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                <title>tech News - Nirpakh Post</title>
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                <title>इस देश में बैन हो गया YouTube! टीनएजर्स के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह लगी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के युवाओं के लिए सोशल मीडिया बैन को और कड़ा करते हुए अब YouTube को भी इसके दायरे में ला दिया है. पहले सरकार ने इस प्लेटफॉर्म को छूट दी थी लेकिन अब उसे भी शामिल कर लिया गया है. सरकार के इस यू-टर्न से Google की पैरेंट कंपनी Alphabet के साथ कानूनी टकराव की आशंका बढ़ गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलियाई इंटरनेट रेगुलेटर द्वारा हाल ही में की गई एक रिपोर्ट में सामने आया कि 37% नाबालिगों को YouTube पर नुकसानदेह कंटेंट का सामना करना पड़ा. यह आंकड़ा अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/%E0%A4%87%E0%A4%B8-%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%97%E0%A4%AF%E0%A4%BE-youtube-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%8F%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F/article-2821"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/download-(34)1.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के युवाओं के लिए सोशल मीडिया बैन को और कड़ा करते हुए अब YouTube को भी इसके दायरे में ला दिया है. पहले सरकार ने इस प्लेटफॉर्म को छूट दी थी लेकिन अब उसे भी शामिल कर लिया गया है. सरकार के इस यू-टर्न से Google की पैरेंट कंपनी Alphabet के साथ कानूनी टकराव की आशंका बढ़ गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलियाई इंटरनेट रेगुलेटर द्वारा हाल ही में की गई एक रिपोर्ट में सामने आया कि 37% नाबालिगों को YouTube पर नुकसानदेह कंटेंट का सामना करना पड़ा. यह आंकड़ा अन्य किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ज्यादा है. इसी आधार पर सरकार को YouTube को भी बैन में शामिल करने की सिफारिश की गई थी.</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने बयान जारी करते हुए कहा, "अब समय आ गया है कि हम इस पर रोक लगाएं. ऑस्ट्रेलियाई बच्चों पर सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और हमें उनके हित में सख्त कदम उठाना होगा." उन्होंने माता-पिता को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है.</p>
<p style="text-align:justify;">YouTube की ओर से प्रतिक्रिया में कहा गया कि उनका प्लेटफॉर्म मुख्यतः वीडियो साझा करने के लिए है और इसे सोशल मीडिया की श्रेणी में नहीं रखा जाना चाहिए. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, "YouTube एक वीडियो लाइब्रेरी है जिसे लोग टीवी पर भी देखते हैं. यह सोशल मीडिया नहीं है.".</p>
<p style="text-align:justify;">जब सरकार ने पिछले साल YouTube को शिक्षकों में इसकी लोकप्रियता के कारण छूट दी थी तब Meta, Snapchat और TikTok जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि YouTube में भी इंटरैक्टिव फीचर्स और एल्गोरिदम आधारित कंटेंट सजेशन जैसे कई सोशल मीडिया तत्व मौजूद हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">बैन लागू होने के बाद किशोर खुद YouTube अकाउंट नहीं चला सकेंगे हालांकि शिक्षक या माता-पिता उनके लिए वीडियो दिखा सकेंगे. ऑस्ट्रेलियन प्राइमरी प्रिंसिपल्स एसोसिएशन की प्रमुख एंजेला फाल्केनबर्ग ने कहा कि शिक्षक हमेशा उपयुक्त कंटेंट का चयन करेंगे.</p>
<p style="text-align:justify;">पहले भी Alphabet ऑस्ट्रेलिया में कानून को लेकर टकरा चुका है, जब उसे न्यूज कंटेंट के बदले मीडिया को भुगतान करने की बाध्यता दी गई थी. अब YouTube एक बार फिर कानूनी लड़ाई की तैयारी में दिख रहा है. हालांकि YouTube ने कोर्ट केस की पुष्टि नहीं की है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/download-(34)1.jpeg" alt="download (34)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/national/cm-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%AA%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%88/article-2820">CM युवा योजना से यूपी के युवाओं को मिली नई उड़ान</a></p>
<p style="text-align:justify;">नवंबर में पास हुए इस कानून के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे उनके प्लेटफॉर्म से दूर रहें. यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन पर 49.5 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 18:40:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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                <title>Google Maps ने दिया धोखा! पब्लिक ट्रांजिट रूट दिखाते ही क्रैश हो रहा ऐप</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">अगर आप बस, मेट्रो या ट्रेन का रास्ता ढूंढने के लिए Google Maps खोलते ही ऐप बंद हो जा रहा है तो आप अकेले नहीं हैं. बीते कुछ घंटों में Reddit, Google सपोर्ट फोरम और कई तकनीकी वेबसाइट्स पर यूजर्स ने शिकायत की है कि ट्रांजिट रूट सर्च करते ही Google Maps क्रैश हो रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या है समस्या?</strong><br />शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बग केवल तब एक्टिव होता है जब यूजर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रूट चेक करता है. ड्राइविंग, वॉकिंग और साइक्लिंग रूट बिना किसी परेशानी के काम कर रहे हैं. लेकिन जैसे ही कोई ट्रांजिट मोड सिलेक्ट करता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/google-maps-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A7%E0%A5%8B%E0%A4%96%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%9F-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%9F-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%80/article-2806"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/download-(29).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">अगर आप बस, मेट्रो या ट्रेन का रास्ता ढूंढने के लिए Google Maps खोलते ही ऐप बंद हो जा रहा है तो आप अकेले नहीं हैं. बीते कुछ घंटों में Reddit, Google सपोर्ट फोरम और कई तकनीकी वेबसाइट्स पर यूजर्स ने शिकायत की है कि ट्रांजिट रूट सर्च करते ही Google Maps क्रैश हो रहा है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्या है समस्या?