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                <title>Mohali District Court - Nirpakh Post</title>
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                <description>Mohali District Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बिक्रम मजीठिया को नहीं मिली राहत , पंजाब सरकार ने रिपोर्ट की दाख़िल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका और जेल में बैरक बदलने की मांग पर आज (25 जुलाई) मोहाली अदालत में सुनवाई हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है, लेकिन इस पर अब 30 जुलाई को सुबह 10 बजे बहस होगी। फिलहाल मजीठिया को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मजीठिया के वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने बताया कि अदालत में दो याचिकाएं लगी थीं। पिछली सुनवाई में अदालत ने एडीजीपी जेल से रिपोर्ट मांगी थी, जो आज सीलबंद लिफाफे में दाखिल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE-%E0%A4%AE%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87/article-2747"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-07/fz3rsbhacaaddvu.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार शिअद नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका और जेल में बैरक बदलने की मांग पर आज (25 जुलाई) मोहाली अदालत में सुनवाई हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल कर दिया है, लेकिन इस पर अब 30 जुलाई को सुबह 10 बजे बहस होगी। फिलहाल मजीठिया को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मजीठिया के वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने बताया कि अदालत में दो याचिकाएं लगी थीं। पिछली सुनवाई में अदालत ने एडीजीपी जेल से रिपोर्ट मांगी थी, जो आज सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई। सरकार ने इसे गोपनीय दस्तावेज मानने की अपील की, जिसे अदालत ने फाइल का हिस्सा बना लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">वकीलों ने इस रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, जो उन्हें मिल गई है। बैरक बदलने से जुड़ी याचिका पर बहस 2 अगस्त को होगी। मजीठिया फिलहाल 2 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में हैं और आज उनकी गिरफ्तारी को एक महीना पूरा हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मजीठिया के वकील अर्शदीप सिंह कलेर व दमबीर सिंह सोबती ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 2021 में मजीठिया के खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया था, उसमें अब तक चालान पेश नहीं किया गया है। सरकार के पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में भी सरकार के पास कुछ भी नहीं है। वहीं अब तीसरा केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">विजिलेंस अभी तक कोई पुख्ता एविडेंस जुटा नहीं पाई है। अब जबरन तथ्य पैदा किए जा रहे हैं। हम कोर्ट से पूरे मामले की जांच की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग करेंगे। वकीलों ने कुछ ऐसे लोगों के नाम भी बताए जिनका विजिलेंस से कोई लेन-देन नहीं है, लेकिन अब वे जांच कर रहे हैं। इनमें दिल्ली के एक रिटायर्ड सीबीआई अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आय से अधिक संपत्ति मामले में जिन कंपनियों को मजीठिया से जुड़ा बताया गया था, वे भी जांच में टिक नहीं पाईं। वकीलों ने दो नाम गिनाए, जिन लोगों को घर से उठाया गया था। जब उनके परिवार वाले हाईकोर्ट पहुंचे तो उन्हें छोड़ दिया गया। उन पर मजीठिया के खिलाफ बयान देने का दबाव बनाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही कहा है कि वरना नशे के केस में फंसा देंगे। आज भी कोर्ट में एक व्यक्ति का बयान जबरन करवाने की कोशिश की जाएगी। उसकी भी तैयारी की गई है। उस सिम कार्ड भी उससे जोड़ा जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also ; <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%97%E0%A4%8F-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A3-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A4%B2%E0%A5%87/article-2745">पंजाब कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसले</a></p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-07/fz3rsbhacaaddvu.jpeg" alt="FZ3RsBHacAAdDvu" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">विजिलेंस ने मजीठिया को 25 जून को अरेस्ट किया था। वहीं, अब तक 2021 में कांग्रेस सरकार के समय दर्ज मामले के तहत तत्कालीन डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय, ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर, मजीठिया के पूर्व पीए सहित कुल 6 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।पंजाब, हिमाचल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर उनकी संपत्तियों की जांच की गई है। सरकार का दावा है कि केस बेहद मजबूत है, जबकि मजीठिया के वकीलों का कहना है कि मामले में कोई दम नहीं है। उनका आरोप है कि सरकार मीडिया में तो बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन अदालत में उसके वकील पीछे हट जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Politics</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 17:14:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब के 20 साल पुराने मामले में जगतार हवारा बरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मोहाली की जिला कोर्ट ने पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी बब्बर खालसा इंटरनेशनल (‌BKI) के आतंकी जगतार हवारा को 20 साल पुराने एक अन्य मामले में बरी किया है। खरड़ थाने में उस पर विस्फोटक सामग्री संबंधी केस 2005 में दर्ज किया गया था। इस दौरान वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ था। इससे पहले वह मोहाली के सोहाना थाने से बरी हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, हवारा समेत कुछ लोगों के खिलाफ खरड़ थाने में 2005 में एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.nirpakhpost.in/breaking-news/jagtar-hawara-explosive-war-case-acquittal/article-1761"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/400/2025-05/download5.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">मोहाली की जिला कोर्ट ने पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी बब्बर खालसा इंटरनेशनल (‌BKI) के आतंकी जगतार हवारा को 20 साल पुराने एक अन्य मामले में बरी किया है। खरड़ थाने में उस पर विस्फोटक सामग्री संबंधी केस 2005 में दर्ज किया गया था। इस दौरान वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुआ था। इससे पहले वह मोहाली के सोहाना थाने से बरी हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, हवारा समेत कुछ लोगों के खिलाफ खरड़ थाने में 2005 में एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट 1908 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। हालांकि, उस समय न तो हवारा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और न ही उसके पास से कोई रिकवरी हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह साल 1998 में जगतार हवारा पर IPC की धारा 153A (जाति- धर्म और भाषा के नाम पर दुश्मनी को बढ़ावा देना), 124 A (देशद्रोह), 225 (किसी अपराधी की गिरफ्तारी में बाधा डालना), 120 B (आपराधिक साजिश रचने) और 511 (आजीवन कारावास के दंड जैसा अपराध) करने का केस दर्ज हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक साल पहले उसे इस केस में बरी कर दिया गया था। दोनों मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई थी। चंडीगढ़ में विस्फोटक और देशद्रोह के 2 केसों में वह पहले ही बरी हो चुका है। जगतार हवारा इस वक्त पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">Read Also : <a class="post-title-lg" href="https://www.nirpakhpost.in/punjab/chief-minister-bhagwant-mann-invited-to-visit-seechewal/article-1760">मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीचेवाल आने का निमंत्रण</a></p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली की जेल में बंद हवारा पंजाब की जेल में रहना चाहता है। उसने इस संबंधी एक याचिका कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि वह तिहाड़ जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी है और उसके खिलाफ दिल्ली में कोई मामला दर्ज नहीं है। वर्तमान में वह पंजाब में दर्ज एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.nirpakhpost.in/media/2025-05/download5.jpeg" alt="download" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वह पंजाब राज्य के फतेहगढ़ साहिब जिले का मूल निवासी है। उसे पंजाब की जेल में ही रखा जाना चाहिए। उसे 21 सितंबर 1995 को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद उस पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का मुकदमा चला और उसे दोषी ठहराया गया। वह अपनी गिरफ्तारी की तारीख से लेकर आज तक जेल में है। वह 29 साल से ज्यादा समय से जेल में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 15:17:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लॉरेंस इंटरव्यू केस में बर्खास्त डीएसपी पहुंचा अदालत , जमानत याचिका की दायर</title>
                                    <description><![CDATA[ Dismissed DSP Gursher Singh  गैंगस्टर लॉरेंस का पुलिस कस्टडी में हुए इंटरव्यू मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह अंडरग्राउंड चल रहा है। वहीं, अब उसने 2024 में दर्ज एक अन्य एफआईआर में जमानत याचिका मोहाली जिला अदालत में दायर की है। इसमें मुख्य रूप से दो दलीलें उनकी तरफ से दी गई हैं। जिस पर […]
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br />
<p><strong> Dismissed DSP Gursher Singh </strong></p>



