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                <title>Supreme Court - Nirpakh Post</title>
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                <description>Supreme Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डॉग लवर्स से स्पेस मांगने जा रही है MCD, इतने वार्डों में बनेगा फीडिंग प्वाइंट्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">दिल्ली के डॉग लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को नगर निगम (एमसीडी) जल्द ही बुलाएगा और उनसे राय लेगा. निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दिल्ली में सभी 250 वार्डों में कुत्तों की फीडिंग के लिए प्वाइंट्स बनाने जा रहा है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने कहा सभी 250 वार्डों में फीडिंग प्वाइंट्स तय करने के लिए बैठकें की जा रही हैं. इन प्वाइंट्स को रिहायसी इलाकों से दूर रखा जाएगा ताकि संभावित स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं से बचा जा सके. पशु चिकित्सा विभाग, स्वच्छता विभाग, आरडब्ल्यूए, स्थानीय प्रतिनिधि और निवासी के साथ चर्चा चल रही है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/%E0%A4%A1%E0%A5%89%E0%A4%97-%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%B8-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88-mcd-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%A8%E0%A5%87/article-3164"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-08/fv6raw2aiaeedrg.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">दिल्ली के डॉग लवर्स और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं को नगर निगम (एमसीडी) जल्द ही बुलाएगा और उनसे राय लेगा. निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दिल्ली में सभी 250 वार्डों में कुत्तों की फीडिंग के लिए प्वाइंट्स बनाने जा रहा है. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने कहा सभी 250 वार्डों में फीडिंग प्वाइंट्स तय करने के लिए बैठकें की जा रही हैं. इन प्वाइंट्स को रिहायसी इलाकों से दूर रखा जाएगा ताकि संभावित स्वास्थ्य और सुरक्षा चिंताओं से बचा जा सके. पशु चिकित्सा विभाग, स्वच्छता विभाग, आरडब्ल्यूए, स्थानीय प्रतिनिधि और निवासी के साथ चर्चा चल रही है ताकि फीडिंग प्वाइंट्स व्यावहारिक और सुरक्षित दोनों हों.</p>
<p style="text-align:justify;"><br />उन्होंने कहा, "यह काम योजनाबद्ध तरीके से करना होगा. 200 से अधिक वार्डों में सुरक्षित स्थानों की पहचान करना आसान नहीं है, इसलिए विभिन्न विभागों और हितधारकों से परामर्श बेहद जरूरी है. यदि कोई डॉग लवर या पशु कल्याण कार्यकर्ता भूमि या उचित जगह उपलब्ध कराता है, जहां कुत्तों को खिलाया जा सके, तो ऐसे स्थलों को आधिकारिक सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा.''</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली सबसे अधिक आवारा कुत्तों की आबादी वाले शहरों में से एक है और यह मुद्दा अक्सर निवासियों, फीडर्स और नगर निकायों के बीच विवाद का कारण बनता है. एमसीडी ने कहा कि उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने पर काम शुरू कर दिया है. </p>
<p style="text-align:justify;">योजना है कि द्वारका सेक्टर 29 और बेला रोड पर डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएं, जहां आक्रामक कुत्तों को रखा जा सके. दोनों स्थानों पर पर्याप्त जगह है और पहले से ही एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) केंद्र और केनेल मौजूद हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर अपने आदेश में संशोधन किया था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि कुत्तों को पकड़ने के बाद उनका स्टरलाइजेशन (नसबंदी) और वैक्सिनेशन (टीकाकरण) हो. इसके बाद उन्हें उसी जगह छोड़ दिया जाए जहां से उन्हें लाया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-08/fv6raw2aiaeedrg.jpeg" alt="Fv6raw2aIAEeDRG" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/68add468444f6/article-3163">पंजाब में माधोपुर हेडवर्क्स का फ्लड गेट टूटा, 50 लोग फंसे</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि  रैबीज से ग्रस्त और खतरनाक कुत्तों को डॉग शेल्टर होम में ही बंद रखा जाएगा. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), एनसीआर और दूसरे नगर निगम हर क्षेत्र में डॉग फीडिंग एरिया बनाए. यहीं लोग खाना दें. साथ ही निगम हेल्पलाइन नंबर जारी करे, ताकि यहां शिकायत हो सके कि डॉग फीडिंग एरिया की बजाय सड़क और गली में खाना दिया जा रहा है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Aug 2025 18:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के 52वें CJI बने जस्टिस बीआर गवई ! राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नए मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई (CJI BR Gavai) पद की शपथ लेते ही सबसे पहले मां के पास गए और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. वह देश के 52वें सीजेआई हैं. ये दिन न सिर्फ जस्टिस गवई बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए बेहद खास है इसलिए पूरा परिवार उनके शपथ ग्रहण में शामिल हुआ. मां के पैर छूने के बाद जस्टिस गवई परिवार के अन्य सदस्यों से भी मिले.