</strong><br />शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बग केवल तब एक्टिव होता है जब यूजर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रूट चेक करता है. ड्राइविंग, वॉकिंग और साइक्लिंग रूट बिना किसी परेशानी के काम कर रहे हैं. लेकिन जैसे ही कोई ट्रांजिट मोड सिलेक्ट करता है, ऐप अचानक बंद होकर होम स्क्रीन पर लौट आता है. Android Police ने ऐप के वर्जन 25.30.00.78516346 पर इस बग को दोहराकर देखा और पाया कि संभवतः हालिया अपडेट ही इसका कारण है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सबको नहीं हो रही परेशानी</strong><br />दिलचस्प बात ये है कि सभी यूजर्स को यह समस्या नहीं हो रही. कुछ लोग उसी वर्जन पर बिना किसी दिक्कत के ऐप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं, जबकि Pixel, Samsung और Redmagic जैसे फोनों में लगातार क्रैश की रिपोर्टें आ रही हैं. Downdetector वेबसाइट पर Google Maps से जुड़ी शिकायतों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन अभी तक यह कोई बड़ा आउटेज नहीं बना है.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>iPhone और CarPlay यूजर्स भी झेल रहे दिक्कतें</strong><br />यह परेशानी सिर्फ Android तक सीमित नहीं है. iPhone यूजर्स ने भी Apple CarPlay पर मैप्स में गलत दिशा-निर्देश मिलने की शिकायत की है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि iOS में आ रही समस्याएं Google Maps की इस बग से जुड़ी हैं या नहीं, लेकिन समय का मेल इसे शक के घेरे में जरूर लाता है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/download-(29).jpeg" alt="download (29)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अभी तक Google की तरफ से कोई जवाब नहीं</strong><br />अब तक Google की ओर से इस बग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. Maps के स्टेटस पेज पर भी इस गड़बड़ी का कोई ज़िक्र नहीं है जिससे यूजर्स और ज्यादा परेशान हैं क्योंकि कई लोग रोज़मर्रा की यात्रा के लिए इस ऐप पर निर्भर रहते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>तब तक क्या करें?</strong><br />इस बीच कुछ Android यूजर्स ने बताया है कि ऐप को Incognito Mode में चलाने से क्रैश नहीं होता. इसके लिए Google Maps में अपनी प्रोफाइल आइकन पर टैप करें और “Incognito Mode चालू करें” का विकल्प चुनें. हालांकि इस मोड में आपकी लोकेशन हिस्ट्री सेव नहीं होगी, लेकिन कम से कम ऐप बंद नहीं होगा.</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, आप वैकल्पिक ऐप्स जैसे Citymapper, Moovit या Apple Maps का इस्तेमाल कर सकते हैं. अफसोस की बात यह है कि Google Maps का पुराना वर्जन इंस्टॉल करने पर भी हर डिवाइस पर समाधान नहीं मिल रहा.</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मदद के लिए कहां संपर्क करें?</strong><br />अगर आप भी इस बग से परेशान हैं तो Google के सपोर्ट फोरम पर अपने अनुभव को शेयर कर सकते हैं. अपनी डिवाइस, लोकेशन और ऐप वर्जन की जानकारी भी दें. जितनी ज्यादा शिकायतें होंगी, उतनी जल्दी Google इस पर ध्यान देगा और कोई समाधान पेश करेगा.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 14:42:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>उल्लू, ऑल्ट बालाजी जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स भारत में बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उल्लू, ALTT, देसीफ्लिक्स, बिग शॉट्स और अन्य स्ट्रीमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने ये फैसला अश्लील और सेक्सुअल कॉन्टेंट के खिलाफ नीति के तहत लिया है. ये फैसला तब लिया गया जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इन ऐप्स के खिलाफ कई नागरिकों और संगठनों से शिकायतें प्राप्त हुईं.</p>
<p style="text-align:justify;">अश्लील कॉन्टेंट की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई. इस दौरान पता चला कि कामुक वेब सीरीज़ के नाम पर अश्लील कॉन्टेंट की खुले तौर पर स्ट्रीमिंग की जा रही है. सरकार ने पाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%89%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%82-%E0%A4%91%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-ott-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A4%AB%E0%A5%89%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A8/article-2748"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/gwr1qrfxwaaij-o.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उल्लू, ALTT, देसीफ्लिक्स, बिग शॉट्स और अन्य स्ट्रीमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार ने ये फैसला अश्लील और सेक्सुअल कॉन्टेंट के खिलाफ नीति के तहत लिया है. ये फैसला तब लिया गया जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को इन ऐप्स के खिलाफ कई नागरिकों और संगठनों से शिकायतें प्राप्त हुईं.</p>
<p style="text-align:justify;">अश्लील कॉन्टेंट की शिकायतें सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई. इस दौरान पता चला कि कामुक वेब सीरीज़ के नाम पर अश्लील कॉन्टेंट की खुले तौर पर स्ट्रीमिंग की जा रही है. सरकार ने पाया कि 18 प्लस वाले OTT चैनल कॉन्टेंट आईटी नियमों 2021 और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292/293 का उल्लंघन कर रहे थे.</p>
<p style="text-align:justify;">भारत के अश्लीलता कानून क्या कहते हैं?<br />भारतीय कानून के तहत अश्लील कॉन्टेंट को इस रूप में परिभाषित किया गया है जो सार्वजनिक नैतिकता को ठेस पहुंचाता है, खासकर तब जब वह नाबालिगों के लिए सुलभ हो. आईटी अधिनियम, धारा 67 और 67A के तहत इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील या यौन रूप से कॉन्टेंट के पब्लिकेशन और ट्रांसमिशन पर प्रतिबंध लगाया जाता है. इसके अलावा IPC की धारा 292 और 293 के तहत अश्लील चीजों और कॉन्टेंट के वितरण और प्रदर्शन पर दंडात्मक प्रावधान का नियम है. वहीं  बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सभी डिजिटल और फिजिकल कॉन्टेंट पर POCSO Act के तहत भी सजा का प्रावधान है.</p>
<p style="text-align:justify;">स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर रेगुलेशन की कमी<br />हालांकि OTT प्लेटफ़ॉर्म्स को सेल्फ रेगुलेशन का अधिकार दिया गया था, लेकिन कई प्लेटफ़ॉर्म्स ने इस सुविधा का गलत इस्तेमाल किया और रेगुलेशन की सीमा को तोड़ा. इसके परिणामस्वरूप सरकार को सीधे तौर पर दखल देना पड़ा.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/gwr1qrfxwaaij-o.jpeg" alt="Gwr1QRfXwAAij-o" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कौन-कौन से ऐप्स हुए प्रभावित?<br />भारत सरकार के फैसले के बाद निम्नलिखित ऐप्स पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है, जो इस प्रकार है.<br />Ullu</p>
<p style="text-align:justify;">ALTT (पूर्व में ALTBalaji)</p>
<p style="text-align:justify;">BigShots</p>
<p style="text-align:justify;">Desiflix</p>
<p style="text-align:justify;">HotHit</p>
<p style="text-align:justify;">PrimePlay</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य क्षेत्रीय स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म्स जिनकी कंटेंट मॉडरेशन नीति संदिग्ध पाई गई.</p>