<p>गैंगस्टर लॉरेंस का पुलिस कस्टडी में हुए इंटरव्यू मामले में बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह अंडरग्राउंड चल रहा है। वहीं, अब उसने 2024 में दर्ज एक अन्य एफआईआर में जमानत याचिका मोहाली जिला अदालत में दायर की है। इसमें मुख्य रूप से दो दलीलें उनकी तरफ से दी गई हैं।</p>



<p>जिस पर आज (सोमवार) को सुनवाई होनी है। इस दौरान सरकारी पक्ष की तरफ से अपनी दलीलें पेश की जाएंगी। हालांकि पहले चर्चा यहां तक की थी कि वह विदेश भाग चुका है। हालांकि पंजाब पुलिस की तरफ से उनका एलओसी पहले ही जारी किया गया है।</p>



<p>याचिका में गुरशेर सिंह सिद्धू ने मुख्य रूप से दो दलीलें दी हैं। उसका कहना है कि मोहाली के स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर गलत है। बलजिंदर सिंह उर्फ टाहला की शिकायत की जांच मोहाली के तत्कालीन एसएसपी संदीप गर्ग ने की थी।</p>



<p>जिन्होंने शिकायत को झूठा पाया था। हालांकि बाद में एफआईआर रोपड़ के एसपी द्वारा की गई जांच के आधार पर की गई थी। जो कि एसएसपी गर्ग से जूनियर है। अर्जी में दूसरी दलील है कि लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू विवाद में भी उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है।</p>



<p><strong>Read Also :</strong> <a href="https://nirpakhpost.in/2025/01/13/%E0%A4%AB%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%82%E0%A4%AA/">फाजिल्का में पेट्रोल पंप कर्मचारी की लगी लॉटरी ,200 रुपए के टिकट पर निकला 90 हजार का इनाम</a></p>



<p>बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह संधू के खिलाफ स्टेट क्राइम पुलिस स्टेशन, मोहाली में गंभीर आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर नंबर 33 में संधू पर भारतीय दंड संहिता की धारा 417, 465, 467, 468, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13/2 के तहत मामला दर्ज हुआ है।</p>



<p>शिकायत में आरोप है कि डीएसपी रहते हुए संधू ने अपने कार्यकाल के दौरान भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया और फर्जी शिकायतें दर्ज करवा कर उनसे जबरन समझौता कराया। इस प्रकरण में बलजिंदर सिंह उर्फ टाला ने अपनी जान के खतरे की आशंका जताते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि डीएसपी संधू ने उससे शिकायतें दर्ज करवाई और फिर पीड़ितों से समझौता करवा कर पैसे वसूले।</p>



<p>विजिलेंस विभाग भी मामले की अलग से जांच कर रहा है, और अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे ये शिकायतें डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को मार्क होती रहीं और कैसे समझौते के नाम पर फाइल कर दी गई।</p>



<p><strong> Dismissed DSP Gursher Singh </strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Punjab</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 10:07:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Nirpakh News]]></dc:creator>
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