. गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के बहाने आया</strong> सुखबीर बादल के गोल्डन टेंपल में होने की वजह से उनके सुरक्षाकर्मी अलर्ट थे। हमलावर नारायण सिंह चौड़ा दल खालसा का मेंबर है। उस पर 1984 में आतंकवाद के दौर सक्रिय रहने और चंडीगढ़ बुड़ैल जेल ब्रेक जैसे आरोप रहे हैं। बुधवार को वह गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के बहाने आया।</p>



<p><strong>2. सुरक्षाकर्मियों की पहले से नजर थी</strong> सुखबीर के सुरक्षाकर्मियों को भी इसकी भनक लग गई। उन्होंने चौड़ा पर नजर रखी। चौड़ा पहले वहां घूमता रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे गोल्डन टेंपल के गेट की तरफ बढ़ा, जहां सुखबीर बादल व्हीलचेयर पर बैठकर सेवादार की ड्यूटी कर रहे थे।</p>



<p><strong>3. चंद कदम की दूरी पर जैकेट से पिस्टल निकाल फायर किया</strong> जब उसकी सुखबीर बादल से दूरी चंद मीटर की रह गई तो उसने अपनी जैकेट से पिस्टल निकाली और सुखबीर पर निशाना साधकर फायरिंग करने लगा। सुखबीर के सुरक्षाकर्मी उस पर पहले से नजर रख रहे थे। उन्होंने उसका हाथ पकड़कर ऊपर उठा दिया। जिससे गोली गोल्डन टेंपल की दीवार पर लगी। इसके बाद पुलिस कॉन्स्टेबल रछपाल सिंह और परमिंदर सिंह ने आरोपी को पकड़ लिया।</p>



<p><strong>Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing</strong></p>
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                                                            <category>Politics</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 07:40:55 +0530</pubDate>
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                <title>पंजाब पुलिस की चौकसी से सुखबीर बादल पर हमले की साजिश नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing चंडीगढ़, 4 दिसंबर: पंजाब पुलिस की सतर्कता के चलते आज शिरोमणि अकाली दल के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमले की साजिश नाकाम कर दी गई । श्री अकाल तख्त साहिब से तनखैइया घोषित किए गए सुखबीर बादल श्री हरमंदिर साहिब में सेवारत थे, […]
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/politics/punjabpolicebestduty/article-75"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2024-12/gvbvbvbvbvb.jpg" alt=""></a><br />
<p><strong>Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing</strong></p>



<p>चंडीगढ़, 4 दिसंबर: पंजाब पुलिस की सतर्कता के चलते आज शिरोमणि अकाली दल के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमले की साजिश नाकाम कर दी गई ।</p>



<p>श्री अकाल तख्त साहिब से तनखैइया घोषित किए गए सुखबीर बादल श्री हरमंदिर साहिब में सेवारत थे, जिसके चलते पंजाब पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे।इसी के चलते आज सुबह सुखबीर बादल पर हमला करने वाले हमलावर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और पंजाब में हालात खराब करने की साजिश को नाकाम कर दिया गया, जिसका श्रेय पंजाब पुलिस को जाता है.</p>



<p><strong>Sukhbir Singh Badal Golden Temple Firing</strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Politics</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 07:03:08 +0530</pubDate>
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