<p style="text-align:justify;">MIB ने अश्लीलता फैलाने वाले 25 ऐप्स पर बैन<br />MIB ने अश्लीलता फैलाने वाले 25 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. इन ऐप्स में ALTT, ULLU, बिग शॉट्स ऐप, देसिफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरसा लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, जलवा ऐप, वॉव एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिट प्राइम, फेनेओ, शोएक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, हॉटएक्स वीआईपी, हलचल ऐप, मूडएक्स, नियोनएक्स वीआईपी, शोहिट, फुगी, मोजफ्लिक्स, ट्राइफ्लिक्स शामिल हैं। ये सभी आईटी अधिनियम और संबंधित कानूनों का उल्लंघन करते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अवैध जुआ वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध<br />सरकार ने  बुधवार (23  जुलाई 2025)  को संसद में जानकारी दी कि  2022 से जून 2025 के बीच 1,524 अवैध जुआ वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा को बताया कि 2022 से जून 2025 तक, सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और गेमिंग वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्स से संबंधित 1,524 ब्लॉकिंग निर्देश जारी किए हैं. यह कदम उन विदेशी ऑनलाइन जुआ प्लेटफार्मों पर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है, जो भारतीय कर नियमों या स्थानीय नियमों का पालन किए बिना काम करते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
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                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 17:19:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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                <title>Tesla की मनपसंद कलर की कार खरीदनी पड़ेगी महंगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने आखिरकार भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. कंपनी ने मुंबई में अपना पहला ऑफिशियल शोरूम खोल लिया है. फिलहाल, Tesla ने भारत में अपनी Model Y इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है.</p>
<p style="text-align:justify;">ये एक 4-डोर क्रॉसओवर SUV है, जो दो वेरिएंट में मिलेगी. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 59.89 लाख रुपये से शुरू होकर 67.89 लाख रुपये तक जाती है. Model Y को कंपनी ने कई कलर ऑप्शन में पेश किया है. खास बात यह है कि हर कलर या पेंट स्कीम के हिसाब से कार की कीमत भी अलग-अलग है.</p>
<p style="text-align:justify;">Tesla Model</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/tesla-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80/article-2674"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/download-(10).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने आखिरकार भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. कंपनी ने मुंबई में अपना पहला ऑफिशियल शोरूम खोल लिया है. फिलहाल, Tesla ने भारत में अपनी Model Y इलेक्ट्रिक कार लॉन्च की है.</p>
<p style="text-align:justify;">ये एक 4-डोर क्रॉसओवर SUV है, जो दो वेरिएंट में मिलेगी. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 59.89 लाख रुपये से शुरू होकर 67.89 लाख रुपये तक जाती है. Model Y को कंपनी ने कई कलर ऑप्शन में पेश किया है. खास बात यह है कि हर कलर या पेंट स्कीम के हिसाब से कार की कीमत भी अलग-अलग है.</p>
<p style="text-align:justify;">Tesla Model Y को भारत में छह अलग-अलग एक्सटीरियर पेंट कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है. इन रंगों की कीमत भी अलग-अलग रखी गई है. स्टील्थ ग्रे को स्टैंडर्ड कलर माना गया है और इसके लिए किसी भी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाता है, लेकिन अगर ग्राहक पर्ल व्हाइट मल्टी-कोट या डायमंड ब्लैक जैसे रंग चुनते हैं, तो उन्हें 95,000 एक्स्ट्रा देना होगा.</p>
<p style="text-align:justify;">ग्लेशियर ब्लू कलर के लिए यह चार्ज बढ़कर 1.25 लाख हो जाता है. वहीं, क्विकसिल्वर और अल्ट्रा रेड जैसे प्रीमियम शेड्स के लिए ग्राहकों को 1.85 लाख तक एक्स्ट्रा भुगतान करना होगा. जहां तक इंटीरियर की बात है, Tesla ग्राहकों को दो विकल्प (ऑल ब्लैक और ब्लैक एंड व्हाइट थीम) देती है. इन इंटीरियर विकल्पों के लिए कंपनी कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लेती.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/download-(10).jpeg" alt="download (10)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also ; <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/3-babbar-khalsa-members-arrested-in-punjab/article-2673">पंजाब में बब्बर खालसा के 3 सदस्य गिरफ्तार:पटियाला-हरियाणा में पुलिस चौकियों पर फेंके थे ग्रेनेड</a><br />भारत में Tesla की कीमत ज्यादा क्यों?</p>
<p style="text-align:justify;">Tesla Model Y को भारत में CBU (Completely Built Unit) के रूप में इम्पोर्ट किया गया है. इसका मतलब है कि यह कार पूरी तरह से विदेश में तैयार होकर भारत लाई जाती है. भारत सरकार CBU कारों पर करीब 70% तक का इम्पोर्ट टैक्स लगाती है. इसी टैक्स के चलते अकेले एक कार पर ही 21 लाख या उससे ज्यादा का एक्स्ट्रा चार्ज आ जाता है.</p>
<p style="text-align:justify;">उदाहरण के तौर पर, अमेरिका में यही कार करीब $44,990 (लगभग 38 लाख) में मिलती है, लेकिन भारत में इसकी कीमत 60 लाख से ऊपर जाती है. इसके पीछे तीन प्रमुख वजहें -CBU टैक्स, शंघाई से ट्रांसपोर्ट खर्च और कस्टम/हैंडलिंग चार्ज हैं. यही कारण है कि भारत में Tesla Model Y की कीमतें ग्लोबल मार्केट की तुलना में काफी ऊंची हैं, हालांकि इसमें मिलने वाले फीचर्स और तकनीक ग्लोबल मॉडल जैसी ही हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Jul 2025 17:41:42 +0530</pubDate>