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस गवई की मां कमल ताई गवई महाराष्ट्र के अमरावती से दिल्ली पहुंची थीं ताकि वह बेटे के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हों. सीजेआई गवई ने शपध लेते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/justice-br-gavai-became-the-52nd-cji-of-india/article-1704"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/gq5jyuhxiaapluv.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नए मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई (CJI BR Gavai) पद की शपथ लेते ही सबसे पहले मां के पास गए और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. वह देश के 52वें सीजेआई हैं. ये दिन न सिर्फ जस्टिस गवई बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए बेहद खास है इसलिए पूरा परिवार उनके शपथ ग्रहण में शामिल हुआ. मां के पैर छूने के बाद जस्टिस गवई परिवार के अन्य सदस्यों से भी मिले.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस गवई की मां कमल ताई गवई महाराष्ट्र के अमरावती से दिल्ली पहुंची थीं ताकि वह बेटे के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हों. सीजेआई गवई ने शपध लेते ही सबसे पहले मां से आशीर्वाद लिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें सीजेआई पद की शपथ दिलाई. फिर वह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और अन्य केंद्रीय मंत्रियों और मेहमानों से मिले.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस गवई 6 महीने से ज्यादा समय के लिए सीजेआई के पद पर रहेंगे, नवंबर में वह 65 साल के हो जाएंगे. राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में एक संक्षिप्त समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई. जस्टिस गवई ने हिंदी में शपथ ली. जस्टिस संजीव खन्ना का सीजेआई के तौर पर कार्यकाल मंगलवार (13 मई, 2025) को समाप्त हो गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस गवई को 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत किया गया था. उनका कार्यकाल छह महीने से अधिक समय का होगा और वह 23 नवंबर तक पद पर रहेंगे. महाराष्ट्र के अमरावती में 24 नवंबर, 1960 को जन्मे जस्टिस गवई को 14 नवंबर, 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था. वह 12 नवंबर, 2005 को हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश बने.</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/gq5jyuhxiaapluv.png" alt="Gq5JyUhXIAAPLUV" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/bjp-minister-col-sofiya-qureshi-controversy/article-1703">हाईकोर्ट का आदेश- MP के मंत्री शाह पर FIR करें ! DGP को कहा- आज ही केस करें</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट में कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं. वह 16 मार्च, 1985 को बार में शामिल हुए थे और नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील थे. जस्टिस गवई को अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था. उन्हें 17 जनवरी, 2000 को नागपुर पीठ के लिए सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था.</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/national/justice-br-gavai-became-the-52nd-cji-of-india/article-1704</link>
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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 18:58:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकिमीडिया को भारत की मानहानिकारक सामग्री हटानी होगी, न्यायालय ने आदेश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  विकिपीडिया के संचालक को भारतीय न्यायालय द्वारा मानहानिकारक माने जाने वाले बयानों को उसके द्वारा होस्ट की जाने वाली घरेलू समाचार एजेंसी के पेज से हटाने का आदेश दिया गया है, जो कि लोकप्रिय ऑनलाइन विश्वकोश के लिए इस तरह का नवीनतम निर्देश है।</p>
<p style="text-align:justify;">विकिमीडिया फाउंडेशन, एक्स, पूर्व में ट्विटर के बाद दूसरा प्रमुख तकनीकी मंच है, जो हाल के वर्षों में भारत में सामग्री हटाने के आदेशों को लेकर अदालती लड़ाई में उलझा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल एजेंसी, एएनआई ने विकिपीडिया के वर्णन का हवाला देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि के लिए विकिमीडिया पर मुकदमा दायर किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/wikimedia-must-remove-content-defamatory-of-india/article-1160"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-04/download-(12).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> विकिपीडिया के संचालक को भारतीय न्यायालय द्वारा मानहानिकारक माने जाने वाले बयानों को उसके द्वारा होस्ट की जाने वाली घरेलू समाचार एजेंसी के पेज से हटाने का आदेश दिया गया है, जो कि लोकप्रिय ऑनलाइन विश्वकोश के लिए इस तरह का नवीनतम निर्देश है।</p>
