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                <title>Health - Nirpakh Post</title>
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                <description>Health RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्यों नहीं पिलाना चाहिए पानी? ये रहा जवाब। </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  मिर्गी यानी एपिलेप्सी एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें मरीज को अचानक झटके आने लगते हैं. ये स्थिति देखने में भले ही डरावनी लगे, लेकिन इससे सही ढंग से निपटा जाए तो मरीज को सुरक्षित रखा जा सकता है. अक्सर लोग दौरा पड़ते ही घबराकर मरीज को पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना जानलेवा भी हो सकता है? न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन शर्मा कहते हैं कि मिर्गी के दौरे के समय पानी पिलाना एक बहुत बड़ी भूल है, जो मरीज की जान को खतरे में डाल सकती है.</p>
<p>मिर्गी के दौरे के समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/article-2473"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/6-2024-11-3cf127c99e5998262fd8a3b91dcbda9b-16x9.webp" alt=""></a><br /><p> मिर्गी यानी एपिलेप्सी एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें मरीज को अचानक झटके आने लगते हैं. ये स्थिति देखने में भले ही डरावनी लगे, लेकिन इससे सही ढंग से निपटा जाए तो मरीज को सुरक्षित रखा जा सकता है. अक्सर लोग दौरा पड़ते ही घबराकर मरीज को पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना जानलेवा भी हो सकता है? न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. पवन शर्मा कहते हैं कि मिर्गी के दौरे के समय पानी पिलाना एक बहुत बड़ी भूल है, जो मरीज की जान को खतरे में डाल सकती है.</p>
<p>मिर्गी के दौरे के समय पानी क्यों नहीं पिलाना चाहिए?</p>
<p>दौरे के दौरान गले की मांसपेशियां सुन्न हो जाती हैं</p>
<p>जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो उसके गले और मुँह की मांसपेशियों पर नियंत्रण नहीं रहता. ऐसे में अगर आप उसे पानी पिलाने की कोशिश करते हैं, तो पानी सीधे श्वास नली में चला जा सकता है.</p>
<p>बेहोशी की अवस्था में पानी देना जोखिम भरा</p>
<p>मिर्गी के दौरान मरीज़ पूरी तरह होश में नहीं होता. इस स्थिति में पानी पिलाने से वह उसे न निगल सकता है न थूक सकता है, जिससे aspiration pneumonia जैसी खतरनाक स्थिति हो सकती है.</p>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>दौरे के दौरान क्या करें?</strong></span></p>
<ul>
<li>व्यक्ति को ज़मीन पर लिटाएं और आसपास जगह खाली करें</li>
<li>सिर के नीचे कुछ नरम रखें (जैसे तकिया या रुमाल)</li>
<li>सिर को साइड में मोड़ दें, ताकि लार बाहर निकल सके</li>
<li>घड़ी देखना न भूलें, दौरा 5 मिनट से ज्यादा चले तो तुरंत डॉक्टर को बुलाएं</li>
<li>दौरे के दौरान मरीज़ को पकड़ने या झकझोरने की कोशिश न करें</li>
<li>पानी, दवा या खाना न दें, जब तक वह पूरी तरह होश में न आ जाए</li>
</ul>
<p><span style="text-decoration:underline;"><strong>क्या नहीं करना चाहिए?</strong></span></p>
<ul>
<li>मुंह में चम्मच, उंगली या कोई वस्तु न डालें</li>
<li>मरीज को उठाकर जबरन खड़ा करने की कोशिश न करें</li>
<li>भीड़ न लगाएं, उसे खुली हवा और शांति दें</li>
<li>दौरे के तुरंत बाद सवाल-जवाब न करें</li>
</ul>
<p>मिर्गी का दौरा आने पर मरीज़ को संभालना जितना जरूरी है, उतना ही ज़रूरी है सही जानकारी होना. पानी पिलाना मदद नहीं, नुकसान बन सकता है. सही प्राथमिक उपचार से मरीज की हालत को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसलिए अगर आपके आसपास किसी को मिर्गी का दौरा पड़े, तो घबराएं नहीं, सही कदम उठाएं और गलतियों से बचें.</p>
<p>Read also :<strong> <span style="text-decoration:underline;"><span style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;"><a class="post-title-lg" style="color:rgb(224,62,45);text-decoration:underline;" href="https://www.nirpakhpost.in/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-2472">गुलाब की पंखुड़ियों से लेकर बोतल तक, जानिए कैसे तैयार होता है पतंजलि का शरबत</a></span></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Health</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/health/%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%8C%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80/article-2473</link>