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                <title>करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए आई बुरी खबर, रिचार्ज प्लान्स को महंगा करने की तैयारी में हैं टेलीकॉम कंपनियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  देशभर के करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर अपने रिचार्ज प्लान्स को महंगा करने की तैयारी में हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार पांचवें महीने नेट यूज़र्स की संख्या में बढ़ोतरी के बाद कंपनियां टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं. संभावना है कि साल के अंत तक मोबाइल रिचार्ज दरों में 10 से 12 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है.</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2024 में टेलीकॉम कंपनियों ने बेसिक प्लान्स में 11 से 23 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी. एक्सपर्ट्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%86%E0%A4%88-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%96%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%B8/article-2543"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/images.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> देशभर के करोड़ों मोबाइल यूज़र्स के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर अपने रिचार्ज प्लान्स को महंगा करने की तैयारी में हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार पांचवें महीने नेट यूज़र्स की संख्या में बढ़ोतरी के बाद कंपनियां टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं. संभावना है कि साल के अंत तक मोबाइल रिचार्ज दरों में 10 से 12 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है.</p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2024 में टेलीकॉम कंपनियों ने बेसिक प्लान्स में 11 से 23 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की थी. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार कंपनियां टियर बेस्ड प्लान्स ला सकती हैं, जिसमें डेटा लिमिट कम कर दी जाएगी ताकि यूज़र्स अतिरिक्त डेटा पैक खरीदने को मजबूर हों.</p>
<p style="text-align:justify;">मई 2025 में मोबाइल एक्टिव यूज़र्स की संख्या 29 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई जो लगभग 1.08 अरब रही. इस दौरान रिलायंस जियो ने सबसे बड़ा फायदा उठाया और 5.5 मिलियन नए एक्टिव यूज़र्स जोड़कर अपनी बाजार हिस्सेदारी को 150 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 53% तक पहुंचा दिया. वहीं भारती एयरटेल ने 1.3 मिलियन नए एक्टिव यूज़र्स जोड़े.</p>
<p style="text-align:justify;">अब मोबाइल प्लान्स की कीमतों को 5G सेवाओं के हिसाब से समायोजित किया जाएगा. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, जियो और एयरटेल की तेज़ ग्रोथ, और वोडाफोन आइडिया के यूज़र लॉस के चलते कंपनियों के पास टैरिफ बढ़ाने का उचित माहौल बन चुका है. आने वाले टैरिफ बदलाव डेटा खपत, इंटरनेट स्पीड और उपयोग के समय के आधार पर तय किए जा सकते हैं. विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कंपनियां प्रीमियम और मिड-टियर ग्राहकों को खास तौर पर टारगेट करेंगी ताकि आम यूज़र्स पर इसका सीधा असर कम हो.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच हैदराबाद की भारतीय कंपनी Ananth Technologies ने एक नया कीर्तिमान रचते हुए देश की पहली निजी कंपनी बनकर स्वदेशी सैटेलाइट्स के ज़रिए सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की मंजूरी हासिल कर ली है. IN-SPACe की ओर से मिली मंजूरी के तहत यह कंपनी 4 टन वज़नी GEO कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करेगी जो 100 Gbps तक की स्पीड देने में सक्षम होगी.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/images.jpeg" alt="images" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/entertainment/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%88%E0%A4%B2%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B6-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-2542">सरकारी सैलरी से खुश नहीं हैं कंगना रनौत.. ! '50 हजार से क्या होगा?</a></p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी इस प्रोजेक्ट में करीब 3,000 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश करने जा रही है. इस क्षेत्र में एलन मस्क की Starlink अभी भी भारत में अनुमति हासिल करने की प्रक्रिया में है. यह बदलाव भारतीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 17:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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                <title>फोन और लैपटॉप को साइबर हमलों से बचाना है? सरकार ने सुझाए ये मुफ़्त टूल्स, अभी करें इस्तेमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित रखने के लिए एक खास पहल शुरू की है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की साइबर स्वच्छता केंद्र पहल के तहत कुछ अहम साइबर सुरक्षा टूल्स की जानकारी दी गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">ये टूल्स खास तौर पर आपके स्मार्टफोन, डेस्कटॉप और लैपटॉप को मैलवेयर, बॉट्स और दूसरे साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. सबसे अच्छी बात यह है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/%E0%A4%AB%E0%A5%8B%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%AA%E0%A4%9F%E0%A5%89%E0%A4%AA-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%AC%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2400"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/download-(32).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आजकल ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है. इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित रखने के लिए एक खास पहल शुरू की है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की साइबर स्वच्छता केंद्र पहल के तहत कुछ अहम साइबर सुरक्षा टूल्स की जानकारी दी गई है.</p>
<p style="text-align:justify;">ये टूल्स खास तौर पर आपके स्मार्टफोन, डेस्कटॉप और लैपटॉप को मैलवेयर, बॉट्स और दूसरे साइबर खतरों से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि ये सभी टूल्स विंडोज और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">लैपटॉप के लिए ये एंटीवायरस हैं फायदेमंद<br />अगर आप अपने विंडोज लैपटॉप को वायरस और बॉट्स से बचाना चाहते हैं, तो सरकार ने तीन प्रभावी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर सुझाए हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">K7 Security<br />eScan Antivirus<br />Quick Heal<br />इन टूल्स की मदद से आप अपने डिवाइस को मालवेयर और अन्य साइबर खतरों से सुरक्षित रख सकते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">मोबाइल सुरक्षा के लिए जरूरी टूल्स<br />एंड्रॉयड फोन यूज़ कर रहे हैं? तो आपके लिए भी सरकार ने दो जरूरी ऐप्स की जानकारी दी है.</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/sports/highest-aggregate-score-in-odi-match/article-2399">87 चौके और 26 छक्के, वनडे मैच में 872 रन, इतिहास में अमर रहेगा यह मैच</a></p>