<p style="text-align:justify;">विकिमीडिया फाउंडेशन, एक्स, पूर्व में ट्विटर के बाद दूसरा प्रमुख तकनीकी मंच है, जो हाल के वर्षों में भारत में सामग्री हटाने के आदेशों को लेकर अदालती लड़ाई में उलझा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले साल एजेंसी, एएनआई ने विकिपीडिया के वर्णन का हवाला देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि के लिए विकिमीडिया पर मुकदमा दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि इसे सरकार के "प्रचार उपकरण" होने के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा और ऐसे बयानों को हटाने की मांग की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">गुरुवार को एक आदेश में, न्यायालय ने कहा, "आक्षेपित बयान... मानहानिकारक हैं और एएनआई की पेशेवर प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं, और उन्हें हटाया जाना चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">फाउंडेशन ने फैसले पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया और यह नहीं पूछा कि क्या वह अपील करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रॉयटर्स, जो एएनआई में 26% हिस्सेदारी रखता है, ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। इसने पहले कहा था कि यह ANI की व्यावसायिक प्रथाओं या संचालन में शामिल नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालय इस मामले की सुनवाई जारी रखेगा, जिसमें ANI ने लगभग 20 मिलियन रुपये का हर्जाना और विकिमीडिया से माफ़ी मांगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">ANI के वकील सिद्धांत कुमार ने एक बयान में रॉयटर्स को बताया कि यह फ़ैसला "प्रतिष्ठा के मौलिक अधिकार की पुष्टि करता है"।</p>
<p style="text-align:justify;">विवाद के परिणामस्वरूप, यू.एस.-आधारित विकिमीडिया ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मुक्त भाषण के बारे में सवाल उठाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अक्टूबर में, न्यायालय ने विवाद से संबंधित एक विकिपीडिया पृष्ठ को हटाने का आदेश दिया, इसे "न्यायालय की कार्यवाही में हस्तक्षेप" कहा, जिसके कारण विकिमीडिया को जनवरी में सर्वोच्च न्यायालय जाना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-04/download-(12).jpeg" alt="download (12)" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">विकिमीडिया ने अपने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल किए गए दस्तावेज़ में कहा कि "चयनात्मक और स्थायी निष्कासन... मुक्त भाषण पर एक भयावह प्रभाव डालता है, और ज्ञान तक पहुँच को प्रतिबंधित करता है"।</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/mohinder-bhagat-listened/article-1158">मोहिंदर भगत ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की समस्याएँ सुनीं, उचित माँगों के तत्काल समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश</a></p>
<p style="text-align:justify;">X 2021 में भारतीय किसानों के विरोध प्रदर्शन के बारे में कुछ पोस्ट को ब्लॉक करने के सरकारी आदेशों को भी चुनौती दे रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Tech</category>
                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.nirpakhpost.in/national/wikimedia-must-remove-content-defamatory-of-india/article-1160</link>
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                <pubDate>Fri, 04 Apr 2025 13:38:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को 'अश्लील' टिप्पणी के लिए लगाई फटकार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के सिलसिले में यूट्यूब सेलिब्रिटी रणवीर अल्लाहबादिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से ऐसे उपाय सुझाने को कहा, जिससे ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण को रोका जा सके, जो "हमारे समाज" के मानदंडों के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने यूट्यूबर और विवादास्पद यूट्यूब शो पर उनकी टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि हास्य की आड़ में गंदी भाषा का इस्तेमाल करना प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं है। "वे कहते हैं कि ऐसे कार्यक्रमों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/entertainment/youtuber-ranveer-allahabadia-case/article-702"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-03/ranveer_1739463133929_1739763333949.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के सिलसिले में यूट्यूब सेलिब्रिटी रणवीर अल्लाहबादिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से ऐसे उपाय सुझाने को कहा, जिससे ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण को रोका जा सके, जो "हमारे समाज" के मानदंडों के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने यूट्यूबर और विवादास्पद यूट्यूब शो पर उनकी टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि हास्य की आड़ में गंदी भाषा का इस्तेमाल करना प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं है। "वे कहते हैं कि ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण या प्रसारण को रोकने के लिए, जो हमारे समाज के ज्ञात मानदंडों के अनुसार स्वीकार्य नहीं हैं, कुछ नियामक उपायों की आवश्यकता हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमने एसजी से ऐसे उपायों पर विचार-विमर्श करने और सुझाव देने का अनुरोध किया है, जो बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करेंगे, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रभावी भी होंगे कि यह 19(4) की सीमाओं के भीतर है," बार और बेंच ने कोर्ट के हवाले से कहा। कोर्ट ने कहा कि कोई भी मसौदा नियामक उपाय किसी भी विधायी या न्यायिक उपाय को अपनाने से पहले सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक डोमेन में लाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा, "हम इस कार्यवाही के दायरे का विस्तार करना चाहते