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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 16:28:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या मोटापा घटाने के लिए आप भी करते हैं इंजेक्शन का इस्तेमाल? पतला करने के दावे पर रिसर्च में बड़ा खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  मोटापा घटाने का दावा करने वाले इंजेक्शन वास्तविक जीवन में क्लीनिकल परीक्षण जितने कारगर साबित नहीं होते, क्योंकि मरीज या तो इन्हें लेना बंद कर देते हैं या फिर इनकी खुराक कम कर देते हैं. अमेरिका में हुए एक नये रिसर्च में यह बात सामने आई है. डॉक्टर टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को वेगोवी और ओजेंपिक सहित और इंजेक्शन सुझाते हैं, जिनमें पाए वाले सेमाग्लूटाइड या टिर्जेपेटाइड जैसे घटक वजन घटाने के साथ-साथ ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित करने में मददगार हैं.</p>
<p><strong>क्या निकाला गया रिसर्च में?</strong></p>
<div class="afs-for-content">
<div></div>
</div>
<p>  </p>
<p>‘ओबेसिटी जर्नल’ में प्रकाशित रिसर्च में रिसर्चर ने वास्तविक जीवन में वजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A4%BE-%E0%A4%98%E0%A4%9F%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%86%E0%A4%AA-%E0%A4%AD%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8/article-2122"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-06/e1nrer7_-weight-loss-drink-to-lose-belly-fat_625x300_22_november_22.webp" alt=""></a><br /><p> मोटापा घटाने का दावा करने वाले इंजेक्शन वास्तविक जीवन में क्लीनिकल परीक्षण जितने कारगर साबित नहीं होते, क्योंकि मरीज या तो इन्हें लेना बंद कर देते हैं या फिर इनकी खुराक कम कर देते हैं. अमेरिका में हुए एक नये रिसर्च में यह बात सामने आई है. डॉक्टर टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को वेगोवी और ओजेंपिक सहित और इंजेक्शन सुझाते हैं, जिनमें पाए वाले सेमाग्लूटाइड या टिर्जेपेटाइड जैसे घटक वजन घटाने के साथ-साथ ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित करने में मददगार हैं.</p>
<p><strong>क्या निकाला गया रिसर्च में?</strong></p>
<div class="afs-for-content">
<div></div>
</div>
<p> </p>
<p>‘ओबेसिटी जर्नल’ में प्रकाशित रिसर्च में रिसर्चर ने वास्तविक जीवन में वजन घटाने और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मोटापा-रोधी इंजेक्शन का असर आंका. मुख्य रिसर्चर और अमेरिका स्थित क्लीवलैंड क्लीनिक से जुड़े डॉ. हैमलेट गैसोयन ने कहा, “हमारा रिसर्च दिखाता है कि मोटापे पर काबू पाने के लिए सेमाग्लूटाइड या टिर्जेपेटाइड का सहारा लेने वाले मरीज वास्तविक जीवन में क्लीनिकल परीक्षण जितना वजन नहीं घटा पाते हैं.”</p>
<p>उन्होंने कहा, “हमारे डेटा के मुताबिक, मरीजों का वास्तविक जीवन में मोटापा-रोधी इंजेक्शन का इस्तेमाल कुछ समय बाद बंद कर देना या फिर उनकी खुराक कम कर देना इसकी मुख्य वजह है.”</p>
<p><strong>रिसर्च में 7,881 वयस्क मरीज शामिल</strong></p>
<p>रिसर्च में 7,881 वयस्क मरीज शामिल हुए, जिनका औसत ‘बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई)’ 39 से ऊपर से था यानी वे “मोटापे के गंभीर स्वरूप” का सामना कर रहे थे. बीएमआई के तहत व्यक्ति की लंबाई और वजन के अनुपात के आधार पर शरीर में वसा की मात्रा का अनुमान लगाया जाता है.</p>
<p>प्रतिभागियों में से 1,320 रिसर्च की शुरुआत के दौरान ‘प्री-डायबिटीज स्टेज’ में थे, जिसका मतलब यह है कि उनके टाइप-2 डायबिटीज की चपेट में आने का खतरा ज्यादा था. सभी प्रतिभागियों ने 2021 से 2023 के बीच सेमाग्लूटाइड या टिर्जेपेटाइड से लैस मोटापा-रोधी इंजेक्शन लेना शुरू किया था.</p>
<p><strong>ब्लड शुगर के प्रभाव का पता लगाया- रिसर्चर</strong></p>
<p>रिसर्चर ने इंजेक्शन लेने के एक साल बाद प्रतिभागियों के वजन और ब्लड शुगर के स्तर पर उसके प्रभाव का पता लगाया. उन्होंने पाया कि जिन प्रतिभागियों ने तीन महीने के भीतर इंजेक्शन लेना बंद कर दिया, उनका वजन 3.6 फीसदी कम हुआ. वहीं, तीन से 12 महीने के बीच इंजेक्शन लेना बंद करने वाले प्रतिभागियों के वजन में औसतन 6.8 फीसदी की कमी आई.</p>
<p>रिसर्चर ने बताया, “एक साल तक इंजेक्शन लेने वाले प्रतिभागी औसतन 8.7 फीसदी वजन घटाने में सफल रहे. जल्द इंजेक्शन छोड़ने (तीन महीने के भीतर), देर से बंद करने (तीन से 12 महीने के भीतर) और एक साल के बाद भी इसे जारी रखने वाले प्रतिभागियों के वजन में क्रमश: औसतन 3.6 फीसदी, 6.8 फीसदी और 11.9 फीसदी की कमी दर्ज की गई.”</p>
<p>रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन मरीजों को वजन और ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रखने के लिए सेमाग्लूटाइड या टिर्जेपेटाइड की अधिक खुराक सुझाई गई थी, उनके वजन में क्रमश: औसतन 13.7 फीसदी और 18 फीसदी की कमी आई.</p>
<p><strong>3 से 12 महीने के भीतर इंजेक्शन लेना बंद</strong></p>