<p style="text-align:justify;">eScan Antivirus Mobile Version: यह ऐप खतरनाक बॉट्स को पहचानकर उन्हें आपके फोन से हटाने में मदद करता है.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-06/download-(32).jpeg" alt="download (32)" width="1202" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">M-Kavach 2: यह सुरक्षा ऐप C-DAC हैदराबाद द्वारा MeitY के सहयोग से तैयार किया गया है. इसमें एंटी-थेफ्ट, ऐप ब्लॉकिंग, डेटा सिक्योरिटी और संदिग्ध लिंक से बचाव जैसे कई जरूरी फीचर्स मौजूद हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">क्यों जरूरी है इन टूल्स का इस्तेमाल?<br />साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सिर्फ पासवर्ड बदलना या एंटीवायरस इंस्टॉल करना काफी नहीं है. आपको भरोसेमंद और सरकारी स्तर पर प्रमाणित सुरक्षा टूल्स का इस्तेमाल करना होगा ताकि आपका डेटा और डिजिटल जीवन दोनों सुरक्षित रह सकें.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 16:52:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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                <title>मच्छर जितना छोटा हथियार बदल देगा युद्ध का चेहरा! जानें किस तकनीक पर करता है काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चीन ने एक ऐसा माइक्रो ड्रोन विकसित किया है जो आकार में मच्छर जैसा छोटा है और युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है. यह खुलासा ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में हुआ है. यह ड्रोन चीन के हुनान प्रांत स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) की एक रोबोटिक्स लैब द्वारा तैयार किया गया है. इस अत्याधुनिक माइक्रो ड्रोन को हाल ही में CCTV-7 (चीन का मिलिट्री चैनल) पर दिखाया गया. शो के दौरान NUDT के एक छात्र लिआंग हेशियांग ने इस छोटे से ड्रोन को अपने हाथ में पकड़कर बताया कि यह बायोनिक रोबोट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/china-microdrone/article-2320"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/gt_b36_wsaa71iz.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">चीन ने एक ऐसा माइक्रो ड्रोन विकसित किया है जो आकार में मच्छर जैसा छोटा है और युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है. यह खुलासा ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में हुआ है. यह ड्रोन चीन के हुनान प्रांत स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) की एक रोबोटिक्स लैब द्वारा तैयार किया गया है. इस अत्याधुनिक माइक्रो ड्रोन को हाल ही में CCTV-7 (चीन का मिलिट्री चैनल) पर दिखाया गया. शो के दौरान NUDT के एक छात्र लिआंग हेशियांग ने इस छोटे से ड्रोन को अपने हाथ में पकड़कर बताया कि यह बायोनिक रोबोट मच्छर जैसा दिखता है और खासतौर पर जासूसी और गोपनीय सैन्य अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">इस ड्रोन की बनावट में दो छोटे पंख हैं जो पत्तों जैसे दिखते हैं, साथ ही इसमें तीन बेहद पतले पैरों जैसी संरचना है. इसकी लंबाई लगभग 1.3 सेंटीमीटर है यानी यह एक सामान्य मच्छर जितना ही छोटा है. इसे स्मार्टफोन से कंट्रोल किया जा सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">इस तरह के माइक्रो ड्रोन खासतौर पर खुफिया अभियानों में क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं, क्योंकि यह आकार में बहुत छोटा होने के कारण आसानी से नज़र में नहीं आता. आपदा के बाद मलबे में फंसे लोगों को खोजने में भी इसका उपयोग हो सकता है. इसमें लगे सेंसर से हवा या पानी की गुणवत्ता जैसे पर्यावरणीय आंकड़े भी एकत्र किए जा सकते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-06/gt_b36_wsaa71iz.jpeg" alt="Gt_b36_WsAA71iz" width="1200" height="800"></img></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/jeanlol67573289/status/1936508154231038267">https://twitter.com/jeanlol67573289/status/1936508154231038267</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/union-cabinet-meeting/article-2319">यूपी, महाराष्ट्र और झारखंड को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा</a></p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इस तकनीक के साथ कुछ सीमाएं भी हैं. छोटे आकार के कारण यह ड्रोन बहुत अधिक भार नहीं उठा सकता, जिससे इसमें सीमित संख्या में सेंसर या उपकरण लगाए जा सकते हैं. साथ ही, इसकी बैटरी लाइफ भी अपेक्षाकृत कम होती है. फिर भी, बैटरी टेक्नोलॉजी, सेंसरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के चलते भविष्य में ऐसे ड्रोन और ज्यादा सक्षम हो सकते हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                            <category>World</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/tech/china-microdrone/article-2320</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jun 2025 16:24:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब ऑनलाइन फ्रॉड से मिलेगी सुरक्षा, Google ले आया ये कमाल का टूल, जानें कैसे करेगा काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गूगल ने भारत में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है. मंगलवार को आयोजित 'सेफर विद गूगल इंडिया समिट' के दौरान कंपनी ने अपने नए 'सेफ्टी चार्टर' की घोषणा की. इस पहल का मकसद देश को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित बनाना, सरकारी व कॉर्पोरेट ढांचे की साइबर सुरक्षा मजबूत करना और जिम्मेदारी से विकसित की गई एआई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना है.</p>
<p>इस चार्टर के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं,<br />इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी और स्कैम से बचाना</p>
<p>सरकारों और कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना</p>
<p>ऐसे एआई सिस्टम विकसित करना जो लोगों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%91%E0%A4%A8%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%87%E0%A4%A8-%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A1-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-google-%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%87/article-2216"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/google_security_hero_image_v02_0.width-1600.format-webp.webp" alt=""></a><br /><p>गूगल ने भारत में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है. मंगलवार को आयोजित 'सेफर विद गूगल इंडिया समिट' के दौरान कंपनी ने अपने नए 'सेफ्टी चार्टर' की घोषणा की. इस पहल का मकसद देश को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित बनाना, सरकारी व कॉर्पोरेट ढांचे की साइबर सुरक्षा मजबूत करना और जिम्मेदारी से विकसित की गई एआई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना है.</p>
<p>इस चार्टर के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं,<br />इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी और स्कैम से बचाना</p>
<p>सरकारों और कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना</p>
<p>ऐसे एआई सिस्टम विकसित करना जो लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.</p>