हैं।" न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ऐसी विनियामक व्यवस्था नहीं चाहता है जो सेंसरशिप की ओर ले जाए। "लेकिन यह सभी के लिए मुफ़्त नहीं हो सकता," उन्होंने लाइव लॉ के हवाले से कहा। "देखिए, उनके पास हास्य की गुणवत्ता क्या है... हास्य एक ऐसी चीज़ है जिसका पूरा परिवार आनंद ले सकता है, कोई भी शर्मिंदा महसूस नहीं करता। गंदी भाषा का इस्तेमाल करना प्रतिभा नहीं है," उन्होंने कहा। उन्होंने कहा कि "बहुत सीमित विनियामक उपाय हो सकते हैं जो सेंसरशिप की ओर न ले जाएँ" लेकिन उनमें "नियंत्रण का कुछ तत्व" होना चाहिए। "यह भावी पीढ़ी को खिलाने का भी सवाल है। कुछ करने की ज़रूरत है। अगर कोई चैनल पर कुछ देखना चाहता है, तो उसे देखने दें," उन्होंने कहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-03/ranveer_1739463133929_1739763333949.jpg" alt="Ranveer_1739463133929_1739763333949" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/the-district-administration/article-705">जिला प्रशासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग और दानी सज्जनों के सहयोग से 11 जरूरतमंद लड़कियों के विवाह करवाए</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, पॉडकास्टर को राहत देते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने अल्लाहबादिया को सोशल मीडिया पर अपने पॉडकास्ट और शो अपलोड करने की अनुमति दे दी। पिछली सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उनसे पॉडकास्ट प्रसारित करने से मना किया था। बार एंड बेंच के अनुसार, अदालत ने कहा, "इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। सिर्फ इसलिए कि आप लोकप्रिय हैं, आप समाज को हल्के में नहीं ले सकते। क्या धरती पर कोई ऐसा है जो इस भाषा को पसंद करेगा? उसके दिमाग में कुछ बहुत गंदा है जो उगल दिया गया है। हमें उसकी सुरक्षा क्यों करनी चाहिए।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Entertainment</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 18:22:40 +0530</pubDate>
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                <title>यूट्यूबर अलाहबादिया को सुप्रीम कोर्ट से फटकार:कहा- इनके दिमाग में गंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूट्यूब सेलिब्रिटी रणवीर इलाहाबादिया की समय रैना के इंडियाज गॉट लेटेंट शो में अश्लील टिप्पणी करने के लिए कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पॉडकास्टर के दिमाग में कुछ "बहुत गंदा" था जिसे उसने शो में 'उगल दिया'।</p>
<p>  बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा, "इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। सिर्फ इसलिए कि आप लोकप्रिय हैं, आप समाज को हल्के में नहीं ले सकते। क्या धरती पर कोई ऐसा है जो इस</p>
<p>"</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/national/supreme-court-slams-ranveer-allahbadia/article-503"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-02/gkd2ogtbmaa2gzb.jpeg" alt=""></a><br /><p>सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को यूट्यूब सेलिब्रिटी रणवीर इलाहाबादिया की समय रैना के इंडियाज गॉट लेटेंट शो में अश्लील टिप्पणी करने के लिए कड़ी आलोचना की और कहा कि इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि पॉडकास्टर के दिमाग में कुछ "बहुत गंदा" था जिसे उसने शो में 'उगल दिया'।</p>
<p> बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा, "इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। सिर्फ इसलिए कि आप लोकप्रिय हैं, आप समाज को हल्के में नहीं ले सकते। क्या धरती पर कोई ऐसा है जो इस तरह की भाषा पसंद करेगा? उसके दिमाग में कुछ बहुत गंदा है जो उगल दिया गया है। हमें उसकी सुरक्षा क्यों करनी चाहिए।</p>
<p>" रणवीर इलाहाबादिया ने यूट्यूब पर शो के दौरान अपनी कथित अरुचिकर टिप्पणियों को लेकर दर्ज एफआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। वह सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ना चाहते थे। जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने पॉडकास्टर को राहत देते हुए उसे गिरफ्तारी से बचा लिया। सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को यूट्यूब पर कोई और शो प्रसारित करने से भी रोक दिया है।<img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-02/gkd2ogtbmaa2gzb.jpeg" alt="GkD2ogTbMAA2Gzb" width="900" height="900"></img></p>
<p><strong>Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/punjab-government%E2%80%99s-big-action/article-501">भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार की बड़ी कार्रवाई, मुक्तसर का डीसी बदला और निलंबित</a></strong></p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को अपना पासपोर्ट जमा करने और बिना पूर्व अनुमति के देश नहीं छोड़ने का निर्देश दिया। जस्टिस कांत ने कहा, "अगर इसी तरह के आरोपों पर जयपुर में कोई और एफआईआर दर्ज होती है, तो याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। याचिकाकर्ता को अपना पासपोर्ट ठाणे पुलिस स्टेशन में जमा करना होगा। वह इस अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेगा।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Entertainment</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 15:49:14 +0530</pubDate>
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