<p>‘प्री-डायबिटीज स्टेज’ वाले प्रतिभागियों की बात करें, तो जिन्होंने तीन महीने के भीतर इंजेक्शन लेना बंद कर दिया, उनमें से 33 फीसदी में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बना रहा. वहीं, तीन से 12 महीने के भीतर इंजेक्शन लेना बंद करने वालों में यह आंकड़ा 41 फीसदी और इंजेक्शन जारी रखने वालों के मामले में 67.9 फीसदी था.</p>
<p>रिसर्च से यह भी पता चला कि इसमें शामिल 20 फीसदी से ज्यादा प्रतिभागियों ने तीन महीने के भीतर इंजेक्शन लेना बंद कर दिया, जबकि 32 फीसदी ने तीन से 12 महीने के अंदर ऐसा किया. रिसर्चर के मुताबिक, इंजेक्शन की कीमत, बीमा संबंधी कारण, दुष्प्रभाव और बाजार में (इंजेक्शन की) कमी जैसे कारक इन्हें लेना बंद करने की मुख्य वजहों में शामिल हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Jun 2025 11:36:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[NIRPAKH POST]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीरियड क्रैंप्स से हालत हो जाती है खराब, तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हर महीने पीरियड्स का दर्द जी का जंजाल बन जाता है. हर किसी के लिए यह अलग होता है. किसी को पीरियड्स में कम दर्द होता है तो किसी का दर्द इतना बढ़ जाता है कि कहीं आना-जाना भी मुश्किल लगने लगता है. ऐसे में अगर आप भी पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स से परेशान रहती हैं तो यहां जानिए घर की वो कौनसी चीजें हैं जो पीरियड्स के दर्द (Period Pain) को कम करने में असरदार होती है. इसके अलावा और भी कुछ घरेलू नुस्खे आजमाए जा सकते हैं जिनसे पीरियड्स के दर्द से राहत मिल जाती है. </p>
<p>अदरक और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/health/stomach-pain-during-periods-home-remedies/article-504"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-02/menstrualcramps1705302906.webp" alt=""></a><br /><p>हर महीने पीरियड्स का दर्द जी का जंजाल बन जाता है. हर किसी के लिए यह अलग होता है. किसी को पीरियड्स में कम दर्द होता है तो किसी का दर्द इतना बढ़ जाता है कि कहीं आना-जाना भी मुश्किल लगने लगता है. ऐसे में अगर आप भी पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स से परेशान रहती हैं तो यहां जानिए घर की वो कौनसी चीजें हैं जो पीरियड्स के दर्द (Period Pain) को कम करने में असरदार होती है. इसके अलावा और भी कुछ घरेलू नुस्खे आजमाए जा सकते हैं जिनसे पीरियड्स के दर्द से राहत मिल जाती है. </p>
<p>अदरक और शहद<br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप अदरक और शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए आप एक चम्मच शहद और एक चम्मच अदरक का रस लें। इन दोनों को अच्छी तरह से मिलाएं और फिर सेवन करें। इससे कुछ ही देर में दर्द कम हो जाएगा। साथ ही, यह गैस और क्रैम्प्स की समस्या से राहत दिलाने में भी मददगार होता है।</p>
<p>गर्म पानी से सिकाई करें<br />गर्म पानी से सिकाई करने से पेट के आसपास की मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे दर्द और ऐंठन से राहत मिल सकती है। इसके लिए एक हीटिंग पै़ड या गर्म पानी की थैली लें और इसे पेट पर रखें। इससे 15-20 मिनट तक सिकाई करें। ऐसा करने से आपको जल्द राहत मिलेगी।</p>
<p>काली किशमिश<br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप काली किशमिश का सेवन कर सकते हैं। यह पीरियड्स के दौरान ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने और हार्मोन को संतुलित करने में मदद कर सकती है। इसके लिए आप सुबह खाली पेट भीगी हुई काली किशमिश का सेवन कर सकती हैं।</p>
<p>गुड़<br />पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाने में गुड़ काफी प्रभावी साबित हो सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-स्पास्मोडिक गुण होते हैं, जो गर्भाशय में होने वाली ऐंठन और दर्द को कम करने में मददगार होता है। अगर आपको पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा दर्द होता है, जो रोजाना एक टुकड़ा गुड़ जरूर खाएं।</p>
<p><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-02/menstrualcramps1705302906.webp" alt="MenstrualCramps1705302906" width="880" height="600"></img></p>
<p>हल्दी वाला दूध<br />पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए आप हल्दी वाले दूध का सेवन कर सकती हैं। दरअसल, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो दर्द और सूजन से राहत दिला सकते हैं। इसके लिए आप एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। इससे आपको जल्द राहत मिल सकती है।</p>
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                                                            <category>Health</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 15:54:52 +0530</pubDate>
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