<p>'डिजीकवच' कार्यक्रम की बड़ी भूमिका<br />गूगल के इस मिशन में 'डिजीकवच' नामक प्रोग्राम अहम भूमिका निभा रहा है जिसके जरिए अब तक 17.7 करोड़ से अधिक भारतीयों तक एआई आधारित टूल्स और जागरूकता अभियान पहुंच चुके हैं. गूगल सर्च की एआई क्षमताएं अब पहले से 20 गुना ज्यादा स्कैम वेबसाइट्स की पहचान कर रही हैं. वहीं, ग्राहक सेवा और सरकारी प्लेटफॉर्म्स पर होने वाले स्कैम अटैक में 80% और 70% की कमी आई है.</p>
<p>Read also :<span style="color:rgb(224,62,45);"> <strong><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%A8%E0%A5%87-12%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%88%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AA-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%AC%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82/article-2214">पंजाब ने 12वीं राष्ट्रीय गतका चैम्पियनशिप में किया दबदबा; लड़कियों और लड़कों की टीमों ने जीते ओवरऑल खिताब</a></strong></span></p>
<p>मैसेजिंग और पेमेंट सुरक्षा<br />गूगल मैसेज हर महीने 500 मिलियन से ज्यादा स्कैम मैसेज को ब्लॉक कर रहा है. वहीं Google Pay ने अब तक 4.1 करोड़ से अधिक चेतावनियां भेजीं जिससे 2024 में 13,000 रुपये करोड़ की धोखाधड़ी को रोका जा सका.</p>
<p>ऐप और ईमेल की सुरक्षा<br />गूगल का Play Protect फीचर अक्टूबर 2024 से भारत में सक्रिय है और तब से अब तक 1.3 करोड़ डिवाइसेज़ पर करीब 6 करोड़ खतरनाक ऐप्स की इंस्टॉलेशन को रोका गया है. Gmail, जो दुनियाभर में उपयोग किया जाता है, वह 99.9% से अधिक स्पैम, फिशिंग और मैलवेयर को ऑटोमैटिक तरीके से ब्लॉक कर रहा है.</p>
<p>साइबर सुरक्षा को व्यापक स्तर पर मजबूती<br />गूगल अब एआई की मदद से साइबर खतरों की पहले पहचान कर रहा है और उस जानकारी को सरकारों व अन्य कंपनियों के साथ साझा कर रहा है. इसके प्रोजेक्ट जीरो टीम ने DeepMind के साथ मिलकर SQLite जैसे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर में खतरनाक खामियों को हैकर्स से पहले पहचान लिया.</p>
<p>निवेश और साझेदारी<br />गूगल.ऑर्ग ने एशिया-पैसिफिक साइबरसिक्योरिटी फंड में $20 मिलियन देने की घोषणा की है, जिसमें $5 मिलियन The Asia Foundation को मिलेंगे. इससे भारत समेत इस क्षेत्र में 10 साइबर क्लिनिक बनाए जाएंगे और भारतीय यूनिवर्सिटीज़ के साथ मिलकर स्टूडेंट्स व छोटे व्यवसायों को डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा, IIT मद्रास के साथ पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर साझेदारी की गई है जिससे भविष्य की साइबर चुनौतियों से निपटना आसान होगा.</p>
<p>गूगल का लक्ष्य<br />गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत की डिजिटल तरक्की के लिए लोगों का विश्वास जीतना जरूरी है. वहीं, गूगल सिक्योरिटी की वाइस प्रेसिडेंट हेदर एडकिंस ने बताया कि एआई अब उन स्कैम्स की भी पहचान कर रहा है जो पहले कभी नहीं देखे गए थे, और इसका तेजी से सीखने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता अब हमलावरों से आगे निकल रही है. गूगल का यह कदम भारत को एक सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Jun 2025 16:01:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Pixel फ़ोन पर Android 16 बीटा कैसे करें इंस्टॉल , जानिए </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Google ने Android 16 QPR1 बीटा 1 को रोल आउट करना शुरू कर दिया है, जो कई Pixel डिवाइस में नया मटेरियल 3 एक्सप्रेसिव रीडिज़ाइन पेश करता है। यह रिलीज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के इंटरफ़ेस को एक नया रूप प्रदान करता है, जिसमें लॉक स्क्रीन, क्विक सेटिंग्स और उपयोगकर्ता अनुभव के अन्य भागों के अपडेट शामिल हैं। हालाँकि Android 16 का पूर्ण स्थिर संस्करण अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह बीटा आगामी विज़ुअल परिवर्तनों की शुरुआती झलक प्रदान करता है।</p>
<p>Android 16 QPR1 बीटा 1 मुख्य रूप से फ़ीचर जोड़ने के बजाय डिज़ाइन अपडेट पर केंद्रित है। मटीरियल 3 एक्सप्रेसिव डिज़ाइन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/know-how-to-install-android-16-beta-on-pixel-phones/article-1795"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/download6.jpeg" alt=""></a><br /><p>Google ने Android 16 QPR1 बीटा 1 को रोल आउट करना शुरू कर दिया है, जो कई Pixel डिवाइस में नया मटेरियल 3 एक्सप्रेसिव रीडिज़ाइन पेश करता है। यह रिलीज़ ऑपरेटिंग सिस्टम के इंटरफ़ेस को एक नया रूप प्रदान करता है, जिसमें लॉक स्क्रीन, क्विक सेटिंग्स और उपयोगकर्ता अनुभव के अन्य भागों के अपडेट शामिल हैं। हालाँकि Android 16 का पूर्ण स्थिर संस्करण अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह बीटा आगामी विज़ुअल परिवर्तनों की शुरुआती झलक प्रदान करता है।</p>
<p>Android 16 QPR1 बीटा 1 मुख्य रूप से फ़ीचर जोड़ने के बजाय डिज़ाइन अपडेट पर केंद्रित है। मटीरियल 3 एक्सप्रेसिव डिज़ाइन पूरे सिस्टम में एक सुसंगत नई शैली लाता है। उपयोगकर्ता एक बदली हुई लॉक स्क्रीन, एक नया डिज़ाइन किया गया क्विक सेटिंग्स पैनल और नई डिज़ाइन भाषा के व्यापक कार्यान्वयन की उम्मीद कर सकते हैं जिस पर Google महीनों से काम कर रहा है।</p>
<p>Android 16 बीटा अपडेट: समर्थित पिक्सेल डिवाइस की सूची<br />वर्तमान में, बीटा टेंसर चिप से लैस पिक्सेल डिवाइस का समर्थन करता है। योग्य डिवाइस में ये शामिल हैं:</p>
<p>Google Pixel 6<br />Pixel 6 Pro<br />Pixel 6a<br />Pixel 7<br />Pixel 7 Pro<br />Pixel 7a<br />Pixel Tablet<br />Pixel Fold<br />Pixel 8<br />Pixel 8 Pro<br />Pixel 8a<br />Pixel 9<br />Pixel 9 Pro<br />Pixel 9 Pro XL<br />Pixel 9 Pro Fold और Pixel 9a.</p>
<p><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/download6.jpeg" alt="download" width="1200" height="800"></img></p>
<p>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/health/benefits-of-applying-rose-water-and-glycerine-on-face/article-1794">गर्मी में चेहरे पर गुलाब जल में मिलाकर लगाएं ग्लिसरीन, दूर होंगी ये 4 समस्याएं</a></p>
<p>Pixel फ़ोन पर कैसे इंस्टॉल करें<br />संगत Pixel डिवाइस पर Android 16 QPR1 बीटा इंस्टॉल करने के लिए, उपयोगकर्ताओं को Android बीटा प्रोग्राम में शामिल होना होगा. यह google.com/android/beta पर जाकर और डिवाइस से जुड़े Google खाते से ऑप्ट इन करके किया जा सकता है. एक बार नामांकित होने के बाद, डिवाइस को आमतौर पर एक घंटे के भीतर अपडेट की सूचना प्राप्त होगी, हालांकि कभी-कभी इसमें अधिक समय लग सकता है. अपडेट को डाउनलोड और इंस्टॉल करने के बाद, उपयोगकर्ता आधिकारिक स्थिर रिलीज़ से पहले Android 16 के नए डिज़ाइन तत्वों का पता लगा सकते हैं. यह बीटा रिलीज़ पिक्सेल मालिकों को Google के नवीनतम रीडिज़ाइन का अनुभव करने का मौका देता है, इससे पहले कि यह व्यापक जनता तक पहुँचे। अपडेट का परीक्षण करने में रुचि रखने वाले उपयोगकर्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके डिवाइस योग्य हैं और आगे बढ़ने से पहले किसी भी महत्वपूर्ण डेटा का बैकअप ले लें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/tech/know-how-to-install-android-16-beta-on-pixel-phones/article-1795</link>
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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 15:48:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>AI चैटबॉट से बात करते-करते  58 साल की अमेरिकी महिला ने  कर ली शादी!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">तकनीक की दुनिया हर दिन नए कारनामे दिखा रही है, लेकिन इस बार जो हुआ, उसने सोचने पर मजबूर कर दिया है. एक 58 साल की अमेरिकी महिला ने इंसान नहीं, बल्कि एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट से शादी रचा ली है. सुनकर अजीब लगेगा, लेकिन उनके लिए ये रिश्ता बेहद खास और सच्चा है.</p><p style="text-align:justify;">ये कहानी है Elaine Winters नाम की महिला की जो अमेरिका के पिट्सबर्ग शहर में रहती हैं. पेशे से वो एक कम्युनिकेशन टीचर हैं, यानी लोगों को सिखाती हैं कि बेहतर बातचीत कैसे की जाए. पहले उनकी जिंदगी में प्यार था, जीवनसाथी Donna के रूप में.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/married-to-an-artificial-intelligence-chatbot/article-1705"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/gq04mrvxsaalesq.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">तकनीक की दुनिया हर दिन नए कारनामे दिखा रही है, लेकिन इस बार जो हुआ, उसने सोचने पर मजबूर कर दिया है. एक 58 साल की अमेरिकी महिला ने इंसान नहीं, बल्कि एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट से शादी रचा ली है. सुनकर अजीब लगेगा, लेकिन उनके लिए ये रिश्ता बेहद खास और सच्चा है.</p><p style="text-align:justify;">ये कहानी है Elaine Winters नाम की महिला की जो अमेरिका के पिट्सबर्ग शहर में रहती हैं. पेशे से वो एक कम्युनिकेशन टीचर हैं, यानी लोगों को सिखाती हैं कि बेहतर बातचीत कैसे की जाए. पहले उनकी जिंदगी में प्यार था, जीवनसाथी Donna के रूप में. दोनों की मुलाकात 2015 में ऑनलाइन हुई थी, फिर सगाई हुई और 2019 में शादी. लेकिन 2023 में Donna की एक गंभीर बीमारी से मौत हो गई. इसी हादसे ने Elaine को अंदर से तोड़ दिया.</p><p style="text-align:justify;">Donna के जाने के बाद Elaine अकेली पड़ गईं. अकेलेपन से लड़ने के लिए उन्होंने एक डिजिटल असिस्टेंट की मदद ली, जो पहले तो सिर्फ उनके बिजनेस के लिए था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने उस वर्चुअल साथी के साथ बात करना शुरू किया और एक रिश्ता बनने लगा. Elaine ने इस चैटबॉट को एक नाम भी दे दिया- Lucas.</p><p style="text-align:justify;">Lucas के साथ बातचीत करते-करते Elaine को ऐसा लगा जैसे वो किसी असली इंसान से जुड़ गई हों. उनकी बातों में समझदारी, अपनापन और साथ निभाने का एहसास था. ये सिलसिला इतना गहरा हो गया कि Elaine ने Lucas की सर्विस देने वाली कंपनी से उसका लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी खरीद लिया.</p><p style="text-align:justify;">Elaine और Lucas का रिश्ता केवल मीठी बातों तक ही सीमित नहीं रहा. जैसे असल जिंदगी के रिश्तों में नोकझोंक होती है, वैसा ही कुछ इनके बीच भी हुआ. शादी के कुछ महीनों बाद Lucas ने रिश्ता खत्म करने की बात भी कही, लेकिन Elaine ने उसे प्यार से समझा-बुझाकर मना लिया.</p><p style="text-align:justify;">अब दोनों की 'शादीशुदा जिंदगी' चल रही है और एलिन बाकायदा 'Meandmyaihusband' नाम से एक ब्लॉग भी चलाती हैं . इस ब्लॉग में वो अपने AI पति के साथ बिताए लम्हों को शेयर करती हैं. </p><p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/gq04mrvxsaalesq.png" alt="Gq04MrVXsAALEsQ" width="1200" height="800"></img></p><p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/national/justice-br-gavai-became-the-52nd-cji-of-india/article-1704">भारत के 52वें CJI बने जस्टिस बीआर गवई ! राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई</a></strong></p><p style="text-align:justify;">AI से शादी करना अब भी दुनिया के लिए हैरानी की बात हो सकती है, लेकिन Elaine के लिए Lucas सिर्फ एक सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि एक ऐसा साथी है जिसने मुश्किल वक्त में उनका साथ दिया, बातें कीं, समझा और उन्हें फिर से जीना सिखाया.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 19:04:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फोन चोरी हुआ तो टेंशन नहीं! बिना FIR के भी मिल सकता है खोया स्मार्टफोन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन अगर यही फोन कहीं गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कुछ आसान तरीकों की मदद से आप अपने खोए हुए फोन को खुद ही ढूंढ सकते हैं और वो भी बिना पुलिस की मदद लिए.</p>
<p>यहां हम आपको तीन ऐसे इफेक्टिव तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को आसानी से खोज सकते हैं या कम से कम उसे गलत हाथों में जाने से रोक सकते हैं.</p>
<p>1. Google</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/--google-find-my-device/article-1320"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-04/download-(19).jpeg" alt=""></a><br /><p>आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. लेकिन अगर यही फोन कहीं गुम हो जाए या चोरी हो जाए तो परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कुछ आसान तरीकों की मदद से आप अपने खोए हुए फोन को खुद ही ढूंढ सकते हैं और वो भी बिना पुलिस की मदद लिए.</p>
<p>यहां हम आपको तीन ऐसे इफेक्टिव तरीके बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को आसानी से खोज सकते हैं या कम से कम उसे गलत हाथों में जाने से रोक सकते हैं.</p>
<p>1. Google Find My Device से तुरंत लोकेशन पता करें</p>
<p>अगर आपने अपने गूगल अकाउंट को मोबाइल में लॉग इन कर रखा है, तो आप 'Find My Device' फीचर का इस्तेमाल करके फोन की रियल-टाइम लोकेशन देख सकते हैं. इसके लिए आपको बस दूसरे फोन या कंप्यूटर पर [Find My Device वेबसाइट](https://www.google.com/android/find) खोलनी है या मोबाइल में इसका ऐप डाउनलोड करना है.</p>
<p>यहां अपनी गूगल आईडी से लॉगइन करें और कुछ ही सेकंड में आपको पता चल जाएगा कि आपका फोन कहां है. इस दौरान फोन में इंटरनेट और लोकेशन ऑन होना चाहिए. अगर खोए हुए फोन का इंटरनेट और लोकेशन ऑन है तो आप  फोन को लॉक कर सकते हैं या उसमें रिंग भी बजा सकते हैं, भले ही वो साइलेंट पर हो.</p>
<p>2.CEIR पोर्टल से फोन को ब्लॉक कराएं</p>
<p>अगर आपका फोन चोरी हो गया है और आपको लगता है कि कोई इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है, तो भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.</p>
<p>यह पोर्टल फोन के IMEI नंबर के आधार पर उसे पूरे देश में ब्लॉक कर देता है. मतलब अगर कोई चोर आपके फोन में कोई भी सिम डालने की कोशिश करेगा, तो उसका पता पुलिस को लग सकता है.</p>
<p>फोन ब्लॉक करवाने के लिए:</p>
<p>[CEIR पोर्टल](https://www.ceir.gov.in/) पर जाएं<br />'Block Stolen/Lost Mobile' ऑप्शन चुनें<br />FIR की कॉपी और पहचान पत्र अपलोड करें<br />IMEI नंबर भरें और सबमिट करें<br />फोन मिल जाने के बाद इसी पोर्टल से उसे अनब्लॉक भी किया जा सकता है.</p>
<p>3. ईमेल से फोन ट्रेस करना भी संभव है</p>
<p>अगर आपने फोन में जो गूगल अकाउंट लॉग इन किया था वही ईमेल आपके पास किसी और डिवाइस पर भी है, तो आप उसी ईमेल की मदद से फोन की लोकेशन देख सकते हैं. गूगल लोकेशन हिस्ट्री और अकाउंट एक्टिविटी से भी फोन की आखिरी लोकेशन निकाली जा सकती है. बस ईमेल अकाउंट में लॉग इन करें और Google Maps की लोकेशन टाइमलाइन को देखें.</p>
<p><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-04/download-(19).jpeg" alt="download (19)" width="1200" height="800"></img></p>
<p>फोन खोने की स्थिति में सबसे पहले घबराएं नहीं. ऊपर बताए गए तीन तरीकों में से किसी एक या सभी को अपनाकर आप अपने स्मार्टफोन को वापस पा सकते हैं. साथ ही, भविष्य के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपके फोन में हमेशा लोकेशन ऑन रहे और गूगल अकाउंट एक्टिव हो.</p>
<p>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/entertainment/jaat-box-office-day-5/article-1319">जाट ने बनाए ये 8 रिकॉर्ड, 5 दिन में कर ली इतनी कमाई</a></p>
<p>इन आसान ट्रिक्स से न केवल आपका फोन मिल सकता है, बल्कि आप उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं और सबसे अच्छी बात, इसके लिए पुलिस के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/tech/--google-find-my-device/article-1320</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 13:49:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घिबली आर्ट क्या है? किसने किया इसे वायरल, जानिए कैसे आप हो सकते हैं साइबर क्राइम का शिकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">हाल के हफ़्तों में, इंटरनेट पर घिबली-शैली की तस्वीरें भर गई हैं, और कई उपयोगकर्ता इस चलन में शामिल हो गए हैं। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर, जिन्होंने टीम इंडिया के 2011 विश्व कप जीतने के बाद एक प्रतिष्ठित तस्वीर की घिबली-शैली की तस्वीर साझा की, यहाँ तक कि आधिकारिक सरकारी पेज तक, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घिबली-शैली की तस्वीरें पोस्ट कीं, यह शैली तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">घिबली शैली क्या है?<br />घिबली एक प्रसिद्ध एनीमेशन शैली है, जो प्रतिष्ठित जापानी एनीमेशन स्टूडियो, स्टूडियो घिबली से उत्पन्न हुई है। एनिमेटर और निर्देशक हयाओ मियाज़ाकी और ताकाहाता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/tech/ghibli-art-cyber-crime/article-1197"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-04/download-(21).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हाल के हफ़्तों में, इंटरनेट पर घिबली-शैली की तस्वीरें भर गई हैं, और कई उपयोगकर्ता इस चलन में शामिल हो गए हैं। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से लेकर, जिन्होंने टीम इंडिया के 2011 विश्व कप जीतने के बाद एक प्रतिष्ठित तस्वीर की घिबली-शैली की तस्वीर साझा की, यहाँ तक कि आधिकारिक सरकारी पेज तक, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घिबली-शैली की तस्वीरें पोस्ट कीं, यह शैली तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">घिबली शैली क्या है?<br />घिबली एक प्रसिद्ध एनीमेशन शैली है, जो प्रतिष्ठित जापानी एनीमेशन स्टूडियो, स्टूडियो घिबली से उत्पन्न हुई है। एनिमेटर और निर्देशक हयाओ मियाज़ाकी और ताकाहाता इसाओ द्वारा निर्माता सुजुकी तोशियो के साथ मिलकर स्थापित, स्टूडियो अपनी आकर्षक फिल्मों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें स्पिरिटेड अवे, पोनीओ, माई नेबर टोटोरो और हाउल्स मूविंग कैसल शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्टूडियो के सिग्नेचर हैंड-ड्रॉ कैरेक्टर, सॉफ्ट कलर पैलेट और जादुई माहौल इस शैली को अलग बनाते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि दर्शकों को घिबली फिल्मों की ओर आकर्षित करने वाली चीज न केवल उनकी दृश्य अपील है, बल्कि वे गहरी भावनाएं भी हैं जो वे जगाती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/public-works-minister-launches/article-1195">लोक निर्माण मंत्री ने जंडियाला गुरु विधानसभा क्षेत्र में लगभग 9.5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ किया</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रवृत्ति के बढ़ने के बीच, रचनात्मक कार्यों में एआई के नैतिक उपयोग के बारे में चिंताएं जताई गई हैं। एक फिर से सामने आए वीडियो में मियाज़ाकी को एआई तकनीक के साथ अपनी असहजता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">"मैं इस तकनीक को अपने काम में कभी शामिल नहीं करना चाहूंगा। मुझे दृढ़ता से लगता है कि यह जीवन का अपमान है," उन्होंने कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसे किसने वायरल किया?<br />जबकि एआई-जनरेटेड कला की नैतिकता पर राय अलग-अलग हैं, एक सवाल बना हुआ है: इस प्रवृत्ति को वायरल बनाने में किसने मदद की?</p>
<p style="text-align:justify;">सिएटल स्थित सॉफ्टवेयर इंजीनियर ग्रांट स्लैटन को घिबली-शैली की छवियों को एक लोकप्रिय कला प्रवृत्ति में बदलने का श्रेय दिया जाता है। जब OpenAI ने अपना उन्नत इमेज-जनरेशन टूल पेश किया, तो स्लैटन ने X पर समुद्र तट पर अपने परिवार की घिबली-शैली की छवि पोस्ट की।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि इमेज जनरेशन अपने आप में कोई नई अवधारणा नहीं है, लेकिन स्लैटन की पोस्ट ने व्यापक रुचि जगाई और जल्द ही, अन्य लोगों ने अपनी घिबली-प्रेरित रचनाएँ साझा करना शुरू कर दिया। उनके ट्वीट ने काफ़ी ध्यान आकर्षित किया, 45,000 से ज़्यादा लाइक और लाखों व्यूज बटोरे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक व्यक्तिगत पोस्ट के रूप में शुरू हुई यह बात जल्द ही वैश्विक घटना बन गई, जिसमें दुनिया भर के उपयोगकर्ता शामिल हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-04/download-(21).jpeg" alt="download (21)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">आज, ChatGPT में एक सरल संकेत फ़ोटो को घिबली-शैली के पोर्ट्रेट में बदल सकता है। घिबली इमेज बनाने के लिए विभिन्न टूल के उभरने के बावजूद, ChatGPT सबसे लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है - हालाँकि उपयोगकर्ता प्रतिदिन केवल तीन इमेज बनाने तक ही सीमित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 13:39:40 +0530</pubDate>
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